1799 दारोगा भर्ती के अभ्यर्थियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर दीप जलाकर भर्ती रद्द करने की मांग उठाई. अभ्यर्थियों ने कहा कि जांच पूरी होने तक सरकार और आयोग को इस मामले में स्पष्ट फैसला लेना चाहिए.
@narendramodi@RahulGandhi@RJDforIndia@officecmbihar@samrat4bjp
मोदी जी का Happy Birthday दिखाने पर भी लगी रोक!
एक तरफ़ आधा बिहार बाढ़ से घिरा हुआ है दूसरी तरफ़ मोदी जी का जन्मदिन मनाने के लिए करोड़ो के दिए जलाए जा रहे हैं ।
70वीं #BPSC में धांधली के आरोपों को सरकार और आयोग लगातार खारिज करते रहे।लेकिन अब चयनित अभ्यर्थियों की ट्रेनिंग के दौरान ही मॉक टेस्ट देते समय मोबाइल की मदद से चीटिंग करते हुए पकड़े जाने की खबरें सामने आ रही हैं।
सवाल यह है कि जिस परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष बताया गया, उसमें ऐसे अभ्यर्थी आखिर चयनित कैसे हो गए?
जिस चयनित छात्र को साधारण सा मॉक टेस्ट पास करने के लिए मोबाइल का सहारा लेना पड़ रहा है,तो जरा सोचिए वह राज्य के प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा को किस प्रकार पास किया होगा?
ये सरासर आयोग के निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा की प्रक्रिया की पोल खोल रहा है!सरकार बताए—क्या यही है 'पारदर्शी चयन प्रक्रिया' का मॉडल?
70वीं #BPSC पर सवाल उठाने वाले छात्रों को अफवाहबाज कहा गया, आंदोलनकारियों को उपद्रवी बताया गया। लेकिन अब ट्रेनिंग सेंटर से ही मोबाइल और अनुशासनहीनता के मामले सामने आ रहे हैं।
लगता है आयोग की पारदर्शिता इतनी चमकदार थी कि उसमें खामियां दिख ही नहीं रही थीं। अब भी सरकार यही कहेगी कि सब कुछ नॉर्मल' है?
70वीं #BPSC सिर्फ एक परीक्षा नहीं, बिहार के युवाओं के भरोसे की परीक्षा थी। दुर्भाग्य से सरकार और आयोग दोनों इस भरोसे पर खरे नहीं उतरे।
जब अभ्यर्थी सड़क पर न्याय मांग रहे थे तब सत्ता अहंकार में थी, और आज ट्रेनिंग सेंटर तक विवाद पहुंच चुका है।
सरकार और आयोग के द्वारा बिहार के इतिहास की सबसे कलंकित और विवादित 70वीं BPSC की परीक्षा में हुए धांधली को छुपाने के लिये खूब PR कराया गया,खूब ढ़ोल पीटा गया,लेकिन हर रोज एक नया खुलासा हो रहा हैं जो चीख चीख कर परीक्षा में हुये धांधली का प्रमाण दे रहा है।
छात्रों के सवाल आज भी वहीं हैं: परीक्षा से लेकर परिणाम तक हर चरण की स्वतंत्र जांच कब होगी?
#70thBpsc_रद्द_करों
70BPSC के Prelims exam में गडबडी को दवा दिया गया पर मुख्य परीक्षा में बड़े पैमाने पर मार्क्स देने में गडबडी किया गया है...
आयोग खुद बोला कि 200 कॉपी में zero मार्क्स दिए गए ,फिर पुनः दूसरे परीक्षक के द्वारा जांच करवा कर मार्क्स दिया गया....
ऐसा क्यूँ ???
1000 करोड़ वाला व्यक्ति बयान दिया है उससे पूछताछ क्यूँ नहीं किया गया ???
70BPSC की पूरी परीक्षा प्रक्रिया की जांच की जानी चाहिए.
