आज तो सुबह सुबह ही 4th ग्रेड अधिकारियो का रोला जमा दिया भाई. .....मुझे लगता है जितने प्रमोशन और डिमोशन अधिकारियो के उतने तो किसी के भी नहीं हुए है 🤔🤔
कल आपने 4 ग्रेड अधिकारियो को रसोइया और चौकीदार बनते देखा होगा ....आज माड़साब बनते नजर आएंगे 😂😂
अब सवाल यह है कि उसी स्कूल मे 4 ग्रेड अधिकारी जी पूरी झाड़ू मारकर ......जब क्लासरूम मे प्रवेश करेंगे तो क्या बच्चे वही आदर कर पाएंगे जो एक गुरु का होता है 🤔🤔
#GOODMORNİNG
खेल शुरू होने के बाद नियम बदलते हुए कभी देखा है आपने?
लेकिन राजस्थान सरकार कुछ भी कर सकती है
फॉर्म भरवाया - चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी (L-2) के पद के लिए।
नियुक्ति दी — चौकीदार, रसोइया, वार्ड बॉय, स्लीपर, सफाई कर्मचारी आदि (L-1 प्रकृति के कार्य)।
माना कि वेतन L-2 के अनुसार मिल जाएगा,
लेकिन उस कर्मचारी की पद की गरिमा, सामाजिक प्रतिष्ठा और मानसिक तनाव की जिम्मेदारी कौन लेगा?
सरकार से निवेदन है कि इस विषय पर स्पष्ट Job Chart जारी किया जाए,
ताकि कर्मचारियों में असमंजस की स्थिति समाप्त हो।
बेरोजगार नेताओं से भी अनुरोध है,इस मुद्दे पर थोड़ा ध्यान इधर भी दें।
@HANUMANKISAN
राजस्व विभाग 🚨🚨
साफ सफाई करनी पड़ेगी 🙏✅✅
सभी विभागों में 4th grade की same हालात हैं
इसलिए सभी मिलकर एक साथ आवाज उठाओ और साफ सफाई वाले जॉब चार्ट को कोर्ट से renew करवाओ वरना ये जॉब छोड़नी पड़ सकती हैं आपको 🙏🙏
@ravisohu1
जिस कर्मचारी की नियुक्ति Class IV कर्मचारी के रूप में हुई है, उसे जबरन Safai Karamchari का कार्य नहीं कराया जा सकता, विशेषकर जब वह उस पद पर नियुक्त नहीं हुआ हो✍️
कोर्ट ने माना कि जिस पद पर नियुक्ति नहीं हुई, उसका काम करवाना उचित नहीं है और यह कर्मचारी के लिए harassment जैसा है✍️
लाखों कर्मचारी… एक जैसी परेशानी।
सरकारी नौकरी मिलना किसी भी युवा के लिए बड़ी उपलब्धि होती है।
लेकिन नौकरी मिलने के बाद प्रोबेशन की अवधि में कम पारिश्रमिक के कारण लाखों कर्मचारी खुद को आर्थिक दबाव और उपेक्षा से प्रताड़ित महसूस कर रहे हैं।
नौकरी वही,
काम वही,
जिम्मेदारी वही,
कार्यालय का समय वही…
फिर आर्थिक सुरक्षा में इतना अंतर क्यों?
