जब असम में लोग बाढ़ से त्रस्त हैं,
ऐसे समय में जब असम को प्रधानमंत्री जी की जरूरत है,
तब प्रधानमंत्री जी रोड शो में बिजी है,
ये कहां तक सही है?
और ये किसके पैसे से हो रहा है?
"एक पेड़ मां के नाम" लगवाकर सरकार मां का कितना सम्मान करती है, तो क्या यह वृद्ध महिला किसी की मां नहीं है??
यह वीडियो मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र छतरपुर जिले का है। कहां केन-बेतवा लिंक परियोजना के विरोध में आदिवासियों और किसानों द्वारा किए जा रहे जल सत्याग्रह और अनशन, चिता आंदोलन का है।
यह मुद्दा सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी आदिवासियों के अधिकारों, ज़मीन, जंगलों और घरों को बचाने तथा उचित मुआवज़े की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे।
वीडियो में देखा जा सकता है पुलिस और सुरक्षाबलों द्वारा एक वृद्ध मां को घसीटा जा रहा है वहीं प्रदर्शनकारियों तथा सत्याग्रहियों को बलपूर्वक हटाने और हिरासत में लेने की कार्रवाई की जा रही है।
पीएम द्वारा ख़ुद को गाली देने वाले छात्रों को माफ़ करने का वीडियो शेयर करते ही प्रसिद्ध गायक और संगीतकार विशाल ददलानी ने भी एक वीडियो जारी कर दिया।
उन्होंने व्यंगात्मक अंदाज में कहा कि बच्चों पर पैलेट गन चले तो क्या हुआ ? लाठियां पड़े तो क्या हुआ ? टीयर गैस छोड़े तो क्या हुआ ? लेकिन बच्चे यदि गालियाँ देंगे तो सोचिए देश के संस्कार कहाँ जा रहे है ?
@VishalDadlani@BJP4India@INCIndia
"अकेले रहेंगे तब भी तुम्हारे खिलाफ लड़ेंगे, दादागिरी मत दिखाना"
हमें मीठी बोली नहीं चाहिए, हमें विद्रोह के स्वर चाहिए... ये भाजपा और RSS के दादागिरी के खिलाफ जंग है। INDIA ✊🏿
सुना है मुख्यमंत्री जी आयोजकों पर बेहद गुस्सा हैं, क्योंकि उन्होंने महफ़िल तो बड़ी ज़बरदस्त सजवाई थी लेकिन उनके अपने चेले चपाटों के सिवा वहाँ केवल तंबू-टेंट वाले ही आये थे, और कोई आया ही नहीं।
जब जनता से धोखा होता है तो ऐसा ही होता है।
भाजपाइयों की चला-चली की बेला वक़्त से बहुत पहले ही आ गई है।
#भाजपा_ख़त्म
जर्सी गाय
50 करोड़ की गर्लफ्रेंड
कांग्रेस की विधवा
हायब्रिड बछड़ा
ऐसी गालियां बोलने पर जिसके ऊपर कार्रवाई नहीं हुई वह आज़ इसलिए केस कर रहे हैं क्योंकि उन्हें किसी ने गाली दिया !
20 से ज्यादा बच्चों ने आत्मह*त्या कर ली और यह सोचते हैं कि सब शहद टपकाए।
जो अमित शाह के बगल में चल रहे है
वो सभी पत्रकार है
लेकिन किसी के हाथ में माइक नहीं है
ना ही कोई सवाल है
यह है हमारे देश का चौथा खंभा
लोकतंत्र की रक्षक 😐😐
मोदी जी: क्या यह भी ‘शरारती बच्चे’ हैं?
क्या इनका संसद में गंदी गंदी गालियाँ देना ‘cultural shock’ नहीं था?
क्या इन गालियों के इनाम में आपने इन्हें दिल्ली में विधान चुनाव के लिए कैंडिडेट बनाया?
मोदी जी आपकी माँ को सिर झुकाकर नमन।
लेकिन ये बताइए आपकी माँ, माँ हैं।
मेरी माँ, माँ नहीं हैं।
आपने कहा विपक्ष वाले मुज़रा करें तो क्या विपक्षी दलों में काम करने वाली महिलाए किसी की माँ बहन बेटी नही?
आपके लोगों ने तो सुप्रीम कोर्ट के चीफ़ जस्टिस को माँ बहन की गालियाँ दीं।