पहले ही हो चुका होता अगर तुमने सही तस्वीर वहां तक पहुंचने दी होती!
तुम तो आंदोलन को दहशतगर्दो और चीनी एजेंट का बताते रहे | अभी तक जनता को ही नाराजगी थी अब सरकार को चिढ़ मची है आप लोगो की चरम चापलूसी से | कल भी आपके सूत्र बताते रहे कि इस्तीफा नहीं होगा - सरकार जहाँ जो नहीं चाहती वो भी तुम्हे सरकार का favour दिखाना है क्यूँ?
डॉक्टर अगर बीमारी छिपाकर सिर्फ़ रिपोर्ट को normal बताता रहे, तो मरीज बीमारी से नहीं, सच छिपाने से मर जायेगा कि नहीं ||
#Media की बची-खुची Credibility भी इस बात के साथ खत्म हो जाती है
कि ये कल बता रहे थे कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं होगा...
और मैंने ये कल रात को ही कह दिया था कि अगर इन्होंने कहा ही है कि इस्तीफा नहीं होगा तो ये इस्तीफा जरूर होगा...
इस इस्तीफे ने हम सबको लोकतंत्र का एहसास कराया है।
और अब सरकार से ये विनती है कि वो एक कमेटी बनाए जो Protest का प्रतिनिधित्व करने वाले लोगों से भी मिले, ताकि शिक्षा व्यवस्था में पेपर व्यवस्था में हो रही छोटी-बड़ी खामियों पर चर्चा करके उनका समाधान तुरंत निकाला जा सके...
जड़ से इस Paper leak उद्योग को खत्म किया जा सके
#paperleak #dharmendrapradhan
देशभक्त पार्टी की हक़ीकत जिसको जानना है वो ये पोस्ट पूरा पढ़े !
केंद्र सरकार बंगाल से CRPF की 20 बटालियन एयर लिफ्ट करके दिल्ली ला रही हैं , ताकि इस प्रोटेस्ट से निपटा जा सकें ,
लेकिन यही सरकार इन्हीं CRPF जवानों को पुलवामा में By Road भेजा था , और हमारे 40 वीर जवान शहीद हो गए थे ,
इंटेल था कि हमला हो सकता हैं इसलिए एयरलिफ्ट की मांग की गई थी लेकिन सरकार ने मना कर दिया था !
अब जब अपने सरकार की बात है एयर लिफ्ट करके पैरा मिलिट्री फोर्स को दिल्ली लाया जा रहा हैं , सरकार के लिए सत्ता ही सबकुछ हैं,
देश के जवान किसान से कोई मतलब नहीं हैं इन्हें !
अब आपको तय करना है कि आप किसके साथ हैं , देश के साथ या देश के साथ धोख करने वाले लोगों के साथ ?
अगर ऐसी तस्वीरें और वीडियो आने लगे तो दिल्ली पुलिस वालों और देश के लिए गलत होगा पुलिस वालों को भी छात्रो के साथ बरबरता करने से पहले सोचना होगा घर उन्हें अकेले ही जाना है?
₹26 crore bridge built → inaugurated → cracks within 4 days → demolished → repaired with more crores → repeat.
Bihar’s corruption cycle never breaks. Only its bridges do.
📍Buxar, Bihar
ये तैयारी देख रहे हैं आप?
यह तैयारी किसी दुश्मन, किसी अपराधी, किसी गैंग या किसी आतंकी के ख़िलाफ़ नहीं की जा रही।
यह तैयारी उन युवाओं के सामने की जा रही है, जो अपनी शिक्षा, रोजगार, पारदर्शी परीक्षाओं और अपने भविष्य को लेकर सरकार से जवाबदेही माँग रहे हैं।
जब व्यवस्था अपने ही युवाओं को इस नज़र से देखने लगे, तो यह केवल एक आंदोलन का नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों की कसौटी का भी सवाल बन जाता है।