🍁🍃🌷 *सुप्रभात* 🌷🍃🍁
*शीशा और रिश्ता दोनों ही*
*बडे़ नाजुक होते हैं* ,
*दोनों में सिर्फ एक ही फर्क है ,*
*शीशा " गलती " से टूट जाता है*
*और*
*रिश्ता " गलतफहमियों " से ..*
🍁 *आपका दिन मंगलमय हो* 🍁
*कभी जी��े की आशा,*
*कभी मन की निराशा,*
*कभी खुशियो की धूप,*
*कभी हकीकत की छांव,*
*कुछ खोकर कुछ पाने की आशा,*
*शायद यही है जीवन की परिभाषा...!!!*
🌹मकर संक्रांति पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं🌹
*चाहती तो हूँ कि...*
*हर सुबह आपको*
*अनमोल खज़ाना भेजूं*
*पर*
*मेरे पास*..
*दुआओं के सिवा*
*कुछ भी नहीं है
हर हर महादेव
💐 *आपका दिन मंगलमय हो* 💐'
सुभप्रभात