#ठेकाप्रथा से पीड़ित भाई–बहन #राजस्थान_अस्थाई_कर्मचारी_संघ से जुड़कर मंच के माध्यम से अपनी बात रखें एवं शोषण से मुक्ति हेतु एकजुट होवें। Facebook Page जॉइन करें
पंचायतीराज LDC सीधी भर्ती 2013 की जांच SOG से "शून्य" FIR पर करवाए @RajGovOfficial , क्योंकि सिफारिशों और पैसों के बल पर बहुत बड़ा फर्जीवाड़ा उच्च स्तर पर हुआ है जिसके कारण वर्षों से काम कर रहे हजारों लोगों का हक खा गए वो फर्जी लो... @News18Rajasthan@zeerajasthan_@aajtak
70 साल बाद महिला आरक्षण बिल लागू नहीं हुआ? मगर 2014 से भारतीय जनता पार्टी की सरकार है? जब आपकी सरकार ने 2023 में महिला आरक्षण बिल को कानूनन पास करवा ही लिया था, तो फिर परिसीमन की बेड़ियों में जकड़कर ये शर्तें और पाबंदियां आखिर लगाई क्यों थी?@KumariDiya@Bhajanlal24@narendramodi
रेस्पेक्टेड @RahulGandhi जी, भारत की आधी आबादी हिंदी में सुनना चाहती है आपको, आपका हिन्दी अभियान जरूरी है 2029 के रण के लिए, जरा गौर फरमाइएगा पिछड़े वर्गों की खातिर...🙏🙏
संविदा एवं निविदा कर्मियों को कार्मिक विभाग के अधीन संस्था बनाकर नियमित करने की वर्ष 2025-26 की बजट घोषणा आज भी अधूरी।
आदेशों की आस लगाए प्रदेश का 2.5 लाख ठेका कर्मी,, मुख्यमंत्री जी जल्द संस्था के गठन के आदेश जारी करावें । आंदोलन को मजबूर अल्प वेतन भोगी ठेका कर्मी ।
@RajCMO
@gajendrakhojas@RajCMO ये शपथ लेता हूँ कि बजट घोषणा 2026–27 में प्लेसमेंट एजेंसी कर्मियों के भविष्य से संबंधित कोई घोषणा या RM&LCL अंतर्गत नियुक्ति नहीं देने के कारण 2026 में होने वाले पंचायतीराज/नगर निकाय चुनावों में वोट की बजाय विपरीत मतदान कर चोट देते हुए विरोध जताऊंगा। @BhajanlalBjp@ashokgehlot51
कर्मचारी विरोधी बजट!
राजस्थान के 8 लाख कर्मचारी और 2.5 लाख ठेका-संविदा कर्मी निराश और आक्रोशित। मुख्यमंत्री जी, 'कमेटी' का झुनझुना नहीं, मांगों का ठोस निराकरण कीजिए। संवाद का मान रखिए, वरना आंदोलन की राह दूर नहीं।
#EmployeesStrike#RajasthanGovt#Budget2026@RajCMO
मैं आज ये शपथ लेता हूँ कि बजट घोषणा 2026–27 में प्लेसमेंट एजेंसी कर्मियों के भविष्य से संबंधित कोई घोषणा या RM&LCL अंतर्गत नियुक्ति नहीं देने के कारण 2026 में होने वाले पंचायतीराज/नगर निकाय चुनावों में वर्तमान सरकार को वोट की बजाय मतदान कर चोट दूंगा। @BhajanlalBjp@ashokgehlot51
@1stIndiaNews@RajGovOfficial@BhajanlalBjp@RajCMO@rituraj9999 हर साल सरकार से ये ही उम्मीदें होती है कि कोई तो सरकार कमीशनखोरी और शोधन पर लगाम लगाने के लिए पॉलिसी लेकर आएगी और शोषण बंद होगा? लेकिन धरातल पर आखिर कोई करना क्यों नहीं चाहता? क्या अस्थायी एजेंसीकर्मी लोकतंत्र का हिस्सा नहीं है? क्या आजाद भारत में शोषण से आजादी कभी नहीं मिलेगी?
प्लेसमेंट एजेंसी कार्मिक पाकिस्तान से आए हुए विस्थापित हैं क्या @RajGovOfficial? चूंकि उन विस्थापितों को भी हिंदुस्तान ने गले लगाया है। हम तो है ही हिंदुस्तानी, फिर ये दम घोंटने वाला व्यवहार हम प्लेसमेंट एजेंसी कार्मिकों के साथ ही क्यों किया जा रहा है? @BhajanlalBjp@KumariDiya