#GodMorningSaturday
जीवन रक्षक कबीर परमात्मा हैं , कबीर साहिब जी सर्वशक्तिमान परमेश्वर हैं. #SaintRampalJiQuotes
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#SaturdayMotivation
#SUNDAYSPECIALSATSANG
- कलयुग कितना बीत चुका है?
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- शरीर के कमलों के ऋण से कैसे छुटकारा मिलेगा?
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रविवार 02 जुलाई को सुबह 11 बजे से Live
#सारशब्द क्या है?
बिन रसना के सिमरा जाई। तासों काल रहे मुग्झाई।।
सूच्छम सहज पंथ है पूरा। तापर चढ़ो रहे जन सूरा।।
सार शब्द का जाप बिन जीभ के यानि सुरति-निरति से श्वांस द्वारा स्मरण होता है।
🌱 कीन्हा मगहर पियाना सतगुरु, कीन्हा मगहर पियाना हो।
दोनो दीन चले संग जाके, हिन्दू-मुसलमाना हो।।
अविनाशी परमात्मा कबीर साहेब मगहर से सशरीर सतलोक गये। हिन्दू व मुसलमान में भाईचारे व धार्मिक सामंजस्य का जो बीज बो गए थे, उसकी मिसाल मगहर में आज भी देखी जा सकती है।
🌱कबीर साहेब कलयुग में सशरीर आये थे व सशरीर अपने सतलोक चले गए। उनके शरीर के स्थान पर सुगन्धित पुष्प मिले थे जिन्हें बिना झगड़ा किये हिन्दू व मुस���मानों ने आधे-आधे बांटे और उस पर यादगार बना दी। ��ज भी मगहर में यह यादगार विद्यमान है।
600 वर्ष पूर्व भविष्यवक्ताओं ने हिंदू मुस्लिम समुदाय के बीच विशाल गृह युद्ध की भविष्यवाणी की थी जिसे कबीर साहेब जी ने मगहर लीला से समाप्त किया था। उस समय हिंदू मुस्लिम समुदाय ने अलग-अलग रीति से कबीर साहेब जी का दाह संस्कार करना चाहा किंतु चादर उठाई तो सुगंधित पुष्प मिले। 🌱
🌱मगहर रियासत (वर्तमान जिला कबीर नगर, उत्तरप्रदेश) में आज भी प्रमाण विद्यमान है कि कबीर परमेश्वर माघ माह शुक्ल पक्ष तिथि एकादशी विक्रम संवत् 1575 (सन् 1518) को सशरीर सतलोक गए तो कबीर परमेश्वर के शरीर के स्थान पर सुगंधित फूल मिले थे।
🌱मगहर से कबीर परमात्मा हजारों लोगों के सामने से सशरीर सतलोक को गये थे।
सत् कबीर नहीं नर देही, जारै जरत ना गाड़े गड़ही।
पठयो दूत पुनि जहाँ पठाना, सुनिके खान अचंभौ माना।
दोई दल आई सलाहा अजबही, बने गुरु नहीं भेंटे तबही।
#आदिपुरुष_कबीर
समर्थ परमात्मा कबीर
संत गरीबदास जी ने अपनी वाणी में बताया कि, सर्व सृष्टी के रचयिता सत कबीर यानि परमेश्वर कबीर जी ही हैं, जो सतलोक में रहते हैं। गरीब, ऐ स्वामी सृष्टा मैं, सृष्टी हमरे तीर, दास गरीब अधर बसू । अविगत सत कबीर । ।
Kabir Is God