हरियाणा बसपा युनिट के प्रदेश सचिव हरबिलास रज्जूमाजरा जी की हत्या स�� स्तब्ध हूं। मैंने अपना युवा साथी खोया है। वो बहुजन समाज पार्टी के जुझारू व मेहनती कार्यकर्ता थे और नारायणगढ विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था।
एक युवा जननेता की हत्या दुखद है और प्रदेश में फैले अ��ाजकता का नतीजा है।
भाजपा सरकार में कानून व्यवस्था बेहाल है। चाहे महाराष्ट्र हो, हरियाणा हो या यूपी हो। सत्ता के संरक्षण में अधिकारी मस्त है और जनता असुरक्षित है।
कुदरत उनके परिजनों को यह दुख सहने की ताकत दे।
आज पूरा समाजवाद अम्बानी के इंहा पनीर टिक्का का लुफ्त लेने में व्यस्त है, क्योंकि;
"उत्तर प्रदेश व बिहार विधानसभ�� चुनाव का फंड का जुगाड़ करना है"
वैसे व्यक्तिगत रिस्ते भी हो सकते है, जिसे निभाना भी पड़ता है। और जब पार्टी को चुनाव लड़ने के फंड का मामला हो तब तो डांस करके भी दिखा देंगे।
वैसे आज एक एयर कंडीशनर वाले युवक जिनकी उम्र 25 साल होगी, वो एसी को रिपेयर करते हुई कह रहा था कि;
"नीतीश कुमार ने धोखा दे दिया नही तो मोदी प्रधानमंत्री नही बनते। जब रिजल्ट आ रहा था तब नीतीश मोदी के साथ चल दिये। "
मेने पूछा यह किसने कहा?
किसी समाजवादी नेता का नाम लेने लगे।
वास्तव में सपा कोंग्रेस मुस्लिम कार्यकर्ताओ को समय समय पर यह घुट्टी पिलाती रहती है कि;
1.नीतीश ने धोखा दे दिया नही तो प्��धानमंत्री मोदी नही बनते।
3.मायावती भाजपा की बी टीम है।
2.बस 2 या 4 महीने में सरकार गिरने वाली है।
मेने उसे कहा कि;
1.नीतीश कुमार भाजपा से गठबंधन करके लड़े। फिर धोखा कैसे दे दिया?
2.बसपा अगर भाजपा की बी टीम छोटी तो बसपा का वोट भाजपा के वोट से जोड़ दे, दोनो अधिकतर शीट जीत जाते।
3.भाजपा को अगर नीतीश व चंद्रबाबू नायड�� भी समर्थन वापस ले ले तो भी भाजपा के पास आवश्यक बहुमत है।
लेकिन 2027 के चुनाव तक मुस्लिम कार्यकर्ताओ को यह हो घुट्टी दी जाती रहेगी कि बस 2 या 4 माह में मोदी सरकार गिर जाएगी।
लेकिन यह महत्वपूर्ण है कि;
"बसपा को शुरू से लेकर अंत तक समझ जाना चाहिए कि 2027 के विधानसभा चुनाव में भी मुस्लिम 2% वोट भी बसपा को नही देगा। कड़वा है लेकिन जमीनी स्तर की सच्चाई है क्योंकि बसपा के मुस्लिम नेता जैसे समसुद्दीन राइन या अन्य, उनका मुस्लिम में पकड़ नही है। इसलिए अपनी जो भी रणनीति बनाये, इसे ध्यान में रखकर बनाए"
विकास कुमार जाटव
एक समय था सदन में जय श्रीराम बहुत लगता था मायावती संसद में थी बसपा संसद डंपी से कहा वो कौन सा नारा लगाते हैं तुम्हारे यहां उन्होंने बताया नारा ए तकबीर मायावती ने कहा लगाओ डंपी आरिफ मोहम्मद खान ने लगाया अल्लाह हु अकबर सब मुस्लिम सांसद ने जवाब दे दिया ।
उसके बाद से नारे लगने बंद ।
वो आपको भड़काएंगे,उकसायेंगे,बहकाएंगे,कहेंगे की आरक्ष��� पर खतरा आ गया है.लेकिन;
"आप डटे रहना,कहना की मुद्दा OBC आरक्षण है,आन्दोलन व नेतृत्व ओबीसी करेगा और एससी साथ खड़ा होगा"
मतलब ठुकाई,पिटाई, डंडाई, जेल भराई, संघर्ष एससी करे और ओबीसी धार्मिकता में रंगा रहे.नही चलेगा.
