Ashu and Saurav have been sent to 5 days judicial custody.
Their fault? Unfurling tricolour at Jantar Mantar.
Show some guts, @narendramodi. If you’re so determined to crush dissent, have the courage to officially declare an Emergency instead of hiding behind these cowardly tactics.
राजस्थान के मेंहदीपुर बालाजी क्षेत्र में दलित समाज की महिलाओं को दिन दहाड़े बुरी तरह से मारा गया। मारने वालो को कानून का कोई डर नहीं। रिपोर्ट दर्ज कराने पर जिन्दा जलाने की धमक@RajCMO@PMOIndia@RajPoliceHelp
मध्यप्रदेश के कटनी में दलित परिवार के 15 साल के बच्चे और उसकी मां के साथ थाना प्रभारी और पुलिस स्टॉफ की क्रूरता मानवता को झकझोर कर रख देने वाली है। यह घटना ना सिर्फ मप्र पुलिस की क्रूरता को दर्शाती है, बल्कि समाज में व्याप्त दलितों के प्रति हिंसा की मानसिकता को भी उजागर करती हैं।
राजस्थान दलितों की कब्रगाह है। चाहे कांग्रेस की सरकार हो या बीजेपी की...राजस्थान में दलितों की स्थिति में कोई सुधार नहीं आता। @BhajanlalBjp सरकार में कानून का राज खत्म हो चुका है और राजस्थान में जंगलराज कायम हो चुका है।
सागर, मप्र की दलित लड़की के साथ बीजेपी के दबंग ठाकुरों ने बदसलुखी की। जब इसका भाई ने विरोध किया तो उसे मौत के घाट उतार दिया। मां ने विरोध किया तो उसे निर्वस्त्र किया। घर तोड़ दिया। चाचा ने विरोध किया तो उसे मार दिया। स्वयं के और परिवार के न्याय के लिए जंग लड़ती हुई आज यह लड़की खुद जिंदगी से जंग हार गई। दुखद। #DalitLivesMatter
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राहुल गांधी के करीबी जयराम रमेश ने योगी आदित्यनाथ जी के निजी वेबसाइट से आरक्षण के विरुद्ध लिखा एक लेख खोजकर निकाला है.
जयराम रमेश जी के अनुसार यह लेख योगी आदित्यनाथ जी ने 2014 या 2015 के दरम्यान लिखा होगा.
इस लेख में योगी आदित्यनाथ जी आरक्षण व्यवस्था की कड़ी निंदा कर रहे हैं. आरक्षण की आग में सुलगता देह, देश की विभाजनकारी राजनीति करने वाला आरक्षण और आरक्षण का भयावह दृश्य जैसे शब्दावली का अपने लेखों में इस्तेमाल कर रहे हैं.
दुनिया जानती है RSS और BJP आरक्षण विरोधी संगठन हैं. इनका पूरा चरित्र आरक्षण के खिलाफ है. लेकिन वोट की राजनीति के कारण खुले मंच पर यह बात कोई स्वीकार नही करता.
पर्दे के पीछे BJP के नेता आरक्षण विरोधी कार्य करते हैं.
सच सामने लाने के लिए शुक्रिया जयराम रमेश जी.
शर्म आती है खुदपर कि हमें आज तक पता ही नहीं था कि आज भी इस देश में ऐसे इलाके हैं जहां महिलाओं को चप्पल पहनकर नहीं जाने देते...राहुल गांधी बिल्कुल सही रास्ते पर हैं किसी के पैर धोने का नाटक करने से अच्छा है उसके पैरों में चप्पल पहनाओ ये पता करो कि ऐसा क्यों किया जाता है उनकी परेशानी सुनो उन्हें गले लगाओ। बहुत शानदार वीडियो है ये लेकिन लोगों तक नहीं पहुंच रहा है जबकि इतने अच्छे वीडियो जन-जन तक पहुंचने चाहिए...आपका पता नहीं लेकिन मैं तो इसे अपना फर्ज मानता हूं कि अच्छी और जरूरी बात ज्यादा से ज्यादा शेयर की जाए।
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सुप्रीम कोर्ट एससी यानी अनुसूचित जाति के विभाजन पर विचार कर रहा है. भारत के 30 करोड़ लोगों के भाग्य का फैसला कोलिजियम से चुनकर आए 7 आदमियों की समझदारी पर नहीं छोड़ा जा सकता है. खासकर तब जबकि वहां एससी का पक्ष रखने वाला कोई वकील नहीं है. विभाजन करना है तो संसद और सरकार करे, क्योंकि ये संविधान सभा का सैटल किया हुआ मैटर है. सरकार फैसला करे और चुनाव में भुगते या लाभ उठाए. सरकारी वकील कोर्ट में अभी जो बकवास कर रहे हैं, वह गलत है. @narendramodi@AmitShah@arjunrammeghwal
एक वक़्त का खाना त्याग दो
नये कपड़े मत ख़रीदो
लेकिन अपने बच्चों को उच्च शिक्षा दो
बहुजन नायक व सामाजिक न्याय के पुरोधा संत शिरोमणि गाडगे बाबा जी की पुण्यतिथि पर नमन।