बिहार के समस्तीपुर जिले में एक अद्भुत और दुर्लभ प्राकृतिक नजारा देखने को मिला है। जिले के मोहिउद्दीन नगर प्रखंड क्षेत्र में 26 सितंबर को जल बवंडर (Waterspout) देखा गया।
पानी की सतह से लेकर बादलों तक फैली इस रहस्यमयी आकृति को देखकर स्थानीय लोग हैरान रह गए और इलाके में यह घटना कौतूहल का विषय बन गई। आईएमडी पटना ने अपनी एक्स पोस्ट में भी इसकी जानकारी साझा की है।
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बच्चा रोया, तो मोबाइल दे दिया, खाना नहीं खा रहा, तो वीडियो चला दिया, अब इन बच्चों में देर से बोलने, हाइपर एक्टिव होने जैसी दिक्कतें सामने आ रही हैं, इनके इलाज के लिए सरकारी अस्पतालों में क्या व्यवस्था है, दैनिक भास्कर की टीम ने दिल्ली और 6 राज्यों में पड़ताल की, पढ़िए पूरी रिपोर्ट
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#VirtualAutism #ScreenTime #Childcare #exclusive #groundreport By @shristi_mishra5
इनमें से जो नाटे व्यक्ति हैं वो बड़े कमाल' के हैं
वह अपने शरीर को इस तरह से सिकोड़' लेते हैं
जिसे शायद दुनिया में कोई व्यक्ति' नहीं कर सकता
यह है इंडिया🇮🇳
शाबाश इंडिया🇮🇳
निशु आजाद और उसका परिवार फंस गया है
गाजियाबाद में जिस सोसाइटी में Nishu Azad रहती है, वहां के लोगों ने घर खाली करने को कह दिया है
लोगों का कहना है कि निशु डेंजरस है और उनके बच्चों के लिए ठीक नहीं है
सिंगर अंकित बालियान हत्याकांड में हरियाणा की जेल में बंद गैंगस्टर राकेश उर्फ पम्पू को जैसे ही पता चला कि शामली पुलिस उसे अपनी कस्टडी में लेकर पूछताछ करना चाहती है तो उसने कोर्ट में अर्जी देकर कहा है कि जब भी उसे जेल से बाहर ले जाया जाए तो हाथों में हथकड़ी और पैरों में बेड़ियां लगाई जाए ताकि वह चाहकर भी भाग न सके।
अपराधी यूपी पुलिस की पकड़ में आते ही भागने का प्रयास करने लगता है और फिर एनकाउंटर हो जाता है।
माँ के निधन के बाद पैतृक गाँव लौटा बेटा, अब जान बचाने की गुहार, SC-ST Act की धमकियों से हालात ऐसे कि कह रहा है: “या तो गाँव छोड़ना पड़ेगा, या मेरी जान चली जाएगी!”
"मैं राजपूत ठाकुर जाति से संबंध रखता हूँ और मेरा जिला बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश है। दरअसल, मैं काफी लंबे समय से दिल्ली में रह रहा था। अभी दो महीने पहले मेरी माता का निधन हुआ, तो मुझे अपने पैतृक गाँव में आकर रहना पड़ा।
तो यहाँ की स्थिति ये है कि मेरे पड़ोसी जो भीम आर्मी संगठन से जुड़े हुए हैं। उन लोगों ने मुझे इतना बुरी तरह से प्रताड़ित कर रखा है कि वे मेरे घर में जबरदस्ती घुसने का प्रयास करते हैं, मुझे हमेशा गालियाँ देते हैं, धमकियाँ देते हैं और आते-जाते हुए रास्ते में मुझे परेशान करते हैं।
मेरे पास वीडियो साक्ष्य भी मौजूद हैं, जिसमें मुझसे ये तक कहा गया है कि, तू हमारी तरफ देखता क्यों है? तू हमारी तरफ देखेगा नहीं और तू जमीन कि तरफ नीचे नज़र करके चलेगा, हमारे सामने।
मैंने पुलिस को भी इस संबंध में कई बार शिकायत दी है। एक महीने से मैं कई बार पुलिस को शिकायत दे चुका हूँ। पुलिस का हमेशा आश्वासन रहता है कि कार्रवाई की जाएगी।
इसी क्रम में आज सुबह मेरे साथ इन लोगों ने मारपीट की है, गाली-गलौज की है और मुझे धमकी दी है कि हम तुम्हें फर्जी एससी-एसटी एक्ट और महिला उत्पीड़न के केस में किसी न किसी तरह फँसाकर जेल भेजवा देंगे। तुम्हें आज के आज यहाँ से जाना पड़ेगा, या तो तुम यहाँ से कहीं बाहर चले जाओ, नहीं तो हम तुम्हें जेल भेज देंगे।