सबसे बड़ी विडंबना यह है कि जिस व्यवस्था की शुरुआत 2016 की परिस्थितियों में हुई थी, उसे आज 2026 की महंगाई के बीच भी उसी तरह झेलना पड़ रहा है।
यह सिर्फ वेतन का विषय नहीं है।
यह उन परिवारों का विषय है जो नई नौकरी से बेहतर भविष्य की उम्मीद करते हैं।
सरकार से आग्रह है कि लाखों प्रोबेशनर कर्मचारियों की इस पीड़ा को गंभीरता से समझते हुए प्रोबेशन में पूर्ण वेतन देने की दिशा में सकारात्मक निर्णय लिया जाए।
नई नौकरी की शुरुआत आर्थिक प्रताड़ना से नहीं, सम्मान और सुरक्षा से होनी चाहिए।
✊ प्रोबेशन में पूर्ण वेतन — अब समय की मांग है।
#प्रोबेशन_में_पूर्ण_वेतन
#ProbationFullSalary
#बाबू_संघ_राजस्थान
#ldc
#fourthgrade
#फोर्थग्रेड
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी एक मंत्रालयिक कर्मचारी होता है उसका कार्य मंत्रालयिक कर्मचारियों के अधीन सहायक के रूप में कार्य करना है।
उसका काम शौचालय व मूत्रालय सफाई का नहीं है।
कल के दिन स्कूल की बिल्डिंग का काम चलेगा तो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से बेलदारी भी करवायेंगे ??
@AshutoshRanka मेरी नही मानो तो आप खुद इस टौपिक को ट्विटर पर सर्च करके देख लो।
सब बारूद बन चुके हैं बस एक चिंगारी की जरूरत है और वो काम आप कर सकते हैं फिर देखना ऐसा धमाका होगा कि सरकार की जड़ें ही हिल जाएगी
ये मुद्दा आपके द्वारा उठाए जा रहे स्कूलों से ही संबंधित है इसलिए आपसे उम्मीद है धन्यवाद
@AshutoshRanka दे दिया, इसके साथ रविवार को भी बुला लेते हैं इसके अलावा प्रिंसिपल और बाकी स्टाफ के मन में जो भी कार्य आता है करवा रहे हैं अपने कप बर्तन तक धुलवा रहे हैं इस कारण अधिकतर बच्चे बहुत परेशान हैं, पुरी तरह मेंटली डिस्टर्ब हो चुके हैं कइयों के तो डिप्रेशन की दवाई शुरू हो गई मेरी 2/3
📢 प्रोबेशन में पूर्ण वेतन क्यों जरूरी है?
प्रोबेशन कोई बेरोजगारी का दौर नहीं है।
प्रोबेशन में कर्मचारी पूरी जिम्मेदारी के साथ सरकार के लिए कार्य करता है, कार्यालय में निर्धारित समय देता है और जनता से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों का निर्वहन करता है।
फिर सवाल यह है कि—
जब काम पूरा है, जिम्मेदारी पूरी है, ड्यूटी पूरी है, तो वेतन आधा-अधूरा क्यों?
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वर्तमान प्रोबेशन व्यवस्था जिस आर्थिक परिस्थिति में बनी थी, उस समय और आज की आर्थिक परिस्थितियों में जमीन-आसमान का अंतर है।
2016 में जिस महंगाई और जीवन-यापन की लागत को ध्यान में रखकर वेतन व्यवस्था चली, आज 2026 है। पिछले 10 वर्षों में किराया, मकान, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेट्रोल-डीजल, बिजली, खाद्य सामग्री और रोजमर्रा की जरूरतों के खर्च में भारी वृद्धि हो चुकी है।
आज का युवा कर्मचारी वही पुरानी आर्थिक व्यवस्था लेकर अपने परिवार की जिम्मेदारी निभाने के लिए मजबूर है।
👉 2016 की आर्थिक परिस्थितियों के आधार पर तय व्यवस्था को 2026 की महंगाई में लागू करना व्यावहारिक नहीं है।
👉 कर्मचारी से 2026 के स्तर का काम और जिम्मेदारी लेना, लेकिन आर्थिक सहायता पुरानी परिस्थितियों के अनुसार देना न्यायसंगत नहीं है।
