बिहार में 211 नवस्थापित डिग्री महाविद्यालयों का कल एकसाथ शुभारंभ होगा। यह पहल बिहार को उच्च शिक्षा, शोध एवं नवाचार का सशक्त केंद्र बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
साथ ही विश्वविख्यात विक्रमशिला की गौरवशाली विरासत को नई ऊर्जा देते हुए लगभग 220 एकड़ भूमि पर केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना का मार्ग प्रशस्त होने जा रहा है।
Bihar Cabinet is expected to meet on July 15, 2026, at 5:00 PM.
This will be the 13th Cabinet meeting of the current government.
Check all decisions from the last Cabinet meeting here: https://t.co/o35YPpqDqN
कांग्रेस नेता सतवीर चौधरी ने प्रभारी सुखविंदर सिंह रंधावा से कार्यकर्ताओं के बीच संवाद बढ़ाने की अपील की
जयपुर। कांग्रेस नेता सतवीर चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर राजस्थान कांग्रेस के प्रभारी सुखविंदर सिंह रंधावा को संबोधित करते हुए संगठन को मजबूत बनाने के लिए कार्यकर्ताओं के साथ सीधा संवाद बढ़ाने की अपील की है।
सतवीर चौधरी ने लिखा कि रंधावा पिछले लगभग ढाई वर्षों से राजस्थान कांग्रेस के प्रभारी हैं, लेकिन प्रदेश का बड़ा कार्यकर्ता वर्ग आज भी उनके प्रत्यक्ष संवाद और मार्गदर्शन की प्रतीक्षा कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रभारी का दायित्व केवल बैठकों, नियुक्तियों और बयानबाज़ी तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि संगठन की नब्ज़ पहचानना, कार्यकर्ताओं के बीच पहुँचना और उनकी आवाज़ को शीर्ष नेतृत्व तक पहुँचाना भी उनकी जिम्मेदारी है।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या संगठन केवल नेताओं तक सीमित रह गया है और क्या एनएसयूआई, युवा कांग्रेस, सेवादल, महिला कांग्रेस तथा ब्लॉक स्तर के समर्पित कार्यकर्ताओं से संवाद करना अब प्राथमिकता नहीं रहा।
चौधरी ने कहा कि कांग्रेस की सबसे बड़ी ताकत उसका समर्पित कार्यकर्ता है, जिसने सत्ता और विपक्ष दोनों परिस्थितियों में संगठन का साथ नहीं छोड़ा। उन्होंने कहा कि यदि कार्यकर्ताओं को अपने प्रभारी से मिलने और अपनी बात रखने का अवसर नहीं मिलेगा तो स्वाभाविक रूप से निराशा बढ़ेगी।
अपने संदेश में उन्होंने रंधावा से आग्रह किया कि वे औपचारिकताओं से आगे बढ़कर राजस्थान के प्रत्येक जिले का दौरा करें तथा बूथ, ब्लॉक और जिला स्तर के कार्यकर्ताओं के साथ खुला संवाद स्थापित करें। उनका कहना था कि कांग्रेस को मजबूत करने का रास्ता बंद कमरों से नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं के बीच से होकर जाता है।
सतवीर चौधरी ने यह भी कहा कि आज भी लाखों कांग्रेस कार्यकर्ता बिना किसी पद, टिकट या व्यक्तिगत स्वार्थ के राहुल गांधी की विचारधारा और कांग्रेस की नीतियों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ऐसे कार्यकर्ताओं को केवल भाषण नहीं, बल्कि नेतृत्व का साथ और विश्वास चाहिए।
उन्होंने अपने संदेश का समापन इस बात के साथ किया कि यदि कार्यकर्ता मजबूत होगा तो संगठन मजबूत होगा और संगठन मजबूत होने पर कांग्रेस का भविष्य भी मजबूत होगा।
@SatveerRajsthan@Sukhjinder_INC@RahulGandhi@INCRajasthan
Congress President Mallikarjun Kharge and Leader of Opposition Rahul Gandhi have called senior Punjab Congress leaders to Delhi for a crucial meeting.
