तीन बजे दोपहर से लगातार आठ बजे तक जंतर मंतर पर बोलता रहा। दो घंटे के गैप के बाद, साढ़े चार घंटे का लाइव किया। 362 लोगों के प्रश्नों का लाइव में उत्तर दिया। 13000 कमेंट आए थे।
अब बारह घंटे में साढ़े नौ घंटे आरक्षण पर बोलने के पश्चात सोने जा रहा हूँ। आशा है कि सत्ताधीशों की भी नींद कल सुबह खुल जाए।
शुभ रात्रि! (वैसे तो अब ब्रह्म मुहूर्त होने वाला है।)
पंजाब में पेपर लीक का कोर्ट ने किया पर्दाफाश, फार्मेसी परीक्षा में घोटाले की हुई पुष्टि!
अब बताओ मनीष सिसोदिया और अरविंद केजरीवाल...
कब हटाओगे पंजाब के शिक्षा मंत्री को?
पंजाब और देश की जनता पूछ रही है।
Dozens of journalists covered the student protest in BJP ruled Delhi with total freedom, while in Opposition ruled Jharkhand @AmanChopra_ is picked up by cops, questioned, and slapped with an FIR.
No outrage. Because Democracy is alive and so is Press Freedom under the Congress.
आरक्षण पर चर्चा किसी भी पार्टी को असहज करेगी, और अब वही करना पड़ेगा। पटरी उखाड़ कर आरक्षित हो जाना, सामाजिक न्याय नहीं, राजनैतिक गिरोहबाज़ी है। अब जबकि प्रताड़ित वर्ग इस पर लामबंद हो रहा है, तो सत्ता के चाटुकारों को समस्या होने लगी है कि ये 'मूर्खता' है।
UGC, NEET, CBSE पर बोलना भी सबको मूर्खता और षड्यंत्र ही लग रहा था, फिर एक भीड़ आई, आप पर थूका और आपको चाटना पड़ा। अंततः, हुआ वही जो हम आपको बता रहे थे।
अब आरक्षण पर भी एक संगठित, सघन और गंभीर चर्चा होगी। इसके चक्कर में चुनावों पर असर पड़ना चाहिए कि कौन इन विषयों पर चर्चा से भाग रहे हैं, कौन इसे नकार रहे हैं, और कौन एक ही श्वास में 'विकसित भारत' और निजी क्षेत्र में आरक्षण ढूँढ रहे हैं।
अब मुझे यह मैटर नहीं करता कि कौन सत्ता में है और किसको होना चाहिए, मैंने पिछले 7 महीनों में जो देखा और फिर गत शनिवार को जो हुआ, उस से में आश्वस्त हूँ कि बिखरा हुआ, बिका हुआ नैरेटिव काम नहीं आता। सत्ता में रहने या निकाले जाने की चिंता राजनैतिक दलों को होनी चाहिए, आम नागरिक को नहीं।
आरक्षण की पूर्ण समाप्ति लक्ष्य है, जो की संविधान का भी लक्ष्य है, तो हम तो वही कर रहे हैं जो संविधान निर्माताओं ने सोचा था। ठीक है, समय सीमा नहीं थी, पर OBC आरक्षण भी तो नहीं था? उस समय के वंचित-पीड़ित-शोषित यदि आज भी वंचित-पीड़ित-शोषित ही हैं, तो इस पर सर्वेक्षण होना चाहिए कि तथाकथित सामाजिक न्याय तक पहुँचने के लिए कोई और मार्ग है क्या?
मेरा उद्देश्य प्रथम चरण में चर्चा का है, सरकार से इस पर संसद में आँकड़े रखवाने का है कि किस जाति समूह कि किन जातियों में कितनों को आरक्षण मिला, उनकी आर्थिक और सामाजिक स्थिति क्या है, उन्हीं जाति समूहों में कौन ऐसे लोग हैं जो अभी तक घिसट कर जीने को विवश हैं?
सामान्य वर्ग के लोगों में कितने लोग आर्थिक रूप से विपन्न हैं, उनके लिए सरकार की क्या नीतियाँ हैं, उन्हें फॉर्म भरने से ले कर हॉस्टल और कोर्स की फीस में छूट क्यों नहीं है? यदि आरक्षण EWS से दिया है तो यह इतना घटिया रूप में क्यों है कि निर्धन सामान्य वर्ग का विद्यार्थी लोन चुकाने में ही जवानी खपा देता है?
