@prity_dubey@riskyyadav41 लेकिन अभी तक यह बात को�� भी sc,st या ओबीसी के लोग आ कर नहीं बोलता है ये बात सिर्फ सवर्ण ही बोलता है। मतलब यह सब सवर्ण के साथ हुआ था।
मारब सिक्सर के 6 गोली छाती में रे.... वाला गाना कोई राजद का गाना नहीं है। बल्कि ��े गाना लगभग जातियों के गायकों ने गाया है।
ख़ैर, मुझे यकीन नहीं हो रहा है देश का प्रधानमंत्री भी इन चीजों पर वोट मांग रहा है। राहुल गांधी जी सही कहे थे ये वोट के लिए नाच गा भी सकते हैं।
केंद्रीय मंत्री ललन सिंह का तीन दिन पहले वीडियो वा��रल हुआ था,
जिसमें वो अपने समर्थकों से कह रहे थे कि,
इंडिया गठबंधन को समर्थन करने वाले लोगों को वोट मत डालने देना,
दरअसल ललन सिँह अपने लोगों से कहना चाहते थे कि,
ठीक 90 के दशक की तरह गली, सड़क घेर लो और दलित, पिछड़ों को पोलिंग बूथ तक मत जाने दो,
सोचिए जब आज सूचना क्रांति के दौर में ये लोगों के हौंसले इतने बुलंद हैँ,
तब तीस साल पहले ये लोग चुनाव जीतने के लिए किस स्तर की बेईमानी और अत्याचार किया करते रहे होंगे,
हमारी जनता ने आज फिर कर दिया साफ़, अबकी बार लालटेन का उजाला छपरा समेत बिहार के हर घर और दिल तक जाएगा! ❤️
अखिलेश भइया संग, बदलाव की मशाल लेकर आगे बढ़ रहे है...
@yadavakhilesh
दुलारचंद यादव RJD के समर्थक थे. लेकिन इस बार जनसुराज पार्टी से दलित समाज से काफी पढ़ा लिखे प्रियदर्शी पीयूष चुनाव लड़ रहे थे.
इसलिए दुलारचंद यादव ने प्रियदर्शी पीयूष के समर्थन में भी प्रचार करने का निर्णय किया.
इनके बावजूद भी जनसुराज पार्टी के सुप्रीम लीडर प्रशांत किशोर पांडेय, दुलारचंद यादव के परिजनों से मिलने नही आए.
पटना में बैठकर पत्रकारों को इं��रव्यू देकर कह रहे हैं दुलारचंद यादव का जनसुराज पार्टी से कोई लेना देना नही है, वो केवल उम्मीदवार का प्रचार कर रहे थे.
और दूसरी बात उन्होंने कही की दबंगई या बाहुबली का जाति से कोई लेना देना नही है. बहुत ही महित तरीके से PKP ने अनंत सिंह और सवर्ण जाति के बाहुबलियों को डिफेंड किया. PKP कितना भी छुपाने की कोशिश करें जाति प्रेम दिखा ही देते हैं.
इस मंच पर दो भोजपुरी अभिनेत्रिया और मनोज तिवारी भी है, इनकी हिम्मत अकेले सभा करने की नहीं है
माइक पर पांच मिनट से ज्यादा ये नहीं बोल पाएगा, समझे भाई पांडमुल्ले 😃