The meeting is scheduled for Tomorrow morning at Kharge’s residence, 10 Rajaji Marg. It is expected to have a significant impact on Punjab’s political landscape.
Former Chief Minister Charanjit Singh Channi and senior leader Sukhjinder Singh Randhawa may also attend the meeting.
देश के मध्यमवर्गीय और उससे ऊपर के तबके के लिए सरकार की मनमानी देखिए।पहले प्रदूषण के नाम पर 10 और 15 साल वाली डीज़ल और पेट्रोल की लाखों गाड़ियों को दिल्ली एनसीआर से बाहर किया गया।अब Ethanol 20 के नाम पर इसी तबके का फिर से शोषण हो रहा है।कहते हैं कि मोदी सरकार की सीधी जवाबदेही जनता से है।अगर जनता को Ethanol से आपत्ति है तो इसे ज़बरदस्ती थोपा जा रहा है।
The West Bengal Congress is set to organise a programme on 21st July to pay tribute to the Martyrs of the protest.
July 21 is observed as Martyrs’ Day in West Bengal to commemorate the 13 Youth Congress workers who were shot dead by police in Kolkata on 21 July 1993.
Yesterday, Adhir Ranjan Chowdhury held a big rally in Murshidabad. Thousands of people joined it.
The Congress is seeing an opportunity in West Bengal and has become more active there.
पंजाब मे कांग्रेस आलाकमान ने अपने ही फैसले पे पुनर्विचार करने का मन बना लिया है। क्यूँकि नेतृत्व को ये लगने लगा है की अगर मौजूदा प्रदेश संगठन के साथ चुनाव मै जाया जाए तो उनके साथ कार्यकर्ता और नेता नहीं होंगे। अब प्रदेश अध्यक्ष राजा बाड़िंग के लिए मुफीद कदम सिर्फ ये ही है कि वो ख़ुद अपना इस्तीफ़ा हाइकमान को दे दें और अपना क़द बड़ा कर लें।
सड़के सूनी नहीं हैं।🔥
कांग्रेस नेता अशोक चांदना के नेतृत्व में बूंदी में
स्मार्ट मीटर के खिलाफ 'किसान हुंकार' जनांदोलन
जितना रीट्वीट करे उतना कम हैं, ठोको RT 😎
कांग्रेस के अंदर अजब गज़ब है इलाके में ढेर और लुटियन के शेर ही हर जगह हावी हैं,2 विधानसभा और लोकसभा चुनाव बुरी तरह हारने वाले एक नेता को एक प्रदेश के प्रभारी पद की जिम्मेदारी दी गई है अब वो जीत की कुंजी उस प्रदेश के नेताओं को किस तरह समझाएंगे ये समझना सबसे बड़ी चुनौती है, वो भी एक ऐसा राज्य जहां कांग्रेस अपनी ज़मीन वापसी ले सकती है, वैसे नेता जी पहला चुनाव 2 हजार से हारे जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी, फिर 2017 में 20 हज़ार से हारे और हाल ही में लोकसभा 3 लाख से हारे हैं
बंगाल के प्रभारी प्रकाश जोशी उत्तराखंड में दो विधानसभा और एक लोकसभा चुनाव हार चुके है... अब बंगाल में दशकों से कांग्रेस सत्ता से गायब है... ऐसे में तीन चुनाव हारने वाले सूखा स्टेट में क्या जीत का फार्मूला और रणनीति अपनाएंगे फिर.... गजब सिस्टम है....
भारत में आज तक कुल 7 उपप्रधानमंत्री बने।सरदार वल्लभभाई पटेल,मोरारजी देसाई,चौधरी चरण सिंह,जगजीवन राम,यशवंत राव चव्हाण,चौधरी देवी लाल और लाल कृष्ण आडवाणी।इनमें से सिर्फ़ चौधरी चरण सिंह ही प्रधानमंत्री बन पाए।