वहाँ तुम्हारी नाक के नीचे बड़े बड़े स्वीट हाउस इंजन आयल में भजिया समोसा तल के खिला रहे हैं,
मॉल वाले धड़ल्ले से एक्सपायर फ्रूटी माज़ा की डेट बदल के ऑफर में बेच दे रहे
मिलावटी रंग मिला के छोटे छोटे कारखाने पैकेज्ड फ़ूड बना के गांव गांव पहुचा रहे हैं
कपल्स रोमांस के नाम पे ज़हरीली आइसक्रीम “बाबू एक में ही खायेंगे प्यार बढ़ता है” बोल के चापे पड़े हैं ।
और तुम लोग यहाँ बढ़िया बढ़िया ग्राफिक्स और वीडियो बना के लोगों को अवेयरनेस का चूरन चटा रहे हो।
🔥 FSSAI = Food Scam Authority of India 🔥
FSSAI का असली मतलब 👇
•यहाँ सलेक्शन = सेटिंग
•इंस्पेक्शन = दलाली
•लाइसेंस = लूट का पासपोर्ट
•रिसर्च = कॉपी–पेस्ट
•पॉलिसी = उद्योगपतियों की डिक्टेशन
लाखों करोड़ का बजट, फिर भी न मिलावट पर नकेल, न जनता की थाली में सुरक्षा। यहाँ नियम उद्योगपतियों की जेब और मिलावट माफ़िया की मर्ज़ी से लिखे जाते हैं।
👉 नाम रखा है Food Safety Authority of India
लेकिन असल में ये है Food Scam Authority of India।
जनता भूख से नहीं, भ्रष्ट व्यवस्था से ज़रूर मर रही है।
🚨असली चेहरा अब सामने आएगा।
जितने पैसे में 3 MRI मशीनें लगनी चाहिए थीं, उतने पैसे में 1 मशीन लग रही है।
सरकार के नुमाइंदे इस दाम को आराम से जस्टिफ़ाई भी कर लेंगे।
भ्रष्टाचार अब देश की नसों में दौड़ रहा है।
भ्रष्टाचार अब देश में कोई मुद्दा ही नहीं रह गया है।
जैसे ही आप कैंसर के बारे में गूगल पर पढ़ना स्टार्ट करेंगे ,एल्गो आपको तरह तरह के हॉस्पिटल्स , डॉक्टर्स और आयुर्वेदिक दवाइयां सजेस्ट करने लगेगा ,
ये बॉडी रिवाइवल नामक कंपनी मुंबई के डॉ मुनीर खान चलाते हैं, इनकी वेबसाइट के मुताबिक इनको तमाम अवार्ड्स मिले हुए हैं ,
इन्होंने मुंबई और जयपुर में जगह जगह अपने सेंटर्स खोले हुए हैं, कैंसर कर के लिए इनके एक 100 ml के सिरप की कीमत 2022 में 26000 रुपए थी जो मेरे जानने वाले ने जयपुर से मंगाई थी ,
जब आप इनके एम्पलाइज से कॉल पर बात करेंगे तो ये आपको कैंसर ठीक करने की गारंटी देते हैं , डॉ मुनीर खान पर मुकदमे भी हुए लेकिन उनका भारत को कैंसर फ्री करने का बिजनेस चालू है ,
ये सब धंधे कैसे चल रहे हैं , बाबा रामदेव पर IMA और सुप्रीम कोर्ट एक्टिव हो जाता है , लेकिन इन सब पर आंख मूंदे क्यों बैठा है ?
फ्री स्कीमें वोट दिलाएँगी,
लेकिन कैंसर से जूझती जनता किस काम आएगी?
कैंसर का इलाज करोड़ों का,
लेकिन रोकथाम के लिए सरकारी खर्च = लगभग नगण्य
देश में कैंसर मरीज़ क्यों बढ़ रहे हैं
और क्या हैं सरकार की असली प्राथमिकताएँ ?
🧵थ्रेड👇
जो काम पहले डाकू बंदूक लेकर करते थे ,
वो काम अब प्राइवेट अस्पताल बड़ी बड़ी इमारतें बनाकर कर रहे हैं।
माना मीडिया संस्थान सरकार पर नहीं लिख सकते या बोल सकते लेकिन इन प्राइवेट अस्पतालों की धांधलियों पर तो चर्चा कर ही सकते हैं।
🚨सांसदों ने अपने लिए महल जैसे फ्लैट बनवा लिए – चुप्पी
खुद की सैलरी बढ़ा ली – चुप्पी
iPhone–MacBook ले लिए – चुप्पी
लेकिन अगर जनता अच्छे सड़क, अच्छे स्कूल, अच्छे अस्पताल की मांग कर ले…
तो हंगामा, गाली, और देशद्रोही का तमगा मुफ्त में मिल जाता है।
Year after year, SSC aspirants face the same ordeal.
