रिश्तों से बड़ी चाहत और क्या होगी,
दोस्ती से बड़ी इबादत और क्या होगी,
जिसे रिपोस्ट करने वाला मिल सके कोई आप जैसा,
उसे ट्विटर से कोई और शिकायत क्या होगी
पुरुष को स्त्री का सबकुछ चाहिए !!
लेकिन स्त्रियाँ अपना सबकुछ किसी को नहीं देतीं,
वो ह्रदय देतीं हैं प्रेमी को ,
देह सौंपती हैं अपने पति को ,
उनका वक्त होता है संतानों के लिए,
अंत में किसी स्त्री का अपना कुछ नहीं "
ये ऑनलाइन दुनिया बड़ी अजीब है... कभी कोई मिल जाता है तो कभी खो जाता है, कभी अकेलापन दूर कर देता है तो कभी बिल्कुल अकेला छोड़ देता है, कभी बहुत दर्द देता है तो कभी मरहम की तरह... ये ऑनलाइन दुनिया ऐसी ही है परंतु रोमांचक है!