प्यारे साथियो!
UPSI 2025 की परीक्षा में बैठने वाले हर एक अभ्यर्थी ने अपनी जी-जान लगाई है। पारदर्शिता और निष्पक्षता किसी भी परीक्षा की आत्मा होती है। हर अभ्यर्थी को अपनी मेहनत का सटीक परिणाम जानने का पूरा हक है। आइए, एक साथ मिलकर अपनी जायज़ मांग रखें क्योंकि स्कोरकार्ड आपका अधिकार है!
सभी साथी आज सुबह 11 बजे पूरे दमखम के साथ ट्विटर अभियान से जुड़ें।
#Score_Card_जारी_करो
#Release_Score_Card
#UPSI2025 #UPSIScoreCard
@Uppolice@myogiadityanath @upprb
बहन जी आज अलग ही तेवर में थी. जिस तरह से उन्होंने कहा कि “मैं भी पूरी ताक़त लगा दूँगी कोई कमी छोड़ूँगी नहीं” उसके बाद भीड़ का जोश देखिए। यही तो वो वाक्य था जिसे वो सुनना चाहते थे।
भारतीय संविधान के निर्माता,कमजोर एवं अन्य उपेक्षित वर्गों के मसीहा, भारत रत्न परम् पूज्य बाबा साहेब डॉ.भीमराव अंबेडकर जी की जयंती पर शत शत नमन!
#AmbedkarJayanti2025
बसपा समर्थक ने सबसे पहले
सपाईओ को वोट मांगने का तरीका बताया
और कहा
"" हमारा बाप कमज़ोर है तो मै दुसरे को बाप कहने जाऊ !
बोला #बसपा है हमारी पार्टी
#बसपा जिन्दाबाद !!""
जो बोलते है
#बसपा के पास खत्म हो गई है
वो आँख खोलकर देख ले सुनले
1 से 2% वोटो से सत्ता चली जाती है
कमजोर और सबकुछ खोने के बाद 9.5 % पर
खड़ी है पार्टी है
और
ऐसा समर्पण किसी पार्टी के समर्थको अंदर नजर नहीं आएगा ✍️
अखिलेश यादव सरकार में दलित, आदिवासी और पिछड़ा विरोधी फैसले
SC/ST पदोन्नति आरक्षण बिल फाड़ा – अखिलेश यादव ने विधानसभा में एससी/एसटी कर्मचारियों को प्रमोशन में आरक्षण देने वाले बिल को फाड़ दिया।
SC/ST/OBC की छात्रवृत्ति बंद की – समाजवादी सरकार के दौरान एससी/एसटी/ओबीसी छात्रों को दी जाने वाली छात्रवृत्ति को समाप्त कर दिया गया।
सरकारी ठेकों में आरक्षण खत्म किया – एससी/एसटी/ओबीसी वर्ग को सरकारी ठेकों में मिलने वाले आरक्षण को समाप्त कर दिया।
भूमि आवंटन प्राथमिकता खत्म की – अनुसूचित जाति-जनजाति को भूमि आवंटन में प्राथमिकता देने की नीति को समाप्त कर दिया।
SC/ST की जमीन खरीदने का कानून खत्म किया – एससी/एसटी समुदाय की जमीन केवल उन्हीं के द्वारा खरीदी जा सकती थी, इस सुरक्षा प्रावधान को हटा दिया गया।
2.5 लाख SC/ST कर्मचारियों का डिमोशन किया – आरक्षण नीति के तहत पदोन्नत किए गए हजारों एससी/एसटी कर्मचारियों का डिमोशन कर दिया गया।
SC/ST के छात्रावासों में आरक्षण खत्म किया – एससी/एसटी छात्रों के लिए बने हॉस्टलों में अन्य वर्गों को शामिल कर उनकी सीटें कम कर दी गईं।
पुलिस थानों में आरक्षण खत्म किया – एससी/एसटी/ओबीसी वर्ग के लिए पुलिस थानों में पदों के आरक्षण को समाप्त कर दिया गया।
पुलिस भर्ती में फीस समान्य कर दी – पुलिस भर्ती में एससी/एसटी/ओबीसी वर्ग के लिए कम फीस का प्रावधान खत्म कर दिया गया।
विकलांग, गरीबी, विधवा, बीमारी और शादी अनुदान योजना बंद की – एससी/एसटी/ओबीसी वर्ग के लिए चलाई जा रही आर्थिक सहायता योजनाओं को बंद कर दिया गया।
समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव ने सत्ता में रहते हुए PDA (पिछड़ा, दलित, आदिवासी) के कल्याण की बजाय उनके अधिकारों को खत्म करने का काम किया।
🔹 #AntiDalitAkhilesh
🔹 #SPExposed
🔹 #SaveReservation
🔹 #DalitRightsMatter
🔹 #OBC_ST_SC_Justice
🔹 #NoMoreDiscrimination
🔹 #ReservationUnderAttack
🔹 #PDA_Betrayed
🔹 #SocialJusticeForAll
🔹 #AkhileshAgainstDalits
बीएसपी और वीबीए को "बी टीम" कहा जाता है, लेकिन कांग्रेस नहीं। सुप्रिया और ध्रुव राठी के लिए कांग्रेस एक राजनीतिक पार्टी है, जबकि बीएसपी और वीबीए सिर्फ एनजीओ हैं। सच्चाई यह है कि सभी राजनीतिक दल हैं, लेकिन तथाकथित सवर्णों की पाखंडिता हमेशा चरम पर रहती है।
@bspindia@VBAforIndia
देश में सामाजिक परिवर्तन की महानायिका एवं उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद आयरन लेडी सुश्री बहन @Mayawati जी को #जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं मंगलकामनाएं ।
@Mayawati#Happybirthdaybhenji
अनुसूचित जाति का व्यक्ति बसपा से ऐसी अपेक्षा करता है कि जैसे उसके पैदा होते ही उसका समाज शासक वर्ग के रूप में था।
एक अनुसूचित जाति के लिए राजनीति में टिके रहने कितना ज्यादा मुश्किल है, इससे समझे कि बाबू जगजीवन राम जी को केवल इसलिए प्रधानमंत्री बनने नही दिया क्योंकि उनके पुत्र की एक लड़की के साथ ऐसी फ़ोटो खींच ली गयी जो कि वर्तमान में काफी सामान्य बात है।
ऐसे ही आज एक गाँव से एससी समाज का व्यक्ति जो माली का कार्य करते है वो मेरे इंहा समय समय पर गमलों की देखभाल करने आते है। आज आये। चाय पीते हुए उसने कहा कि बसपा तो अब खत्म हो गई है।
मेने उसे कहा कि चलो एक बात अपने अनुभव से बताओ कि;
"अनुसूचित जाति को कौन स्वतंत्र रूप से वोट देना चाहेगा"
उसने कहा कोई भी नही। बाबा साहब तक चुनाव हार गए। उनकी पार्टी का उनके बाद कितने टुकड़े कर दिए गए। अठावले भाजपा दया पर निर्भर है। अभी हाल में हुए चुनाव में बाबा साहब के भाई के पोते राजरतन को 500 वोट भी नही मिले। इसलिए अगर आप सोच रहे है कि एससी के लिए स्वतंत्र राजनीति आसान है तो बड़ी भूल है। उसके बाद भी;
"बसपा ने कई गुणा प्राप्त किया। इतना कि आपकी पहचान बना दी"
वास्तव में अनुसूचित जाति में दो तरह के व्यक्ति है।
1.पहला जो व्यक्तिगत लाभ को प्रमुखता देते है।
2.दूसरा व्यक्तिगत लाभ की जगह समाजिक लाभ के लिए लड़ रहे है।
पहले टाईप के व्यक्ति ही बसपा हाय हाय करते रहते है। वैसे उन्हें में गलत नही कहता क्योंकि उनकी भी इच्छाएं है कि वो भी राजनीतिक पद का मजा ले।
जबकि दूसरा जिसे समाजिक मनोबल, स्वतंत्र राजनैतिक अस्तित्व पर विश्वास है उसे रिजल्ट से कोई फर्क नही पड़ता बल्कि उसकी विचारधारा प्रमुख है। बाबा साहब राजनीतक रूप से असफल नही हुए बल्कि भारतीय सामाजिक वातावरण में उनकी सफलता मुश्किल थी लेकिन बसपा ने इसी वातावरण में रहकर अपने दम पर सत्ता प्राप्त की। यह दलित के लिए उच्चतम से भी उच्चतम शिखर था। लेकिन इसी उच्चतम से भी उच्चतम शिखर पर जब वो खड़ा हुआ तब;
