एक महिला को बालों से पकड़कर घसीटा जा रहा है।
चिमटे से मारा जा रहा है और भीड़ चुपचाप देख रही है।
ये सब अंधविश्वास के कारण हो रहा है।
महिला आयोग @MinistryWCD ये सब देखकर चुप कैसे रह सकता है ?
क्यों नहीं होती #News में डिबेट इस सबके खिलाफ ?
मानवाधिकार आयोग @India_NHRC सोया हुआ है क्या ?
इस देश में अंधविश्वास के खिलाफ कानून है मगर पालन कितना हो रहा है ?
राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) भारत सरकार का एक संवैधानिक निकाय है, जो महिलाओं के अधिकारों, सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण के लिए भेदभाव रवैया पूर्ण कार्य करता है।
@NCWIndia
क्या आप केवल कुछ खास भाजपा नेताओं से जुड़ी महिलाओं के मुद्दों पर ही सक्रिय रहते हैं?
"जैसे -की रुचि तिवारी दिल्ली महिला यूट्यूबर"
दलित और आदिवासी महिलाओं के साथ हो रहे सामूहिक अत्याचार, चीरहरण और हिंसा की घटनाओं पर आपकी चुप्पी क्यों है? इन पीड़ित महिलाओं की आवाज़ बनने में आप कहाँ हैं?
केवल चयनित मामलों में सक्रिय होना महिलाओं की सुरक्षा और न्याय की भावना के विरुद्ध है।
जागिए, अपनी जिम्मेदारी निभाइए। सभी वर्गों की महिलाओं के हक की रक्षा करना आपका संवैधानिक कर्तव्य है।
#NCW #WomenSafety #DalitWomen #AdivasiWomen
जनरल कैटेगरी के गरीब बच्चों को हक दिलाने के लिए मोदी सरकार ने EWS कोटा बनाया था
ताकि आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को सहारा मिले,
लेकिन देश की सबसे बड़ी परीक्षा UPSC में जो हुआ, उसने सबको हिलाकर रख दिया है।
इस साल UPSC में EWS कोटे से 104 लोग सेलेक्ट हुए...
जब Indian Express ने इसकी तहकीकात की तो होश उड़ाने वाला सच सामने आया।
इन 104 में से 84 लोग वो निकले जो अमीर परिवारों से हैं,
जिन्होंने लाखों रुपए की महँगी कोचिंग ली, जो एक-डेढ़ लाख सालाना फीस वाले स्कूलों में पढ़े और जिनके माता-पिता बड़े बिजनेसमैन हैं।
जब आदिवासी, दलित, महिलाओं के मानवाधिकारों का खुलेआम हनन होता है और महीनों तक कोई कार्रवाई नहीं होती, तब सवाल उठना स्वाभाविक है कि महिला आयोग और मानवाधिकार आयोग आखिर किसके लिए हैं?
सामाजिक उत्पीड़न के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाली "फूलन देवी" जातिवादियों द्वारा नक्सली अपराधी घोषित कर दी गई....
लेकिन सरकारी ठेकेदारों, राहगीरों से लूटपाट करने वाला "भरत मिश्रा" अपराधी से देश भक्त बन गया !
वाह रे देश के लुटेरों अंधविश्वासी, पाखंडी, जातिवादियों ,
देशातील एक अत्यंत महत्त्वाचा न्यायालयीन खटला बाळासाहेब आंबेडकर लढताय.
देशभक्ती आणि राष्ट्रवादाच्या नावाखाली लोकांना मूर्ख बनवणाऱ्या भाजपचा चेहरा यानिमित्ताने उघडा पडणार आहे. अग्निवीर जवान शहीद मुरली नाईक हे ऑपरेशन सिंधुरमध्ये पाकिस्तानकडून झालेल्या हल्ल्यात शहीद झाले.
केंद्र सरकारने त्यांना शहिदाचा दर्जा देण्यास नकार दिला! कारण, ते अग्निवीर सैनिक होते म्हणून. त्यांच्या मृत्यू पश्चात ज्या सरकारी सुविधा त्यांना दिल्या पाहिजे, त्यांना तो दर्जा दिला पाहिजे तो देण्यास केंद्र सरकारने नकार दिला. इंडियन आर्मी मुरली नाईक यांना 'शहीद' म्हणते आणि केंद्रातील डरपोक सरकार त्यांना नाकारते.