@BPSCOffice@officecmbihar
BPSC के official Website पर snacks moment की तस्वीर लग सकती है, Debarred Candidates की pdf उनके घर एवम Father नेम के साथ डाली जा सकती है, लेकिन Annual Report, आयोग के चेयरमैन और सदस्य की सम्पति की डिटेल्स नहीं डाली जा सकती, जब सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के जज की सम्पति उनके वेबसाइट पर हो सकती है, तो BPSC के बिहार महादलित विकास मिशन के पूर्व 'CEO' की सम्पति क्यों नहीं डाली जा सकती, Debarred छात्र की लिस्ट उनके पूरे डिटेल्स के साथ क्यों डाली गयी है, उसमें उनके मामले के हाई कोर्ट में जिन्होंने challenge कर रखा है, या stay है उसका भी column हो,Annual रिपोर्ट सार्वजनिक करने में क्या समस्या है?????
१. फ्रेंड का नाम Bihar Public Service Commission (BPSC), बिहार लोक सेवा आयोग है।
२. फ्रेंड के आयोग के अध्यक्ष Shri Parmar Ravi Manubhai हैं।
३. फ्रेंड के आयोग के सचिव Shri Hemant Kumar Singh हैं एवं परीक्षा नियंत्रक Shri Rajesh Kumar Singh हैं।
४. फ्रेंड का काम बिहार सरकार के विभिन्न पदों पर योग्य अभ्यर्थियों का चयन करने के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं का आयोजन करना, परीक्षा लेना, परिणाम जारी करना और चयन प्रक्रिया को पूरा करना है।
५. फ्रेंड BPSC को जैसे दीमक किसी वस्तु को अंदर से खोखला कर देती है, वैसे ही इस व्यवस्था को भी समस्याओं की दीमक लगी हुई है। इसकी समस्याओं को देखकर बिहार के आम नागरिक को गर्व नहीं, बल्कि शर्म महसूस होगी कि क्या हम ऐसी व्यवस्था वाले राज्य के नागरिक हैं।
आपको शायद शर्म आ जाए, लेकिन इस व्यवस्था के संचालन करने वालों को शायद शर्म नहीं आएगी।
६. फ्रेंड BPSC की प्रमुख समस्याएँ ;
1. परीक्षाओं की निष्पक्षता को लेकर बार-बार सवाल उठना।
2. प्रश्नपत्र की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल।
3. प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों से आयोग की विश्वसनीयता प्रभावित होना।
4. परीक्षा केंद्रों पर प्रश्नपत्र वितरण में अव्यवस्था की शिकायत।
5. एक ही परीक्षा के लिए पुनः परीक्षा कराने की स्थिति पैदा होना।
6. परीक्षा में शामिल सभी अभ्यर्थियों के लिए समान परिस्थितियां सुनिश्चित करने पर सवाल।
7. परीक्षा की प्रक्रिया को लेकर लगातार कानूनी विवाद खड़े होना।
8. परीक्षा से जुड़े विवादों का समय पर स्थायी समाधान नहीं होना।
9. परीक्षा परिणाम और अंतिम चयन के बीच लंबा समय लगना।
10. भर्ती प्रक्रिया पूरी होने में अत्यधिक समय लगना।
11. परीक्षा कैलेंडर में दी गई तिथियों का समय पर पालन नहीं होना।
12. कई भर्ती प्रक्रियाओं में अंतिम परिणाम की तारीख स्पष्ट नहीं होना।
13. पुरानी भर्ती प्रक्रियाओं का लंबे समय तक लंबित रहना।
14. विज्ञापन जारी होने और परीक्षा आयोजित होने के बीच लंबा अंतर।
15. रिक्त पदों के विरुद्ध भर्ती प्रक्रिया शुरू करने में देरी।
16. परीक्षा से संबंधित सूचनाओं में बार-बार संशोधन या परिवर्तन।
17. अभ्यर्थियों को महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी समय पर नहीं मिलना।
18. उत्तर कुंजी को लेकर अभ्यर्थियों की आपत्तियों का विवाद।
19. मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों में असंतोष।
20. उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन की प्रक्रिया को लेकर पर्याप्त स्पष्टता नहीं होना।
