@priyanka2bharti What she will not tell you is that this Rajput girl was raped by Dalits because it doesn't suits her narrative. If case was vice versa she would have been playing caste card. These are shameless creatures.
लक्ष्य कहाँ पर है, जब मंजिल दिखाई दे रहा है बेटा तो लक्ष्य जरूर मिलेगा:- रंजीत यादव
रंजीत यादव ने माहौल बनाया कि उसका UPSC में सेलेक्शन जो गया, बेहतरीन मोटिवेशनल स्पीच दिया। पूर्व विधायक और थानेदार उसको सम्मानित करने पहुंच गए
अब पता चला कि UPSC में बिहार के शेखपुरा के इस रंजीत का नहीं बल्कि कर्नाटक के रंजीत कुमार का हुआ है। ये दिल्ली में मजदूर है
लेकिन आप सिर्फ भाई का कॉन्फिडेंस देखें………
युवा जिला अध्यक्ष है @JmmJharkhand का,
सरकार अपनी है तो किसी का क्या ही डर जिसे चाहे मार दो @DeogharPolice
नींद से उठी नहीं है अभी तक, FIR भी बदला जा रहा है।
नासरीगंज थाना क्षेत्र के तरावं गांव में एक 12 वर्षीय नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म और गला दबाकर हत्या की दर्दनाक घटना सामने आई है। गांव की गली से बच्ची का शव मिला।करीब 7:30 बजे ट्यूशन से छुट्टी होने पर वह अपने छोटे भाई को लेने दूसरे ट्यूशन सेंटर जा रही थी। @RohtasPolice@dm_rohtas
बिहार :रोहतास के नासरीगंज में एक बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर दी गई। कोचिंग से लौटने के दौरान इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया है !!
90% सवर्ण लड़के हैं जो पढ़ने में अव्वल हैं, लेकिन बाप के पास ना जमीन ना पैसा।
फिर भी खुद ट्यूशन दे पढ़ा कर मेडिकल कॉलेज में जाने का सपना रखता है, लेकिन जातिवादी सिस्टम उसके अधिक अंक होने के बाद भी उसको सीट नहीं देती, फिर भी दूसरों को भी कोसता खुद के दम पर जीवन में अच्छा करता है।
एक दलित लड़का है। पढ़ने में अव्वल। लेकिन बाप के पास ना ज़मीन, ना पैसा।
कर्जा लेकर बेटे को मेडिकल कॉलेज में पढ़ने भेजा। लेकिन वहां उसे जाति के कारण अपमानित किया जाता है। तंग आकर वो आत्महत्या कर लेता है।
आखिर कब-तक इस देश में दलितों के बच्चे जातिवाद की भेंट चढ़ते रहेंगे ?
@PratikVoiceObc प्रतीक ये तुझे भी पता है लोग NDA को वोट क्यों देते हैं।
NDA को वोट दिलवाने तुम जैसे लोगों का भी बहुत योगदान है, अगले चुनाव में जीरो करवा दोगे राजद को अगर ऐसे ही जेडीयू के लिए कम करते रहे तो।
कुर्मी एक बहुत ही जागरूक जाति है, हमेशा से शिक्षा की तरफ झुकाव रखता है। बाकी जातियों को इनसे सीखना चाहिए कैसे अपने और अपने समाज के लोगों का भला करना है। प्रतीक पटेल, प्रियंका देशमुख जैसे लोग राजद में हो कर नीतीश जी के लिए कितना वफादारी से काम करते हैं।
कुछ लोगों को लगता है नीतीश कुमार जी के न रहने पर बिहार में कुर्मी समाप्त हो जाएंगे..
ऐसे लोगों को बता दे यूपी में कोई कुर्मी मुख्यमंत्री नहीं रहा फिर भी हर क्षेत्र में आगे है, मध्य प्रदेश में कोई मुख्यमंत्री नहीं फिर भी आगे है, ठीक उसी तरह अन्य हिंदी पट्टी राज्यों का भी हाल है...छत्तीसगढ़ को छोड़ कर..
राजनीति कुर्मी को नहीं लेकिन कुर्मी राजनीति को प्रभावित करते है..कौन मुख्यमंत्री के गद्दी पर बैठा है इसका ज्यादा प्रभाव कुर्मियों के ऊपर नहीं पड़ता..
बात तो सही कहा है आपने,
लेकिन क्या राजद के किसी भी प्रवक्ता को अपने इसके बारे में बात करते सुना है? राजद का ही प्रतीक पटेल, प्रियांशु कुशवाहा, प्रियंका देशमुख( कुर्मी) जैसे लोगों ने बस दूसरों के खिलाफ बोल कर भूमिहार और यादव को अपने सामने कर के हर बार अपने सजातीय को बनाते हैं।
बिहार में अब कुर्मी और अहीर आमने-सामने हैं। अब तक अहीर समुदाय त्रिवेणी संघ की विरासत वाला रिश्ता निभा रहे थे और राजनीति में चाचा–भतीजा वाला समीकरण चल रहा था।
बंधोउपाध्याय रिपोर्ट से स्पष्ट हो गया था कि भूमिहारों के बाद सबसे अधिक ज़मीन कुर्मियों के पास है। ज़मीन कब्ज़ाने और भूमि-संबंधी हिंसा के मामलों में कुर्मी समुदाय अक्सर शीर्ष पर रहा है। आजादी के पहले से अबतक उसकी हिंसा सरंचनात्मक रही है। सरंचनात्मक हिंसा ज्यादा खराब है लेकिन यह अदृश्य होती है।
बिहार के जातीय सर्वेक्षण से भी यह स्पष्ट हो गया था कि अपनी जनसंख्या के अनुपात से कहीं अधिक कुर्मी-कोईरी नौकरी और प्रशासनिक पदों में मौजूद हैं।
ये सभी आँकड़े स्वयं नीतीश कुमार की सरकार में सार्वजनिक हुए हैं न कि लालू प्रसाद,तेजस्वी यादव और न भाजपा ने किया है। खुद शुशासन बाबू ने किया है।
नीतीश कुमार की इस पूरी राजनीतिक संरचना को लव–कुश समीकरण ने मजबूती दी है।
ब्राह्मणों का डर दिखाकर OBC का पूरा राजनीतिक लाभ अकेले कोई समूह नहीं ले सकता। सबका विकास और सम्मान हो।
यदि ब्राह्मणवाद गलत है, तो उसी तर्ज़ पर कुर्मिवाद, कोईरीवाद, अहीरवाद या जाटवाद भी गलत है।
सभी समुदायों को बराबर अधिकार और सम्मान मिलना चाहिए। व्यवस्था संतुलित होनी चाहिए।
~अविनाश जिज्ञासु
“ब्राह्मणवाद क्या है?
आप अपनी बहन-बेटी को सिर्फ ‘स्त्री’ मात्र
नहीं समझ सकते, वह आपका अपना रक्त-संबंध हैं, इसलिए विवाह असंभव है यही सभ्यता ब्राह्मणवाद है,
जहाँ रिश्तों की पहचान,मर्यादा और सीमाएँ हैं
वही ब्राह्मणवाद है,यही संस्कृति है,
और यही समाज को सभ्य बनाए रखने की बुद्धि है।