याविरोधात बॉम्बे हायकोर्टात बाळासाहेब आंबेडकर यांनी शहीद मुरली नाईक यांच्या आईच्यावतीने याचिका दाखल केली आहे, त्याची अंतिम सुनावणी आता 7 तारखेला होईल.
जर निकाल शहीद मुरली नाईक यांच्या बाजूने लागला तर केंद्र सरकारला भविष्यातील कोणत्याही सैनिकांना शहिदाचा दर्जा नाकारता येणार नाही. त्यांच्या कुटुंबीयांना सर्व सुविधा द्याव्या लागतील.
धन्यवाद बाळासाहेब!
#PrakashAmbedkar #MuraliNaik
अकोला असा एकमेव जिल्हा आहे की, तेथे एकही शाळा वंचित बहुजन आघाडीने बंद होऊ दिली नाही. उलट पाच वर्षांत २५०० शाळा आम्ही सुरू केल्या आहेत.
: सुजात आंबेडकर
युवा नेते, वंचित बहुजन आघाडी
#Education#Schools#VBAForMaharashtra
कर्नाटक के गृह मंत्री @PriyankKharge जी ने RSS से काग़ज़ क्या मांग लिया, BJP ने अपने असल रंग दिखाने शुरू कर दिए
BJP MP रमेश जिगाजिनगी ने कहा “एक दलित आदमी को RSS से क्या मतलब?”
यह है इनकी असली सोच - एक दलित का RSS से क्या लेना देना
यह है इनके मन में दलितों के किए घृणा
शहीद मुरली नाईक केस अपडेट —
शहीद अग्निवीर जवान मुरली नाईक केस की आज बॉम्बे हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। आज सरकारी पक्ष ने कोर्ट से रिजॉइंडर दाखिल करने के लिए समय मांगा है। कोर्ट ने 3 तारीख से पहले दाखिल करने को कहा है और 7 तारीख को अंतिम सुनवाई के लिए रखा है।
हम उम्मीद करते हैं कि रेग्युलर सैनिक, अग्निवीर सैनिक और प्रादेशिक सैनिकों में जो अलग-अलग किस्म की समस्याएं हैं, युद्ध में यदि कोई भी सैनिक शहीद होता है, तो उसमें अंतर नहीं होना चाहिए। शहीद होने के बाद जो सरकारी बेनिफिट में भेदभाव होता है, वह नहीं होना चाहिए। सभी को एक जैसा न्याय मिलना चाहिए।
हम उसी को लागू करने की मांग कर रहे हैं। कोर्ट ने कहा है कि हम उस पर सुनवाई करेंगे।
#MuraliNaik #Agniveer
काँग्रेसचे राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडगे आणि महाराष्ट्र प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाळ यांना १२ तारखेला आम्ही मेल केला होता की, नांदेडमध्ये आपला उमेदवार नसल्यामुळे आपण वंचित बहुजन आघाडीला पाठिंबा द्यावा. याबाबत काँग्रेसकडून कोणतेही उत्तर आलेले नाही.
आष्टीकर उबाठा गटातून शिंदे गटात प्रवेश करत असतानाही काँग्रेस त्यांना आपला पाठिंबा कायम ठेवत आहे. आज भाजपच्या विरोधात लढायला कोणीही तयार नाही; काँग्रेससुद्धा लढायला तयार नाही.
भाजप आणि आरएसएसला पराभूत करण्यासाठी काँग्रेसकडे नांदेडमध्ये वंचित बहुजन आघाडीचा पर्याय होता. वंचितला पाठिंबा देऊन देशाला एक संदेश देता आला असता की, आम्ही भाजपच्या विरोधात आहोत. मात्र, ही संधी काँग्रेसने गमावली.
इंजि. प्रशांत इंगोले
उमेदवार - नांदेड विधान परिषद
वंचित बहुजन आघाडी
#Nanded #Amravati #VidhanParishad
महामनाव का विदेश भ्रमण का पैटर्न!
हाँथ हिलाते हुए प्लेन में चढ़ जाओ !
दूसरे देश पहुंचते ही नाच गाना देख लो।
बढ़िया खाओ-पियो, ठहाके लगाओ!
NRI से कहलवाओ “मोदी जी आप महान हैं”
फिर Mute Mode में नेताओं से बात करो।
फिर छुट्टी एंजॉय कर लौट आओ!
देश के लिए क्या आया कोई खबर नहीं!
