मेरे लिए मेरे देश और मेरे धर्म से बढ़कर कुछ भी नहीं है। मेरा परिवार भी नहीं। मैं किसी राजनीतिक दल का गुलाम नहीं हूं। अपने स्वतंत्र विचार हैं और उन्हें ही लिखता हूं।
आज जो हुआ वह किसी भी भारतीय के लिए कष्टदायक है। हमने अमेरिका के कहने पर युद्धविराम की घोषणा कर दी वो भी तब जब हम दुश्मन से अधिक सक्षम थे। युद्ध विराम के दो घंटे बाद फिर हमला हुआ। दुश्मन देश का प्रधानमंत्री कह रहा है कि उसने युद्ध जीत लिया है। यह कहने का साहस आखिर उसमें आया कहां से?
हमारे जवान शहीद हुए, हमारे निर्दोष नागरिक मारे गए। और हम जाकर दुश्मन के आगे झुक गए। कूटनीति, रणनीति छोड़िए किसी भी दशा में यह स्वीकार्य नहीं हो सकता है। देश के एक नागरिक के रूप में आज मैं ठगा हुआ महसूस कर रहा हूं। यह शांति नहीं है, यह एक सौदा है।
Sanjiv Khanna will be 51st Chief Justice of India.
His father Dev Raj Khanna was a judge in Delhi High Court. His uncle Hans Raj Khanna was judge in Supreme Court.
I wanted to make a thread of Nepotism, but an ounce of integrity stopped me.
Rather, it is a 🧵 of good Karma. Why?
Read how Sanjiv Khanna’s appointment will be a penance of a historical injustice.
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आपने कब चाहा दलित नेतृत्व? जब आपके यहाँ बाबू जगजीवन राम को मौका मिला तो आपने माला खींच के किसी और के गले में घेर दी। ये लोग चाहते हैं कि हम इनके बंधुआ मजदूर बनकर इनको वोट करते रहें।
- चंद्रशेखर आज़ाद, सांसद नगीना