इसके बाद, हर राजनैतिक व्यक्ति को, दल को हम चुनावों के समय पूछेंगे कि उन्हें सामान्य वर्ग वोट क्यों दे? उनका मेरिट को ले कर क्या स्टैंड है, विकसित भारत में मेरिट की कितनी जगह है और शिक्षा व्यवस्था में आरक्षण के कारण राष्ट्र को कब तक नकारात्मक दिशा में ले जाया जाता रहेगा?
यही आरम्भ है, और यदि आवश्यकता पड़ी तो हम और भी विकल्प देखेंगे। हमें इस से अब मतलब नहीं है कि कौन आ जाएगा तो क्या हो जाएगा, उसका लोड वो लें जिनकी विधायकी और सांसदी जाएगी। हमें अपने बच्चों और इस समाज की चिंता हैं। हम बस अपने हिस्से की चिंता कर रहे हैं।
दिल्ली में आंदोलन और हंगामे के शोर के बीच धीरे से एक अहम और सुखद जानकारी सामने आई है।और यह ऐतिहासिक है।
संयुक्त राष्ट्र में पहली बार जबरन धर्मांतरण के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई गई है।
भाजपा के तमिलनाडु प्रदेश मंत्री @asuvathaman पहले ऐसे व्यक्ति हैं जिन्होंने UN में यह मुद्दा उठाया और कहा कि
हिंदू धर्म सिर्फ़ एक धर्म नहीं, बल्कि एक प्राचीन सभ्यता है।
जबरन धर्मांतरण से प्राचीन संस्कृतियों का विनाश हो रहा है। ऐसी संस्कृति जो पर्यावरण को पूजना सिखाती है, जब आप उसे खत्म करेंगे तो नुकसान धर्म, संस्कृति के साथ साथ पर्यावरण का भी हो रहा है।
ग्लोबल वार्मिंग के ये वे पहलू हैं जिन पर ध्यान नहीं दिया गया है।
🚨 BREAKING: Gita Press, Gorakhpur, has announced its FIRST-EVER trilingual edition of the Bhagavad Gita, featuring Sanskrit, Hindi, and English in one volume.
=> It is aimed at young readers and those unfamiliar with the Devanagari script 👌
Kunt Karnatak: I want genderless spaces.
Orry: Will you be ok with a man peeing next to your daughter?
Kunt Karnatak: No
Orry exposing Liberals one by one😂🔥
संस्कृत बोलने वाला हीरो
विद्युत जामवाल ने कैवल्यधाम में भारतीय योग के
राष्ट्रीय राजदूत के रूप में संस्कृत भाषण दिया
टैलेंट भी, सनातनी संस्कार भी...
विद्युत जामवाल अलग ही नेक्स्ट लेवल का बंदा है
गोवा प्रकरण में मेरे विरुद्ध दर्ज एफआईआर एवं गिरफ्तारी के संदर्भ में गठित अधिवक्ताओं की समिति के प्रति मैं हृदय से कृतज्ञता व्यक्त करता हूँ, जिन्होंने इस विधिक संघर्ष को पूर्ण निष्ठा, संयम और समर्पण के साथ आगे बढ़ाया।
पूज्य बाबूजी श्री हरीशंकर जैन जी, श्री विष्णु शंकर जैन जी, श्री संजीव पुनालेकर जी, श्री अमय प्रभु देसाई जी, श्री योगेश देशपांडे जी, श्री नागेश जोशी जी, श्री घनश्याम उपाध्याय जी तथा सामाजिक कार्यकर्ता श्री रमेश शिंदे जी, श्रीमती काजल सिंघाला जी एवं श्री अभय वर्तक जी ने जिस धैर्य, साहस और उत्कृष्ट विधिक कौशल के साथ इस दायित्व का निर्वहन किया, वह अत्यंत प्रशंसनीय एवं प्रेरणादायक है।
आप सभी का अमूल्य सहयोग और मार्गदर्शन मेरे लिए सदैव अविस्मरणीय रहेगा।
मैं आप सभी के प्रति अपनी हार्दिक कृतज्ञता सादर व्यक्त करता हूँ। 🙏
सीवी आनंद रेड्डी तेलंगाना के नए DGP बने हैं।
DGP का पदभार ग्रहण करते समय उन्होंने पुजारियों को बुलाया, बाकायदा संस्कृत मंत्रोच्चार के साथ हिंदू रीति-रिवाजों के साथ DGP के पद पर आसीन हुए।
Sitting in Germany, no link to India, no concern of India's strategic interests, paid by India's adversaries, the German bull terrier @dhruv_rathee is busy barking. And who does he tweet and support, the MOU with China inking individual @RahulGandhi and @INCIndia. Reason - this project will affect China the most