“उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो,
न जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो जाए।”
बशीर बद्र साहब का इस दुनिया से जाना केवल एक शायर का चले जाना नहीं, हिन्दुस्तानी ज़ुबान की एक नरम रूह का बिछड़ना है। उनकी शायरी में शोर नहीं, एक गहरी गूँज थी।
अलविदा बशीर साहब।
📍सुल्तानपुर, काटपुरी- पुनहाना:
भांजे फ़ैज़ान को शादी की ढेरों शुभकामनाएँ, अल्लाह से दुआ है कि आपका जीवन प्रेम, विश्वास और खुशियों से भरा रहे।
Faizan Nazir Farhan Numberdar Zahid Husain Numberdar
निडर पत्रकारिता के प्रतीक और समाज के प्रति समर्पित जनाब @younusalvi साहब को उनके यौम ए पैदाईश पर ढ़ेरों मुबारकबाद।
आपके अच्छे लंबे सेहतमंद जीवन की दुआ है!
फिरोजपुर झिरका के माननीय विधायक @ErMammanKhan जी को
उनके यौम ए पैदाईश पर ढ़ेरों मुबारकबाद!
अल्लाह आपको अच्छा स्वास्थ्य, लंबी उम्र और आवाम की सेवा करने की और अधिक ताकत दे।
आपका जीवन खूब कामयाबी और सम्मान से भरा रहे ऐसी मेरी दुआ है।