"वाम, कोंग्रेसी, भाजपाई, में भी समाजवादी वाले फर्जी से लेकर सभी एक हो गए। याद करे 2012 के रिजल्ट को। जिसमे भाजपाई, कोंग्रेसी, वाम से लेकर अजगर जातिया, सामान्य वर्ग, लठैत वर्ग, मौलाना से लेकर पंडित तक सभी खुश थे क्योंकि पिछले 5 साल सामने से उन्हें वो वर्ग उच्चतम शिखर पर दिखा जो कभी उनके पूर्वजो की खाट के पास तक खड़े नही हो सकते थे।
"
माली का कार्य करने वाले की आँखों मे आँसू आने मात्र रह गए थे। प्रण लिया कि कभी जिंदगी में "बसपा हाय हाय" नही करूँगा।
विकास कुमार जाटव
@Mayawati@AnandAkash_BSP
"मैं साहब कांशीराम द्वारा शुरू किए सामाजिक राजनैतिक आंदोलन के प्रति सदा समर्पित रहूंगा/रहूंगी। मैं इस आंदोलन को मजबूत करने के लिए सदा प्रयासरत रहूंगा/रहूंगी और बाबा साहेब और साहेब कांशीराम के कारवां को मजबूत करने के हर संभव प्रयास करूंगा/करूंगा।"
मान्यवर कांशीराम साहब के विचार और आंदोलन के प्रति समर्पित प्रत्येक व्यक्ति इसे रीट्वीट करें। प्रत्येक रिट्रीट करने वाले को फॉलो करुंगा।
जय भीम! जय भारत!
भाजपा ने 2027 उत्तर प्रदेश चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। अखिलेश यादव को जेपी मूर्ति पर माल्यार्पण से उन्हें रोका गया। यह दिमाग से ऊपर की बात है कि मात्र एक मूर्ति पर माल्यार्पण से क्यो रोका गया। अब जेपी की मूर्ति पर माल्यार्पण से क्या दिक्कत हो सकती है?
वास्तव में यह पर्दे के पीछे की सैटिंग ज्यादा लग रही है।
अखिलेश यादव के प्रति मुस्लिम नाराज है क्योंकि मुस्लिम विषयो पर अखिलेश 100% गायब रहते है। और इंहा तक कि मोहम्मद साहब तक के अपमान पर अखिलेश गायब है। कोई आंदोलन नही। कोई बयान नही। इस चक्कर में अति उत्साहित मूर्ख दलित जरूर गाजियाबाद में केस दर्ज करवा लिए। अरे केस दर्ज करवाने वाले मूर्ख दलितो अखिलेश यादव से कुछ सीखो।
खैर, पुनः विषय पर आते है। अब अखिलेश यादव को मुस्लिम को दिखाना है कि हम कुछ कर रहे है। इसलिए सम्भवतः सैटिंग की गई, अपने बन्दे भाजपा दफ्तर में भेजकर समझाया गया होगा कि हमने मुस्लिम के लिए कोई आंदोलन नही किया, 110 से ऊपर विधायक, 37 साँसद को चुप रहने को कह रखा है। लेकिन इससे तो मुस्लिम निकल लेंगें तो हमारे पास उत्तर प्रदेश के केवल यादव बचेंगे को मात्र 5% जनसँख्या रखते है। बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश व आसपास की 100 से 200 शीट पर कुछ हजार ही है। उनके सहारे हम गायब हो जाएंगे। इसलिए सम्भवतः पूरी योजना के तहत मामूली से विषय, मूर्ति पर माल्यार्पण, जिससे किसी को क्या दिक्कत हो सकती है, उसे मुद्दा बनाया गया है।
वैसे अखिलेश यादव जी को काफी ज्यादा एक्सपीरियंस हो चुका है उन्हें पता है कि "मुस्लिम जाएगा कँहा?" थोड़ा बहुत ना नुकर करके 95% लाइन लगाकर जय समाजवाद करते बूथ पर खड़े मिलेंगे।
अखिलेश यादव के इस कॉन्फिडेन्स को सलाम।
विकास कुमार जाटव
@Mayawati@AnandAkash_BSP@BhimArmyChief@bspindia
सपा कांग्रेस वालो ने चुनाव में संविधान और आरक्षण के रक्षक बने घूमे रहे थे और आज जब SC-ST के आरक्षण पर हमला हो रहा है तो ये जातिवादी आरक्षण विरोधी चुप्पी साधे बैठे है ।
#Constitution_Amendment