व्रज - ��्येष्ठ शुक्ल पंचमी
Friday, 19 June 2026
श्रीजी में नियम का नाव का मनोरथ
(नाव मनोरथ पर विशेष पोस्ट दोपहर तीन बजे)
बैठै घनस्याम सुंदर खेवत है नाव।
आज सखी मोहन संग , खेलवे को दाव।।१।।
यमुना गम्भीर नीर, अति तरंग लोले।
गोपिन प्रति कहन लागे, मीठे मृदु बोले।। २।।
व्रज - विस २०८३ ज्येष्ठ शुक्ल चतुर्थी
Thursday, 18 June 2026
श्वेत मलमल का पिछोड़ा एवं श्रीमस्तक पर छज्जेदार पाग पर श्वेत मोर चंद्रिका के श्रृंगार
ऊष्णकाल का तृतीय अभ्यंग
राजभोग दर्शन –
साज – (राग : सारंग)
व्रज - विस २०८३ अधिक ज्येष्ठ कृष्ण चतुर्दशी
Sunday, 14 June 2026
गुलाबी मलमल का पिछोड़ा एवं श्रीमस्तक पर मोती का किरीट के श्रृंगार
🪷 श्रीजी में
प्रातः - मोती का बंगला का मनोरथ
🪷 प्रियाजी में
प्रातः - हटड़ी का मनोरथ
व्रज -विस २०८३ अधिक ज्येष्ठ कृष्ण अष्टमी
Monday, 09 June 2026
खसखसी मलमल का पिछोड़ा एवं श्रीमस्तक पर फेटा के साज का श्रृंगार
🪷 श्रीजी में
प्रातः - कली की मंडली
🪷 प्रियाजी में
प्रातः - श्वेत कमल मंडली
राजभोग दर्शन –
क��र्तन – (राग : सारंग)
गोविंद लाडिलो लडबौरा l
व्रज - विस २०८३ अधिक ज्येष्ठ कृष्ण द्वितीया
Tuesday, 02 June 2026
गुलाबी मलमल का आड़बंद एवं श्रीमस्तक पर गोल पाग पर गोल चंद्रिका के श्रृंगार
🪷 श्रीजी में
प्रातः कुसुम गुलाब महल में बैठे
शाम को गुलाबी गणगौर का मनोरथ
🪷 प्रियाजी में
प्रातः केसरी बंगला/केसरी घटा का मनोरथ
महान स्वतंत्रता सेनानी वीर विनायक दामोदर सावरकर की जयंती पर मैं उन्हें नमन करता हूँ। स्वातंत्र्य वीर सावरकर प्रखर राष्ट्रवादी विचारक होने के साथ-साथ एक ओजस्वी वक्ता, कवि एवं दार्शनिक भी थे। उन्होंने अनेक यातनाएँ सहते हुए भारत की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया। उनका जीवन त्याग, संघर्ष और निस्वार्थ राष्ट्रसेवा की अमि��� गाथा है। मातृभूमि के प्रति उनकी कर्तव्यनिष्ठा एवं राष्ट्र निर्माण के प्रति उनका समर्पण सदैव देशवासियों को प्रेरित करता रहेगा।
व्रज - विस २०८३ अधिक ज्येष्ठ शुक्ल नवमी
Sunday, 24 May 2026
केसरी मलमल का पिछोड़ा एवं श्रीमस्तक पर केसरी कुल्हे पर तीन मोर चंद्रिका के जोड़ के श्रृंगार
आज के मनोरथ
राजभोग में नंदमहोत्सव
शाम को सांझी मनोरथ
राजभोग दर्शन –
साज – (राग : सारंग)शीतल मंद बहत मलयानिल मोहन मन को
हरिद्वार जहां हिंदुओं का पवित्र हर की पैड़ी है
हरिद्वार जहां कुंभ का मेला लगता है
हरिद्वार जहां से जीवनदायनी मोक्षदायिनी गंगा ���दी बहती है
उस गंगा नदी में ड्रम में भरकर चिकन बिरयानी फेके जा रहे हैं
