खान सर को रोकने की कोशिश नई नहीं है, और हर बार वे पहले से ज्यादा मजबूती से खड़े दिखाई देते हैं।
उनका संदेश साफ है—"एक कोचिंग बंद करवा दोगे तो क्या होगा दूसरी खोल लूंगा, लेकिन छात्रों को पढ़ाना नहीं छोड़ूंगा।"
आज विवादों से ज्यादा बड़ा सच यह है कि लाखों छात्र उनके साथ खड़े हैं। क्योंकि उन्होंने सिर्फ पढ़ाया नहीं, बल्कि उन युवाओं को आत्मविश्वास दिया जिन्हें कभी लगता था कि बड़ी सफलता सिर्फ बड़े शहरों और अंग्रेज़ी बोलने वालों के लिए है।
फैसला अदालत करेगी, लेकिन छात्रों का प्यार और विश्वास किसी अदालत या टीवी डिबेट का मोहताज नहीं होता।
हम हैं न, खान सर। आपको क्या लगता है, हम आपको छोड़ देंगे?
आप अच्छे हैं या खराब, यह बहस का विषय अलग हो सकता है। लेकिन हमारे लिए सबसे पहले यह मायने रखता है कि आप हमारे अपने हैं।
आपने लाखों विद्यार्थियों का साथ दिया है, उन्हें मार्गदर्शन दिया है!
#WeSupportKhanSir