@Mayawati
प्रवचन मे शुद्र अथार्त ओबीसी को महाराज ने कहा की;
"क्या लेकर आये थे क्या लेकर जाओगे
खाली हाथ आये थे, खाली हाथ जाओगे"
सुनकर शुद्रो(OBC) की भीड़ ने "जयजयकार करके कीमती समान प्रवचनकर्ता के सामने लाकर रख दिया।
प्रवचनकर्ता महाराज सभी समेटकर निकल लिए।
#ओबासी_विरोधी_योगी_इस्तीफा_दो
अब्दुल के लिए बसपा सदन में लगातार संघर्ष करती रही है परन्तु इस बात को न तो अब्दुल समझता है और न ही तथाकथित बहुजन पत्रकार यह बात अब्दुल तक सही से पहुंचाते हैं। कितने कमंडल और लाल व यूट्यूबर्��� ने अपने ट्विटर, यूट्यूब चैनल पर यह खबर चलाई है, ट्विटर ट्रेंड कराया? यदि नहीं तो क्यों?
बसप��� राज्यसभा सांसद रामजी गौतम ने संसद में कार्तिक भील हत्याकांड और आदिवासियों पर पड़ रहे अत्याचार के मामले में मजबूत तरीके अपनी बात रखी है।
@ramjigautambsp @bspindia
बसपा सांसद कुँवर दानिश अली जी ने इस मुद्दे को संसद में उठाया और "ईवीएम हटाओ, बैलेट पेपर लाओ" का एक निजी बिल पेश किया और साबित किया कि बसपा सड़क से संसद तक देश, संविधान, लोकतंत्र और भारतीय नागरिकों के हित के लिए लड़ रही है। कृपया हमें दें आपका बहुमूल्य समर्थन..!!*
बसपा सांसद माननीय रितेश पाण्डेय जी ने खेलों में व्याप्त भ्रष्टाचार,जातिगत भेदभाव तथा भाई-भतीजावाद के मामले को सदन में उठाते हुए चिंता व्यक्त की और कहा कि सिर्फ क्रिकेट को छोड���कर हम आज किसी भी खेल में तीसरे स्थान पर भी नहीं है,खेल संघों में सिर्फ सरकारी पैसे का बंदरबांट हो ��हा है।
राजनीति में हार-जीत चलती रहती है लेकिन सबसे दुखदाई स्थिति वह है जब राजनीति में आपका प्रभाव खत्म होने लगे। वंचितों की राजनैतिक हैसियत सच में पतन के कगार पर है। यह बहुत तकलीफदेह है।
सही कहा आपने, लेकिन कुछ लोग इस कड़वे सच को स्वीकार नहीं करना चाहते लेकिन सच्चाई यह है कि उत्तर भारत में दलित राजनीति बिल्कुल हाशिए पर जा पहुंची है। बहुजन दलों और दलित वोटरों के बीच जो कनेक्शन साहब कांशीराम ने पैदा किया था वह खत्म हो चुका है।
पूना पैक्ट ने हमें मताधिकार से वंचित किया, हम जिसे चुनना चाहते हैं, उसे हम चुन नहीं सकते,और जिसे हम चुनना नहीं चाहते, वही हमारा प्रतिनिधि बन जाता है -बाबासाहेब
आज इस मौक़े पर भोपाल में पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच रहूँगा। कुछ देर में आप सभी के साथ फ़ेसबुक LIVE के ज़रिए जुड़ूँगा।
लखीमपुर में दो बहनों की हत्या,���्रदेश में बढ़ रहे दलित उत्पीड़न व महिलाओं पर अत्याचार की घटनाओं पर बसपा विधानसभा में चर्चा चाहती थी परंतु सपा विधायकों की उद्दंडता की वजह से यह न हो सका। सपा दलितों के मुद्दे उठाना ही नहीं चाहती,सपा और भाजपा मिले हुए हैं।
- माननीय उमाशंकर सिंह, बसपा
बिहार के अम्बेडकर छात्रावास में गोली लगे छात्रों से मिलने पहुंचे चिराग पासवान से सत्ता के नशे में चूर यादवों ने बदसलूकी की, यादव महिलाओं से हाथापाई करवाई। जंगल राज शुरू हो चुका है...