1) No clarity on exam dates.
2) Repeated delays in exams.
3) Cancellation of exams.
4) Mismanagement.
5) Results take ages to arrive.
@DoPTGoI, @dpradhanbjp, @DrJitendraSingh How long will this negligence continue? SSC has become the Stuck & Stalled Commission. Aspirants deserve transparency and accountability. Reforms in SSC are not optional anymore. They are long overdue.
If Sadhguru is a "scamster," what exactly is the scam? He does not sell cures or promote superstition. He speaks about inner wellbeing, mental balance, and conscious living, all of which are increasingly recognized in modern psychology and wellness research.
AIIMS inviting him is not a rejection of science but a step toward integrative health, where mental wellbeing and inner stability are given the attention they deserve alongside physical health.
Scientific temper means being open to explore what improves human life, not rejecting it based on personal bias.
Millions of people across the world have reported real benefits from practices by Sadhguru. Ignoring that is neither scientific nor rational.
Quoting Stephen Vizinczey does not strengthen your argument. It only reveals a mindset that dismisses everything outside its narrow worldview.
If we truly care about public health and the human condition, we must build bridges between science and inner experience, not walls made of arrogance.
@theliverdoc
🔗 Online Rummy = सरकार द्वारा वैध किया गया डिजिटल जुआ
कभी ताश खेलना गुनाह था, आज वही Rummy ऐप्स “स्टार्टअप” बनकर TV, YouTube, IPL और फोन के अंदर घुस चुके हैं।
आइए जानते हैं थ्रेड के माध्यम से इस वैध लत की सच्चाई 🧵👇
🧠 सिर्फ दो चीज़ें फ्री होनी चाहिए इलाज और शिक्षा
🏥 क्योंकि बीमारी अमीर-गरीब नहीं देखती
🏫 और शिक्षा ही हर गरीबी का इलाज है।
बाकी सबकुछ अगर फ्री मिला तो मेहनत कौन करेगा?
क्या आप इससे सहमत हैं?
हां या नहीं Comment में बताइए!
#YeThikKarkeDikhao
बच्चे अपने खिलौनों को सहेज कर रखते हैं…
उन्हें गिरने से बचाते हैं, टूटने पर रोते हैं…
और हमने क्या किया?
हमने उनके सपनों की दीवारें गिरने दीं,
स्कूल की छतें गिरने दीं, और ज़िंदगियाँ मलबे में दफ़न होने दीं।
ना समय पर मरम्मत हुई,
ना किसी की जवाबदेही तय हुई,
बस एक औपचारिक दुख जताकर,
फिर से सब चुप हो गए।
कहाँ है वो संवेदना
जो एक टूटे हुए खिलौने पर भी बच्चे की आँखें नम कर देती है?
हमने तो टूटते बच्चों पर भी
नींद नहीं तोड़ी…
#झालावाड़_मासूमों_को_न्याय_दो
आज मुख्यमंत्री @DrMohanYadav51 जी गुना शहर के दौरे पर हैं । मेरी उनसे प्रार्थना है कि कृपया गुना शहर की सड़कों को भी देखें, हालत बहुत खराब है ।
पहले कोई मुख्यमंत्री आता था तो सड़कों के गड्ढे भर दिए जाते थे इस बार कोई डर नहीं दिखाई दे रहा , कोई गड्ढा नही भरा । @CMMadhyaPradesh
@KHURAPATT आप देख सकते हैं कचरा नाली के छेद में फंस रहा है इस कारण पानी नहीं निकल पा रहा यह पानी कभी भी घर के अंदर भरना शुरू हो जाएगा । @CMMadhyaPradesh
@KHURAPATT एप्प तो अच्छा है पर अधिकारी जो समस्या का समाधान करेंगे वो तो वही हैं । फर्जी फोटो डालकर बता देते हैं निपटारा हो गया । 3 हफ्ते पहले मैने इस कचरे की कम्प्लेंट की थी अब तक इसे नही उठवाया गया ।
मध्य प्रदेश के गुना शहर की नगर पालिका ने कचरा निपटारण की एक अनोखी व्यवस्था शुरू की है इसमें वह इस खुली ट्रॉली में कचरा लेकर जाते हैं और पूरे शहर में ही उसको बिखराकर निपटारण कर देते हैं।
#YeThikKarkeDikhao@DrMohanYadav51@BJP4India@INCIndia@YTKDIndia