पुराने जमाने में एक कहावत थी,
"जितने हाथ उतनी कमाई"
एक आदमी के 15 बच्चे हो जाते थे
फिर कहावत आई बच्चे हो चार,
सुखी रहेगा परिवार
तीसरी कहावत आई "हम दो हमारे दो"
अब जमाना हैं शेर का बच्चा एक ही अच्छा
अब आनने वाले समय में कहावत आएगी
“ना बच्चा, न बच्ची, नींद आये अच्छी।।
मैं विवाह नहीं करना चाहता
अगर उसका कारण समाज, उम्र या अकेलापन हो।
मैं चाहता हूँ. कोई मेरा हाथ इसलिए थामे,
क्योंकि उसे मेरे अलावा कोई और चाहिए ही न हो।
और अगर ऐसा प्रेम न मिले
तो अकेले रह जाना ज्यादा सुंदर है,
बजाये किसी के साथ समझौते में जीने के।