हरिद्वार पुलिस से अनुरोध है इस तरह की एक्टिविटी पर ��ुरंत रोक लगाई जाए
और अपराधियों को गिरफ्तार करके जेल भेजो
व्रज - विस २०८३ अधिक ज्येष्ठ शु���्ल तृतीया
Tuesday, 19 May 2026
शरबती मलमल के धोती पटका एवं श्रीमस्तक पर ग्वाल पगा पर पगा चंद्रिका के श्रृंगार
आज के मनोरथ-
राजभोग में कदम्ब की मंडली
शाम को नंद के लाल चले गौचारण
व्रज - विस २०८३ अधिक ज्येष्ठ शुक्ल द्वितीया
Monday, 18 May 2026
श्वेत धोरा का पिछोड़ा एवं श्रीमस्तक पर श्वेत कुल्हे पर मोर चंद्रिका के जोड़ के शृंगार
आज के मनोरथ-
राजभोग में रथ बैठे गिरधारी आज माई
शाम को पुष्प वितान
राजभोग दर्शन
कीर्तन – (राग : तोडी)
व्रज - ज्येष्ठ कृष्ण त्रयोदशी
Friday, 15 May 2026
पीत पिछोड़ी का श्रृंगार (पद के भाव का श्रृंगार)
(विस्तृत विवरण आज की द्वितीय पोस्ट में)
विशेष – आज भी श्रीजी को एक विशिष्ट श्रृंगार धराया जायेगा. इस विशिष्ट श्रृंगार को ‘पीत पिछोड़ी’ का श्रृंगार कहा जाता है.
व्रज - ज्येष्ठ कृष्ण द्वादशी
Thursday, 14 May 2026
गुलाबी मलमल की परधनी एवं श्रीमस्तक पर गोल पाग पर तुर्रा के श्रृंगार
उत्थापन दर्���न पश्चात मोगरे की कली का श्रृंगार
राजभोग दर्शन –
कीर्तन – (राग : सारंग)
भलेई मेरे आये हो पिय
भलेई मेरे आये हो पिय ठीक दुपहरी की बिरियाँ l
व्रज - ज्येष्ठ कृष्ण एकादशी
Wednesday, 13 May 2026
अपरा एकादशी
केसरी धोती पटका एवं श्रीमस्तक पर दुमाला पर सेहरा के श्रृंगार
दिन दुल्हे तेरे सोहे शीश सुहावनो ।
मणि मोतिन को शेहरो सोहे बसियो मन मेरे ।।१।।
मुख पून्यो को चंद है मुक्ताहल तारे ।
उन के नयन चकोर हैं, ऐ सब देखन हारे
व्रज - ज्येष्ठ कृष्ण दशमी
Tuesday, 12 May 2026
यमुना दशमी
विशेष - आज यमुना दशमी है. यमुनाजी के भाव का उत्सव होने के कारण आज आरती दो समय की थाली में की जाती है.
वस्त्रों में प्रभु को नियम से श्वेत मलमल का आड़बंद और श्रीमस्तक पर श्वेत मलमल का श्याम झ��ईं वाला फेंटा धराये
व्रज - ज्येष्ठ कृष्ण नवमी
Monday, 11 May 2026
गुलाबी मलमल का आड़बंद एवं श्रीमस्तक पर गोल पाग पर तुर्रा के श्रृंगार
ऊष्णकाल का द्वितीय अभ्यंग
विशेष - आज श्रीजी में ऊष्णकाल का द्वितीय अभ्यंग होगा. ऊष्णकाल के ज्येष्ठ और आषाढ़ मास में श्रीजी में नियम के चार अभ्यंग स्नान और चार
व्रज - ज्येष्ठ कृष्ण अष्टमी
Sunday, 10 May 2026
चंदनी मलमल का पिछोड़ा एवं श्रीमस्तक पर ग्वाल पगा पर पगा चंद्रिका (मोरशिखा) के श्रृंगार
राजभोग दर्शन –
साज – (राग : सारंग)
लालन पहिरत है नवचंदन l
विविध सुगंध मिलाय अरगजा व्रजयुवतिन मनफंदन ll 1 ll
शीतल मंद बहत मलयानिल मोहन मन