👉 प्रोबेशन में आने वाला कर्मचारी भी घर का किराया देता है, परिवार चलाता है, बच्चों की शिक्षा कराता है, आने-जाने का खर्च उठाता है और अपने माता-पिता की जिम्मेदारी निभाता है।
सरकार में नई भर्ती होने वाला युवा कोई प्रशिक्षु मात्र नहीं है; वह एक जिम्मेदार सरकारी कर्मचारी है।
इसलिए हमारी मांग किसी अतिरिक्त सुविधा की नहीं, बल्कि न्यायसंगत और सम्मानजनक वेतन व्यवस्था की है।
हमारी मांग स्पष्ट है—
“प्रोबेशन में पूर्ण वेतन दिया जाए।”
क्योंकि
काम पूरा → जिम्मेदारी पूरी → ड्यूटी पूरी → तो वेतन भी पूरा होना चाहिए।
आज 2016 नहीं, 2026 है।
महंगाई कई गुना बढ़ चुकी है, इसलिए वेतन व्यवस्था में भी समय के अनुसार बदलाव जरूरी है।
युवा कर्मचारी को आर्थिक दबाव नहीं, सम्मान और सुरक्षा चाहिए।
✊ प्रोबेशन में पूर्ण वेतन — समय की मांग है।
✊ समान काम के लिए सम्मानजनक वेतन — कर्मचारी का अधिकार है।
@RajCMO@BhajanlalBjp
महत्वपूर्ण सूचना
राजस्थान सहायक कर्मचारी संघ (एकीकृत) के अध्यक्ष श्री नरपत सिंह जी द्वारा सामुदायिक भवनों जैसे विद्यालय भवनों एवं चिकित्सालय भवनों की साफ-सफाई का कार्य ग्राम पंचायतों, नगरपालिकाओं एवं नगर निगमों के माध्यम से करवाए जाने के संबंध में मुख्यमंत्री कार्यालय को पत्र प्रस्तुत किया गया है।
नियमानुसार विद्यालयों एवं चिकित्सालयों की साफ-सफाई व्यवस्था के लिए स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत अलग से बजट का प्रावधान किया जाता है। इस बजट के क्रियान्वयन के लिए ग्राम पंचायतों द्वारा अधिकृत संवेदकों/ठेकेदारों के माध्यम से टेंडर प्रक्रिया अपनाकर साफ-सफाई का कार्य करवाया जाना चाहिए।
हमारा प्रयास है कि इस व्यवस्था को धरातल पर प्रभावी रूप से लागू करवाया जाए, ताकि विद्यालय परिसर की नियमित एवं उचित साफ-सफाई सुनिश्चित हो सके। विद्यालय प्रबंधन द्वारा ग्राम पंचायत के साथ समन्वय स्थापित करने के लिए संबंधित शिक्षक को जिम्मेदारी दिए जाने की व्यवस्था भी की जाये ।
वर्तमान में कुछ स्थानों पर नवचयनित सहायक कर्मचारियों पर साफ-सफाई का कार्य करने के लिए अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है तथा मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने या उनसे पैसे लिए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। ऐसी स्थिति पूर्णतः अनुचित है और हम इसका पुरजोर विरोध करते हैं।
कोई भी सहायक कर्मचारी अन्याय और अनुचित दबाव को स्वीकार नहीं करेगा। हम सभी सहायक कर्मचारियों के सम्मान, अधिकार एवं उचित कार्य-व्यवस्था के लिए लोकतांत्रिक एवं नियमसम्मत तरीके से लगातार संघर्ष करते रहेंगे।
हमारा उद्देश्य किसी संस्था प्रधान का विरोध करना नहीं, बल्कि नियमों के अनुसार सहायक कर्मचारियों को उनका उचित कार्यक्षेत्र एवं सम्मान दिलाना है।
🙏 एकता ही हमारी ताकत है। अधिकारों के लिए संगठित रहें। 🙏
— प्रवेश शर्मा
राजस्थान के समाचार पत्रों के सुपर @DainikBhaskar@pantlp जी को 4th ग्रेड चयनित युवाओं के हित में सरकार के इस आदेश को अपने मुख्य page पर जगह देनी चाहिए ✍️
क्योंकि स्कूलों में 4th ग्रेड भाइयों को सहायक कर्मचारी की जगह सफ़ाई कर्मचारी बना दिया हैं ✍️
@HANUMANKISAN@sharatjpr