कल जिस स्कूल से CJP वालों को भगाया गया था
आज वहां BBC के पत्रकार पहुंच गए है
BBC ने पूरी दुनिया में देश के सरकारी स्कूल की पोल खोल कर दी है
युवाओं को ताकत को सरकार बहुत कम करके अंक रही है
झारखंड सरकार की ओर से परीक्षाओं को रद्द करने के फैसले पर अब सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दीपके की प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने आंदोलनकारी छात्रों को बधाई दी है. अभिजीत दीपके ने एक्स पर लिखा, ''झारखंड के सभी छात्रों और इस लड़ाई का नेतृत्व करने वाले सभी लोगों को, खासकर देवेंद्रनाथ महतो को बधाई. आपकी यह लड़ाई देश भर क�� और भी कई छात्रों को प्रेरित करेगी.'' बता दें कि 24 दिनों से चल रहे छात्र आंदोलन के बीच हेमंत सोरेन सरकार ने आंदोलनकारियों की सबसे बड़ी मांग मानते हुए वर्ष 2024 में आयोजित जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा को रद्द करने का फैसला किया.
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पुष्कर के खेड़ा गांव के एक स्कूल में 12वीं की छात्रा के पास रजिस्ट्रेशन फीस के पैसे नहीं थे। उसने कहा कि पापा की सैलर�� मिलते ही दो दिन में जमा कर दूंगी।
आरोप है कि प्रिंसिपल ने कहा – छुट्टी के बाद रुक जाओ, मेरे साथ कुछ समय बिताओ, बदले में तुम्हारी फीस नहीं लगेगी। उसने प्रिंसिपल रूम में ही अकेले में गलत तरीके से छूने और जबरदस्ती करने की कोशिश की।
छात्रा रोते हुए घर पहुंची और अपने परिजनों को बात दी। परिजन स्कूल पहुंचे। ओर जम कर कुटाई कर दी।
उसके बाद एक उसकी सहेली गिलास में काला रंग लेकर आई ओर बोली – इस हैवान के चेहरे पर पोत दो... लड़की रोते हुए पोत दी।
उसके बाद उस प्रिंसिपल को ��्कूल परिसर में घुमाया गया और पुलिस के हवाले कर दिया गया।
राजस्थान की भजनलाल सरकार द्वारा सरकारी स्कूलों की वास्तविक स्थिति को छुपाने के लिए मीडिया की आवाज पर पाबंदी लगाने और स्कूल परिसरों में फोटो-वीडियो बनाने पर रोक लगाने का तुगलकी फरमान पूरी तरह अनुचित और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
अगर सरकारी स्कूलों में व्यवस्थाएं बेहतर हैं, बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है और सरकार अपने दावों पर खरी उतर रही है, तो फिर मीडिया से डर कैसा ?
सरकारी स्कूल जनता के पैसे से चलते हैं। वहां की व्यवस्थाओं, शिक्षण व्यवस्था, भवनों, मूलभूत सुविधाओं और बच्चों की समस्याओं की वास्तविक तस्वीर सामने रखना मीडिया और समाज का अधिकार है।
कमियां छुपाने के बजाय सरकार को उन्हें दूर करने पर ध्यान देना चाहिए।
सरकार चाहे जितनी पाबंदियां लगा दे, राजस्थान की जनता अपने बच्चों के भविष्य से जुड़े सवालों पर चुप नहीं बैठेगी ।
@RajCMO
खुद को बड़ा दिखाने के लिए घोषणा कर देते है
5 साल बाद भी घोषणा पूरी नहीं हुई ...
तो प्रिंसिपल महोदय ने उनके नाम की घोषणा कर दी 🤣
निडरता को सलाम...
वरना कोई दुश्मनी मोल नहीं लेना चाहता
सब इंस्पेक्टर सुखराम चौधरी पुलिस थाना करणी विहार,वैशाली जयपुर …
इनके अनुसार जयपुर में रात को बाहर निकलने की अनुमति नहीं है,आप ना बाहर खड़े हों सकते हैं और ना ही घूम सकते हैं
@jaipur_police बाहर ना निकलने की बोलकर आप आमजन में विश्वास पैदा कर रहे हो या डर ?
"पॉलिटिक्स मत खेलना, शिक्षामंत्री को हटाकर आये हैं"
◆ पुलिसवाले से अकेले भिड़ गए आशुतोष रांका
◆ अलवर में स्कूल की छत गिरने के बाद धरने पर बैठे CJP नेता
@AshutoshRanka | @Cockroachisback | Cockroach Janta Party
बच्चों की नम आंखों और सिसकियों से गूंजता गड़ा वाटेश्वर (डूंगरपुर) स्कूल बता रहा है कि शिक्षक राजेश कोटेड जी ने सिर्फ पढ़ाया नहीं, बच्चों के जीवन को छुआ है।
तबादले के वक्त बच्चों का यूं बिलख पड़ना इस बात की गवाही है कि राजेश जी ने शिक्षा से बढ़कर एक अभिभावक की तरह ब���्चों और उनके भविष्य की परवाह की है।
लेकिन सवाल ये है कि शिक्षा के खिलाफ..
बच्चों की भावना के खिलाफ.. और जनता के विश्वास के खिलाफ.. शिक्षा व्यवस्था का बेड़ागर्क करने वाले ऐसे निर्णय क्यों लिए जा रहे हैं?
बिलखते बच्चों का यह वीडियो गड़ा वाटेश्वर (डूंगरपुर)स्कूल का बताया जा रहा है। शिक्षक राजेश कोटे का तब���दला होने से बच्चे बहुत दुखी हैं। माना कि भावनाएं सिस्टम के लिए मायने नहीं रखती लेकिन बच्चों के प्रिय शिक्षकों को संभालकर रखना भी शिक्षा विभाग की प्राथमिकताओं में होना ही चाहिए।