मेरे बहनो के प्रति कोई भी उत्पीड़न मुझे मंज़ूर नहीं है। ऐसा कोई भी शिकायत मेरे पास आता है तो इस्पे तुरंत Action लेता हु और मेरे बहनो को मदद करने की कोशिश करता हु
मैं लगातार जो बोल रहा हूँ,सुनिए कॉंग्रेस के सैम पित्रोदा को,समझिए राहुल गाँधी जी के कारगुज़ारियों को। सोरोस फाउंडेशन का एक ही उद्देश्य है भारत के टुकड़े करो
@ajeetbharti@RelianceDigital सभी सर्विस प्रोवाइडर का भारत में यहीं स्थिति है, मैंने बहुत मगजमारी करके स्पाइस जेट से पैसा रिफंड करवाया है, कस्टमर केयर तो फोन एक घंटे में भी नहीं उठाता है
लाख विरोध सरकार से विपक्षी दल को हो सकता है,पर क्या विदेशी लोगों का नाम मतदाता सूची से बाहर करना और एक व्यक्ति का नाम दों जगह ना हो इसमें सुधार करना कहां से गलत है यह समझ के बाहर कि बात है।
SIR में त्रुटि हो सकता है पर SIR गलत है यह बोलना बहुत ग़लत बात है।
संवैधानिक संस्थाओं पर प्रहार करना सही नहीं है इससे जनता के नज़र में और गिरैगे आप
@nishikant_dubey भारत में दो ही चुनाव आयोग याद रखा जाएगा अभी तक में एक टीएन शेषन जिन्होंने बिहार में ताल ठोक कर जंगल राज के समय निष्पक्ष चुनाव करवाया था और दुसरा ज्ञानेश कुमार जी जिन्होंने मतदाता सूची में इतना व्यापक स्तर पर सुधार करने का काम किया है।
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मैं लद्दाख 2022 में गया था तभी मनाली-लेह मार्ग पर सड़क नाम का कोई चीज नहीं था, पर हां हर जगह ताबड़तोड़ काम चल रहा था और लगभग 70% ब्रिज जो बनें थे या बन रहें थे उसपर माननीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह जी का शिलालेख था , इससे आप समझ सकते हैं कि भाजपा सरकार आने के बाद यह संज्ञान में आया कि लेह लद्दाख मार्ग का भी सड़क बनाना है।
वरना पहले तो यह भी सुनने में आता था कि रास्ता सुगम बनेगा तो दुश्मन आ जायेगा अब यह सुनने में आता है कि मार्ग सुगम बनेगा तो सैना जल्दी अग्रिम मोर्चे पर पहूंच जायेगा।
सब सोच का और निर्णय लेने के क्षमता का अंतर है।
जो काम हुआ है उसपर मोदी जी को हार्दिक बधाई 💐💐
@nishikant_dubey गरीब जनता के लिए हमेशा तैयार रहना आपकि पहली प्राथमिकता हमेशा रहा है, इसि का परिणाम है कि आपसे कोई भी जनता बेहिचक अपना दुख दर्द साझा करते हैं और उसका निदान तुरंत मिलता है।
हर हर महादेव 🙏
आजकल देश में जो विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं कोई वाजिब मुद्दे पर नहीं होता है सबका command & control बाहरी टूल किट से होता है परिणामस्वरूप कोई भी आंदोलन जनता में दिलों पर महत्वपूर्ण छाप नहीं छोड़ पाते हैं। सरकार का विरोध करना सही बात है पर इसके आड़ में देश के संप्रभुता और अखंडता को चुनौती देना कोई भी सरकार और प्रशासन बर्दाश्त नहीं करेगा और करना भी नहीं चाहिए।
हर हर महादेव 🙏
@nishikant_dubey@INCIndia हमलोग जब बच्चे थे तब हीं गांव घर के दिवालों पर लिखा पढ़ते थे कि .... तारीख को दिल्ली रामलीला मैदान चलों , सभी वामपंथी समर्थित पार्टी का लगभग यही नारा होता था।
आज जब सरकार ने रामलीला मैदान प्रदर्शन के लिए दिया है तो लोगों को क्या परेशानी हैं समझ में नहीं आ रहा है।