उत्तर प्रदेश –
जिला बिजनौर में एक बच्चा बीमार हुआ। पहाड़ी पंडित ने फैमिली से संपर्क किया। बच्चे की जान को खतरा बताया। पूजा–पाठ के लिए उसे हरिद्वार गंगा तट और श्यामपुर कांगड़ी स्थित काली माता मंदिर में ले गया। डर/अंधविश्वास का माहौल बनाकर फैमिली से 70 लाख रुपए ऐंठ लिए। फिर 10 रुपए के स्टांप पेपर पर लिखवा लिया कि अगर ये सब बात बाहर किसी को बताई तो काली माता के प्रकोप से बच्चे की मृत्यु हो जाएगी।
> फैमिली ने मकान बेचकर 38 लाख दिए
> मां ने जेवरात बेचकर 14 लाख दिए
> पिता ने अपनी जॉब पर 13 लाख का लोन लेकर पैसा दिया
> पूजा सामग्री के नाम पर 5 लाख रुपए दिए
बिजनौर पुलिस ने आज पहाड़ी पंडित उर्फ संजय शर्मा, मोनू चौधरी, यश चौधरी, कोमल सिंह को गिरफ्तार किया।
@Krishan_IPS
🚨 सवाल पूछने वाले GST & Customs Inspector अभिजात श्रीवास्तव को नौकरी से हटा दिया गया!
वह Inspectors Association के General Secretary हैं। उनका आरोप है कि प्रमोशन में भ्रष्टाचार हुआ और हजारों ऐसे पदों पर भी प्रमोशन दिए गए, जो उनके अनुसार अस्तित्व में ही नहीं थे।
उन्होंने Finance Minister को सीधे शिकायत भेजी और जाँच के साथ Secret Service Fund में पारदर्शिता की माँग उठाई।
सबसे गंभीर सवाल उन्होंने Whistleblower Protection Act के तहत तीन बार सुरक्षा माँगी, लेकिन उन्हें सुरक्षा नहीं मिली। हालांकि हमारी टीम भी बहुत समय से मांग कर रहें हैं लेकिन हर जगह भ्रष्ट अधिकारी बैठे हैं।
2014 में कानून बना, जो कि अंधा है लेकिन उसके नियम आज तक नहीं बने तो फिर सवाल उठाने वाला कर्मचारी किसके भरोसे सच सामने लाए ?
और अब आरोप है कि Finance Minister को सीधे शिकायत भेजना ही कार्रवाई का कारण बना।
अगर किसी सरकारी कर्मचारी द्वारा अनियमितताओं पर सवाल उठाना ही उसके खिलाफ कार्रवाई का आधार बन जाए, तो भविष्य में कौन अधिकारी भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज़ उठाएगा ?
सवाल अभिजात श्रीवास्तव का ही नहीं है।
सवाल उस व्यवस्था का है, जहाँ सवाल पूछने की कीमत नौकरी हो सकती है।
यही अभिजात सरकार की गुलामी करते, ग़लत योजनाओं पर वाह वाह करते तो शायद कुछ पुरस्कार मिल जाता । लेकिन इन्हें चुल मची थी आज इन्हें पद से हटा दिया गया।
तमाम सरकारी अफसरों से और छोटका मोटका अफसरों से निवेदन है कि खुब करप्शन करों, देश को लुटो, हर एक साइन पर करप्शन होना चाहिए
बड़ी देर करदी मेहरबां आते-आते… हैलीकाप्टर क्या मेंटेनेंस के लिए गया हुआ था?
असंवेदनशीलता की भी हद होती है। जिनको अपने बगल का हाल लेने की फ़ुरसत नहीं है वो पूरा प्रदेश क्या सँभालेंगे।
जनता पूछ रही है कि ऊपर से देखने से क्या ये पता चला कि जलभराव का कारण क्या है या फिर हवाई दौरा सिर्फ़ दिखावटी था।
गये भी तो किसी के दबाव बनाने पर, मन से नहीं। अब जनता भी इनको हवा-हवाई कर देगी।
Last press conference of the leaders of top countries:
🇺🇸 USA – 14 hours ago
🇬🇧 UK – 8 hours ago
🇫🇷 France – 23 hours ago
🇩🇪 Germany – 17 hours ago
🇮🇳 India – 12 years ago
Note: India is the mother of democracy. 🙂
“जब तक इस देश में, बंगाल में, दुनिया भर में ज़ुल्म के खिलाफ़ एक भी आवाज़ ज़िंदा रहेगी, तब तक वामपंथ ज़िंदा रहेगा. और जब तक वामपंथ ज़िंदा रहेगा, वो कौम ज़िंदा रहेगी जो ना डरती है, ना बिकती है.”
