प्रयागराज की धरती से मुल भाजपाई कार्यकर्ता तिरंगे के नीचे UGC काले कानून के विरोध में मुखर होकर रोड पर निकले....
पूर्व महामन्त्री भाजपा युवा मोर्चा शिवम मिश्रा जी ने सरकार को स्पष्ट रूप से संदेश देते हुए कहा की यदि कानून वापस नहीं होगा तो हम आमरण अनशन पर बैठेंगे...
ये कटिंग कब की ये ये विषय नही है ये पक्का है आजादी के बाद कि ही समझदार लोगो को सिर्फ एक पार्टी की मानसिकता समझना है।
70 सालदेश धर्म राष्ट्र सेना जनता विचारनीय।
कमाल की बात है मूलनिवासी तुम थे लेकिन…🧐🤔
— मुहम्मद बिन कासिम से दाहिर (ब्राह्मण) लड़े।
— मुहम्मद गोरी से पृ��्वीराज चौहान (क्��त्रिय) लड़े।
— अलाउद्दीन खिलजी से राणा रतन सिंह (क्षत्रिय) लड़े।
— इब्राहिम लोदी और बाबर से राणा संग्राम सिंह (क्षत्रिय) लड़े।
— हुमायूं को ईरान तक शेरशाह सूरी (पठान) ने खदेड़ा।
— मुगलों के लिये सिरदर्द हेमू (ब्राह्मण) बने।
— अकबर से महाराणा प्रताप (क्षत्रिय) लड़े।
— औरंगजे़ब से विद्रोह ब्राह्मणों, राजपूतों, मराठों और जाटों ने किया।
— मुगल सल्तनत और निज़ाम शाही को पेशवा बाजीराव (ब्राह्मण) ने ही समाप्त किया।
— अंग्रेजी सरकार के खिलाफ विद्रोह मंगल पांडे (ब्राह्मण) ने किया।
— अंग्रेजों से युद्ध रानी लक्ष्मीबाई (ब्राह्मण) ने लड़ा।
— जर्नल डायर को मारा उधम सिंह (कम्बोज) ने।
— अंग्रेजों की आँखों में पंडित चन्द्रशेखर आज़ाद (ब्राह्मण) और भगत सिंह (जाट) ही चुभते थे।
— मूलनिवासी तुम थे लेकिन अंग्रेजों के खिलाफ लड़कर बलिदान होने वाले 95% स्वर्ण हि��्दू (संविधान के अनुसार) थे।
और तुम नव बौद्ध जो हिंदुत्व पर उँगली उठाते हो तुम वतन के वो गद्दार हो जिन्होंने 1818 में तीसरे आंग्ल-मराठा युद्ध में मराठों के खिलाफ अंग्रेजी फौज में शामिल हुए थे।
तुम्हारे पुरखे गद्दार थे और तुम भी उन्हीं गद्दारों की ही औलाद हो इसलिए तुम लोगों से वफादारी की उम्मीद करना बेवकूफ़ी होगी।
@yadavakhilesh किसी ने सवाल किया : G20 से तो देश का गौरव बढ़ा लेकिन “सैफई महोत्सव” के लिए सपा सरकार ने कई सौ करोड़ खर्च क्यों किया था?
किसी ने जवाब दिया : “कई हजार करोड़” के घोटाले भी हुये थे,, इसीलिए “कई सौ करोड़” में नचनियों द्वारा मनोरंजन जरूरी था?