अगर तुमको चंपत राय और गोविंद गिरि से ज़्यादा गुस्सा कुनाल कामरा और पप्पू यादव पर आता है। तो आप सनातनी हिंदू नहीं, बल्कि एक दो कौड़ी के दोगले व्यक्ति है, और कुछ नहीं।
ब्राह्मण इस देश मे
सबसे पिछड़ा समाज है,
ब्राह्मण राजनैतिक रूप से देश मे पिछड़ा है,
ब्राह्मण अन्य जाती के मुकालबे आर्थिक रूप से भी पिछड़ा है,
ब्राह्मण को समाजिक रूप से भी समाज मे शोषण किया जाता है,
ब्राह्मण पे अभद्र टिपणी रोज कोई ना कोई करता है,
लेकिन सरकार इस्पे कोई करवाई नहीं करती है,
क्या ब्राह्मण के पक्ष मे देश मे कोई कानून नहीं होगा चाहिए,ताकि कोई ब्राह्मण को गाली दे तो उसपे तुरंत कारवाई हो,
और भारत सरकार को कोई स्पेशल योजना ब्राह्मण के लिए लाना चाहिए,ताकि किसी गरीब ब्राह्मण को दवाई और पढ़ाई मे कोई दिकत ना हो,
कॉकरोच जनता पार��टी के संस्थापक अभिजीत दीपके को लेकर गुजरात के सूरत के आरटीआई कार्यकर्ता अमित तिवारी ने उनके परिवार की संपत्ति, ��ार्टी की फंडिंग और राजनीतिक गतिविधियों को लेकर तीन अलग-अलग सरकारी एजेंसियों से शिकायत की है।
अमित तिवारी का कहना है कि अभिजीत दीपके के पिता भगवानराव दीपके महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम में जूनियर इंजीनियर (जेई) के पद पर कार्यरत थे।
उनका दावा है कि इस पद पर औसतन 60 से 65 हजार रुपये मासिक वेतन मिलता है। ऐसे में सवाल उठता है कि इतनी आय में परिवार ने अपने बच्चों को अमेरिका जैसे महंगे देश में पढ��ाई के लिए कैसे भेजा।
तिवारी ने महाराष्ट्र सरकार से मांग की है कि भगवानराव दीपके और उनके परिवार की आय और संपत्ति की निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि जांच में आय से अधिक संपत्ति का मामला सामने आता है तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।