गृह मंत्री अमित शाह सवर्ण हैं
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सवर्ण हैं
विदेश मंत्री एस जयशंकर सवर्ण हैं
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सवर्ण हैं
परिवहन मंत्री नितिन गडकरी सवर्ण हैं
स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा सवर्ण हैं
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन सवर्ण हैं
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सवर्ण हैं
संगठन में भी अनेक सवर्ण
कई MLA सवर्ण
कई MP सवर्ण
आर्थिक आधार पर 10 % सवर्णों को आरक्षण मोदी जी ने ही दिया है यह याद रखना ।
पहले की सरकारों ने सवर्णों को केवल गालियां दी , मदद नहीं
जबकि आज BJP सरकारें सामान्य वर्गों को सरकारी लाभ दे रही है ।
धैर्य रखें , बाकी सब भी होगा , लेकिन उसके लिए सत्ता में बने रहना जरूरी है , जिसके लिए अभी आरक्षण सुधार की बात करना असंभव है ।
भाजपा न सवर्ण विरोधी है
न ही SC / ST / OBC विरोधी है
भाजपा केवल राष्ट्रविरोधी विचारधारा की विरोधी है और सनातन के खिलाफ षणयंत्र करने वालो की विरोधी है
आरक्षण, आंदोलन और उत्तर प्रदेश की राजनीति
जंतर-मंतर पर लोग जुटे हैं, उत्तर प्रदेश के चुनाव के ठीक पहले, या यूँ कहिए, योगी आदित्यनाथ जी के चुनाव के ठीक पहले।
वहाँ से कह रहे हैं, “आरक्षण हटाओ, नहीं तो हम सरकार हटा देंगे! तुम्हें गद्दी से उतार देंगे!” यह 2029 में होने वाले चुनाव के लिए कहा जा रहा है या यूँ कहें कि मोदी सरकार के लिए?
क्या इससे आरक्षण हट जाएगा?
क्या 240 सीटों वाली पार्टी रातोंरात आरक्षण हटा सकती है?
क्या आज की तारीख में संसद में सभी कानून आसानी से पास हो जा रहे हैं? सबसे अधिक मानसिक संतुलन को हिला देने वाली बात यह है कि वास्तव में हम आरक्षण में संशोधन या उसे खत्म करने की बात कर रहे हैं, जबकि साथ ही सरकार को खत्म करने की बात भी कर रहे हैं!
🔹 यह जोश तब कहाँ था, जब अटल जी की सरकार मात्र एक वोट से गिर गई थी?
🔹 यह जोश तब कहाँ था, जब 15 साल से उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार नहीं थी?
🔹 यह जोश तब कहाँ था, जब टूटी हुई सड़कों पर चलते थे?
🔹 यह धमकी तब कहाँ थी, जब तीन-तीन दिन बिना बिजली के रहते थे?
🔹 यह धमकी तब कहाँ थी, जब बदबूदार ट्रेनों में सफर करते थे?
🔹 यह धमकी तब कहाँ थी, जब 100 किलोमीटर का सफर गड्ढों वाली सड़कों पर पाँच घंटे में तय करते थे? तब क्या मुँह में ज़ुबान नहीं थी कि उस समय की सरकार के खिलाफ आंदोलन करते?
आरक्षण एक बड़ी समस्या है और यदि यह समस्या है, तो इसका समाधान भी होगा, लेकिन साजिश के तहत नहीं। क्योंकि यह एक साजिश है, सीधे-सीधे योगी आदित्यनाथ जी के खिलाफ।
पूरे विपक्ष को पता है कि योगी आदित्यनाथ जी ही वह शख्स हैं, जिनके आने के बाद न तो विपक्ष रहेगा और न देशवासियों के पास समस्याएँ रहेंगी। उन्हें हर हाल में रोकना होगा। आज विपक्ष मोदी जी से नहीं घबराया हुआ है, उनकी अगर कोई घबराहट है तो केवल योगी आदित्यनाथ जी से।
अच्छा, चलिए एक बार हम आरक्षण का समर्थन कर भी देते हैं और मोदी-योगी को सत्ता से हटाने के आपके अभियान में शामिल भी हो जाते हैं। तो कम से कम आपको यह बताना होगा कि हम सबको समर्थन किसका करना है?
किसको सत्ता में लाना है, जो आरक्षण हटा दे? उस पार्टी का नाम बताओ?