अगर गंगा राम मिश्रा की जगह कोई SC, ST या OBC आरोपी होता, तो टीवी पर बहसों का तूफान आ जाता, पूरा समाज कठघरे में खड़ा होता, मेरिट-आरक्षण पर लेक्चर चलते और अपराध को समुदाय का चरित्र बता दिया जाता।
लेकिन आरोपी ब्राह्मण है, तो अपराध अचानक "व्यक्तिगत गलती" बन जाता है और कई लोगों की नैतिकता चुप हो जाती है।🔥🔥🔥
जातीय आतंक का घिनौना चेहरा!
उत्तराखंड के चंपावत जिले में एक दलित टैक्सी ड्राइवर कम किराए पर सवारी ले गया, तो अन्य सवर्ण ड्राइवरों ने जूतों की माला पहनाकर उसे सार्वजनिक रूप से अपमानित किया।
ये हरामखोर खुद तो सवारियों को मनमाना लूटते हैं, लेकिन अगर कोई दलित सही किराया ले तो उसे भी अपमानित करते हैं। इन कायर झुंड ने जिस तरह एक दलित को घेरकर उसे मां-बहन एवं जातिसूचक गालियां दीं, उसे जूतों की माला पहनाई, भरी सड़क पर खड़ा करके उसका वीडियो बनाया, और इतने से मन नहीं भरा तो पूरे दलित समाज को अपमानित करने के लिए उसका वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। इतना खूंखार एवं निर्दयी तो कोई आतंकी भी नहीं होता है। ये हरामखोर उससे भी ज्यादा निर्मम होते हैं।
पीड़ित की तहरीर व साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने द्विज हिंदू सोबरन सिंह, सोबरन सिंह, हरीश बोहरा और मोहन चंद्र के खिलाफ BNS एवं SC-ST Act की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। एक मासूम एवं ईमानदार ड्राइवर को घेरकर उसे जूतों की माला पहनाते समय ये गुर्गे दबंग बन रहे थे, अब FIR होते ही सारी हेकड़ी अंग विशेष में घुस गई है। भागे-भागे घूम रहे हैं। इतनी कठोर धाराएं लगी हैं कि अब ये अपनी गंदी परवरिश एवं जातिवादी मानसिकता पर पूरा जीवन पछताएंगे।
कानपुर के महाराजपुर थाना क्षेत्र के ढोडी गंगा घाट पर दलित युवाओं को स्नान करने पर बेरहमी से लाठी-डंडों से पीटा गया। जातिवादी और क्रूर मानसिकता अत्याचार व उत्पीड़न करने में चरम पर है। दलित युवाओं को पुजारी और अन्य लोगों ने न सिर्फ गालियां दीं, बल्कि लाठी-डंडों से भी पीटा। मारपीट करने वालों में ऐसे बच्चे भी शामिल थे जिनकी उम्र 10 वर्ष भी नहीं होगी।
समाज में जातिवाद का ज़हर इतना फैलाया गया है कि बच्चों की मानसिकता भी जातिवादी और अत्याचारी बना दी गई है।
जातिवाद के इस ज़हर को और गहरा बनाने में भाजपा सरकार और उसके नेताओं का हाथ है। दलित उत्पीड़न की घटनाएं होती रहेंगी, लेकिन न कोई कार्रवाई होगी और न कोई जवाबदेही तय होगी। भाजपा सरकारों का काम सिर्फ दलितों पर अत्याचार करने वालों को बचाना रह गया है।
वंचित बहुजन आघाड़ी इस घटना की कड़ी निंदा करती है और उत्तर प्रदेश सरकार से मांग करती है कि आरोपियों पर कठोर कार्रवाई हो।
#Kanpur
वीडियो मध्य प्रदेश के सतना का है। एक दरिंदा एक ग़रीब मजदूर के साथ जानवरों जैसा बर्ताव कर रहा है। मजदूर की पत्नी दहाड़े मारकर उसे बचाने की गुहार लगा रही है। लेकिन दरिंदे का कलेजा नहीं पसीजा। @DrMohanYadav51 सरकार इस दरिंदे का ईलाज करेगी? बुलडोज़र चलाएगी?
उत्तराखंड मे Ketan lal को जातिवादियों ने बेरहमी से शरीर मे कील ठोककर मार गिराया
गुनाह ये था कि केतन और सवर्ण लड़की एक दूसरे से प्रेम करते थे
सारे हिंदुत्वादी इस घटना पर चुप क्यों है?