~जाधवपुर में AISA प्रेसीडेंट नेहा बोरा
(वीडियो: शशि घोष)
• इसरो वैज्ञानिक का वेतन – ₹56,100 प्रति माह
• डीआरडीओ वैज्ञानिक का वेतन – ₹56,100 प्रति माह
• अग्निवीर सैनिक का वेतन – ₹21,000 प्रति माह
• सरकारी डॉक्टर का वेतन – ₹80,000 प्रति माह
• सुधीर चौधरी का वेतन – ₹1.25 करोड़ प्रति माह (₹15 करोड़ सालाना)
Hilarious 😂.
ECI has apparently taken down the Sept 26 press release, which claimed that SC had upheld the Form 6 order.
Gyanesh has been thrown under the bus.
Gyanesh, it’s done bro!
ईश्वर, आस्था और धर्म पर बातचीत के दौरान, @saurabhtop ने पूछा कि आख़िर क्यों करोड़ों-अरबों लोग किसी आस्था में बंधे होते हैं.
जानिए @Javedakhtarjadu ने ईलॉन मस्क का नाम लेते हुए क्या कहा.
चुनाव आयोग ने 26 सितंबर को एक प्रेस रिलीज जारी की। इसमें पॉइंट नंबर 3 पर लिखा था– ‘SIR के लिए प्रपत्र 6 से सलंग्न घोषणा पत्र को सुप्रीम कोर्ट ने मान्य ठहराया है।
CJI सूर्यकांत ने आज स्पष्ट कह दिया कि हमने किसी भी संशोधित फॉर्म-6 को मंजूरी नहीं दी है।
मतलब ज्ञानेश कुमार सरासर झूठ बोल रहे थे, वो भी सुप्रीम कोर्ट का सहारा लेकर। ये वही फॉर्म–6 है, जिसमें वोटर से उसके मां–बाप की 23 साल पुरानी वोटर डिटेल्स पूछी जा रही थी।
Dipanshu Yadav (@Professor_kum), a journalist from Deoria district in Uttar Pradesh, has been booked for a video examining the performance report card of BJP MLA Shalabh Mani Tripathi, a former journalist who later joined the BJP. Dipanshu’s younger brother - who does not appear in the video and has no role in the matter - has also been named as an accused in the FIR, which was registered by a supporter of MLA Tripathi.
Delhi ACP Vivek Bhagat who is allegedly accused of molesting women journalist has been promoted to Additional DCP.
In India, you get promoted if accused of crime. You get welcomed with garland.
Delhi police refused to register FIR and now this. Kya hi chal raha hai! Shame!
@Cockroachisback
It is now established beyond doubt that Gyanesh Kumar changed Form 6 illegally and unilaterally.
This is just one more proof of him abusing his position to help the BJP.
He and everyone else involved in this criminal assault on our democracy will be held accountable.
आप बस क्रोनोलोज़ी समझिये..
2012 में ज्ञानेश कुमार डिफेन्स जॉइंट सेक्रेटरी का कार्यकाल खत्म होता है, रिटायर होने की बारी है
2014 में इनको होम मिनिस्ट्री में सेक्रेटरी बना दिया जाता है, 370 धारा हटाने में बीजेपी की मदद की
2014 में बडी बेटी मेधा रुपम IAS बनती हैँ
2014 में ही दामाद मनीष बंसल IAS बनते हैँ
2017 यूपी चुनाव के बाद छोटी बेटी अभिश्री IRS बनती हैँ
2018 में उसके पति अक्षय लाबरू IAS बनते हैँ
मतलब 2014 के बाद इस परिवार का इतना कायाकल्प कैसे हुआ?
हर आदमी बडी पोस्ट पर? मतलब इनको बच्चों का तो IAS का एग्जाम तक लीक नहीं हुआ?
ये संयोग है या चाटुकारिता का फल??