और उसके नेता से बयान दिलवा दो कि जब वे सत्ता में आएँगे तो आरक्षण खत्म कर देंगे! हमें पता तो चले कि कौन है, कौन-सी पार्टी है, जो आरक्षण खत्म कर देगी। किस नायक की तलाश आप सबने कर ली है, जिसे पूरा देश हाथों-हाथ ले लेगा और रातोंरात उसकी सरकार बना देगा?
अब असली बात यह है कि यह सारा षड्यंत्र योगी आदित्यनाथ जी को सत्ता से दूर रखने के लिए विपक्षियों द्वारा की जा रही एक भयानक साजिश है। यह आंदोलन वास्तव में आपकी आँखें खोल देने वाला आंदोलन है। ज़रा इस आंदोलन के नायकों की भाषा तो सुनिए।
इसमें कोई संदेह नहीं है कि आरक्षण से तकलीफ नहीं, बल्कि एक वर्ग विशेष को दबाने की कोशिश की जा रही है। इससे इनकार नहीं किया जा सकता है। आंदोलन का जो समय रखा गया है, वास्तव में यह आरक्षण का विरोध नहीं, योगी आदित्यनाथ जी का विरोध है।
अगर आप इन सभी आरक्षण के नायकों से केवल इतना कह दें कि आरक्षण से संबंधित सभी आंदोलन उत्तर प्रदेश में सरकार के चुनाव होने के बाद किए जाएँ, तब आपको पता चलेगा कि आखिरकार यह किस प्रकार का षड्यंत्र है।
पिछले 1000 साल में पहली बार पूरा गंगा बेसिन हिंदू शासन के कंट्रोल में है। और कुछ लोग इस कंट्रोल को खत्म करने के लिए जी-जान से लगे पड़े हैं! उत्तर प्रदेश इसकी अहम कड़ी है। इसे किसी भी कीमत पर खोने का जोखिम नहीं उठाया जा सकता। ऐसे लोगों से सावधान रहने की जरूरत है।
बाकी।
यदि उत्तर प्रदेश आपके हाथ से गया, तो समझिए कि पूरा देश आपके हाथ से जाएगा। और यदि योगी आदित्यनाथ जी को आपने खो दिया, तो दूसरा योगी आदित्यनाथ आपको कभी नहीं मिलेगा। दोबारा कोई योगी आदित्यनाथ आपके लिए नहीं आएगा।
साभार
संजय पाण्डेय शास्त्री
एडवोकेट
जिला एवं सत्र न्यायालय, प्रयागराज
@pushkardhami सर जी वन्हा जाने के लिए जो रोड है वह बहुत खराब है।अगर रोड सही हो जाती तो श्रद्धालुवों को दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा
कृपया रोड का डामरीकरण करवा दीजिए आपकी बहुत कृपया होगी।
धन्यवाद 🙏
प्रदीप रावत
ओवेशी साहब, अगर कल आप गुंडई और हथियार की नोक पर किसी संत के सिर पर अपनी टोपी लगा दें तो क्या उससे वो मुसलमान हो जायेगा ? नहीं , क़तई नहीं
ASI का सर्वे क्या बतायेगा…ये आपको दिख नहीं रहा कि आतंकी औरंगज़ेब ने मंदिर तोड़कर ऊपर गुम्बद बना दिया था ?
वह कौन सा समाज है? अरे बलात्कारी जुनैद और साहिल हैं, हत्या करने वाले भी जुनैद, साहिल और आरिफ हैं, लटकाने में सहयोग करने वाले करीमुद्दीन और हाफिज हैं। आपको समाज का पता नहीं चल रहा?
लव जिहाद से होने वाली हत्या के ३ तरीके:
१. संबंध सफल न हुआ तो मार डालो
२. सफल संबंध में निकाह से पहले असली पहचान पता चले तो अंतिम बार माफी माँगने के बहाने मिलने बुला कर मार दो
३. निकाह के बाद बाप, भाई, दोस्त के साथ सोने को विवश कर के आत्महत्या को उकसाओ या विरोध करने पर मार दो
मुझे आज या कल गिरफ्तार किया जा सकता है
मैं बस इतना कहना चाहूंगा कि अगर कोई मेरे देश मेरे धर्म को बुरा कहेगा तो मैं उसे उसी की भाषा मे जवाब दूंगा चाहे इसकी सजा जो भी हो अब हिन्दू पीछे हटने वाला नही
आशा करता हु की इस धर्म युद्ध मे हर हिन्दू हमेशा की तरह मेरा साथ देगा
जय श्री राम