21. परीक्षा परिणाम के बाद कटऑफ और चयन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठना।
22. परीक्षा में गड़बड़ी होने पर जिम्मेदारी तय करने को लेकर असंतोष।
23. आयोग के अधिकारियों द्वारा अभ्यर्थियों की शिकायतों पर संवेदनशील संवाद की कमी।
24. अभ्यर्थियों और आयोग के बीच भरोसे की कमी बढ़ना।
25. परीक्षा विवादों के कारण लाखों अभ्यर्थियों का मानसिक तनाव बढ़ना।
26. परीक्षा रद्द या दोबारा होने से अभ्यर्थियों का अतिरिक्त आर्थिक नुकसान।
27. दूर-दराज के अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने की अतिरिक्त परेशानी।
28. परीक्षा केंद्रों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता।
29. परीक्षा प्रक्रिया में तकनीकी व्यवस्था को और विश्वसनीय बनाने की आवश्यकता।
30. ऑनलाइन आवेदन और अभ्यर्थी प्रोफाइल में सुधार के लिए बार-बार अलग-अलग सुविधाओं की जरूरत पड़ना।
31. परीक्षा में नकल और अनुचित साधनों को रोकने के लिए व्यवस्था को लगातार मजबूत करने की आवश्यकता।
32. आयोग के निर्णयों और प्रक्रियाओं को आम अभ्यर्थी के लिए और अधिक सरल एवं स्पष्ट बनाने की आवश्यकता।
33. विभिन्न भर्ती परीक्षाओं के बीच बेहतर समय प्रबंधन की आवश्यकता।
34. लंबित परीक्षाओं को समाप्त करने के लिए विशेष अभियान की आवश्यकता।
35. परीक्षा प्रक्रिया में प्रत्येक स्तर की जवाबदेही स्पष्ट रूप से तय करने की आवश्यकता।
36. अभ्यर्थियों के लिए एक मजबूत और समयबद्ध शिकायत निवारण व्यवस्था की आवश्यकता।
37. परीक्षा विवादों के कारण भर्ती प्रक्रिया पर पड़ने वाले असर को कम करने की आवश्यकता।
38. आयोग की परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता को और मजबूत करने की आवश्यकता।
39. लाखों अभ्यर्थियों से जुड़ी परीक्षाओं के संचालन में प्रशासनिक संवेदनशीलता की कमी दिखाई देना।
40. सबसे बड़ी समस्या यह है कि BPSC जैसी संस्था से बिहार के युवाओं को जिस निष्पक्ष, पारदर्शी और भरोसेमंद भर्ती व्यवस्था की उम्मीद है, उस भरोसे को बार-बार उठने वाले विवाद कमजोर कर रहे हैं।
मानक गुप्ता— आप अपोजिशन के हाथों में खेल रहे हैं और बीजेपी को सत्ता से हटाने की सुपारी ले रखी है।
ऐसा सभी लोग कह रहे हैं।
अभिजीत दीपके🔥— मेरा घर महाराष्ट्र में है इसलिए मैं वहाँ के स्कूलों में जा रहा हूँ, आशुतोष का घर राजस्थान में है इसलिए वो वहाँ जा रहा
सौरव का घर दिल्ली में है इसलिए वो दिल्ली के स्कूलों में जा रहा है।
ये हमारी गलती से आपने ये सारे स्टेट जीत लिए ?
हमारी कॉपियां भी इसी तरह सबके सामने लाओ @BPSCOffice और दिखाओ कि हमने क्या लिखा है और टॉपरों ने क्या लिखा है! यह भी साफ हो कि हमने कितने पेज छोड़े हैं। हमारी कॉपियां दबाकर क्या उस पर भुंजा खा रहे हो या उन्हें कबाड़ी में बेच दिया है? हमारी कॉपियां कब दिखाओगे—ट्रेनिंग खत्म होने के बाद?
#70thBPSC #BPSC_Scam #BiharStudentProtest
बिहार की राजधानी पटना में छात्रों का Protest, सरकार को प्रोटेस्टर्स ने क्या चेतावनी दी?
Full Report: https://t.co/ZdJ70F4QAJ
@RajatpandeyJF@pix_shubham
[Patna Protest, Bihar]
-नंबर लाकर SC/ST के लोग डॉक्टर बनते है?
अरे नहीं जी......
SC वाला 97 नंबर ला रहा है।
ST वाला 98 नंबर ला रहा है।
अब EWS वाला सवर्ण मात्र 78 नंबर लाकर डॉक्टर बन रहा है।
अब बताओ गलत इलाज करके पेट में कैची कौन छोड़ेगा? 😂