झारखंड के 1600 वनरक्षी आंदोलन पर हैं। 16 अगस्त से वह रांची वन भवन में धरना पर बैठे हैं। 2014 की नियमावली के तहत 2017 में इनकी नियुक्ति हुई थी। लेकिन अभी 7 अगस्त को कैबिनेट की बैठक में यह लिए एक फैसले ने इनको आंदोलन पर मजबूर कर दिया। फैसले के अनुसार अब वनपाल की नियुक्ति होगी 1/2
जबकि नियमावली में यह है कि वनरक्षी ही प्रोमोशन पाकर वनपाल बनेंगे। कैबिनेट से पास संसोधन के अनुसार 50 प्रतिशत वनरक्षी को ही वनपाल में मौका दिया जाएगा। वनरक्षी इसी का विरोध कर रहे हैं और अपनी बात CM @HemantSorenJMM तक पहुंचना चाह रहे हैं। क्योंकि ये विभाग उन्ही के पास है।