मेरे घर में बहुत सारे लोग नहीं हैं। दरअसल, मैं अकेला हूँ और मेरे वृद्ध पिता हैं। मेरा बहुत बुरी तरह से शोषण और उत्पीड़न किया जा रहा है।
तो मेरा सभी संगठनों से, जो भी सवर्ण संगठन हैं या जो भी इस तरह के कुकृत्यों के संबंध में हम जैसे लोगों की रक्षा करते हैं या सुरक्षा करते हैं, उनसे निवेदन है कि मेरी सुरक्षा की जाए।
आज जिस तरह से मेरे साथ मारपीट की गई है, मुझे अपनी हत्या तक किए जाने का डर है। अगर मुझे कुछ होता है तो यही लोग, जिनके खिलाफ मैंने शिकायत और प्रार्थना पत्र में नाम दिया है, वही लोग उसके जिम्मेदार होंगे।
इन लोगों के द्वारा गलियों में तलवारें लहराई जाती हैं, गली में नीला गमछा डालकर और तरह-तरह से मुझे उत्पीड़ित किया जाता है।
तो मेरा यही निवेदन है कि सभी लोग मेरी सुरक्षा सुनिश्चित करें, क्योंकि मैं पुलिस में भी कई बार कंप्लेंट दे चुका हूँ। आज पुलिस के द्वारा मुझे आश्वासन दिया गया है कि जो संबंधित लोग मुझे प्रताड़ित कर रहे हैं, उनके खिलाफ आज मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
परंतु मेरा कहना ये है कि अगर मुझे इसी तरह प्रताड़ित किया गया और मेरे बचाव में कोई संस्था या कोई लोग नहीं आते हैं, या मेरे ऊपर किसी तरह का फर्जी मुकदमा दर्ज होता है, तो मेरे पास दो रास्ते होंगे। एक रास्ता होगा कि मैं अपने प्राणों की आहुति दे दूँ या अपनी जीवन समाप्त कर लूँ, क्योंकि मैं एक पढ़ा-लिखा व्यक्ति हूँ और मुझे इस तरह प्रताड़ित करके या जेल भेजने का अगर काम किया जाएगा, तो मैं अपने प्राण देने के लिए मजबूर रहूँगा और मेरे पास इसके अलावा कोई रास्ता नहीं होगा।
इसके अलावा, मुझे पलायन करना पड़ेगा। मुझे समझ में नहीं आता कि मेरे कई पीढ़ियों से मेरे पूर्वज यहाँ पर रहे हैं, तो अचानक ऐसा क्या हुआ है कि मुझे यहाँ से भगाया जा रहा है।
चूँकि मेरा घर इस गाँव में अंतिम पंक्ति में है, ठाकुरों के गाँव में जो घर होते हैं, उसकी अंतिम पंक्ति में मेरा घर है। इन लोगों की कम्युनिटी ने चारों तरफ घर बनाकर हमें चारों तरफ से घेर रखा है।
तो अब इन लोगों का ये है कि इन्होंने मुझे वल्नरेबल समझ लिया है कि मैं इनके लिए बहुत ईज़ी टारगेट हूँ।
तो अगर मेरी किसी तरह हत्या हो जाती है या मुझे किसी केस में फँसाया जाता है, तो उसके लिए वही लोग जिम्मेदार होंगे।
मेरे पास दूसरा रास्ता ये भी है, जो मेरे दिमाग में आ रहा है, कि मुझे धर्म परिवर्तन कर लेना चाहिए, ताकि मेरे ऊपर से ये ठाकुर वाला दाग हट जाए। इसको मैं दाग कहूँगा।
एक्चुअली, मैं इस पर पहले गर्व महसूस करता था। गर्व इसलिए महसूस करता था कि हमारे पूर्वजों ने काफी वीरताएँ दिखाई हैं, युद्ध लड़े हैं और कई युद्ध जीते हैं। उन्होंने देश को आगे बढ़ाने में प्रयास किया है।
लेकिन अभी मुझे इस बात का भय है कि जिस जाति से मैं बिलॉन्ग करता हूँ, वही जाति मेरे प्राणों के लिए काफी कष्टकर साबित हो रही है।"
अठालवे जी, जाटव जी और पासवान जी का लक्ष्य इस बच्चे तक आरक्षण पहुँचाने से रोकना है। ये किस जाति का है, पता नहीं, पर इसे आरक्षण चाहिए यह इसकी थाली में पानी का होना बताता है।
पुलिस के साथ पब्लिक और प्रेस मिलकर मेहनत करते हैं तो अपराध फ्री समाज की स्थापना होती है। यदि मोबाइल चलाते हैं तो एक बार रिस्की ऐप जरूर चेक कर लें। सेफ क्लिक २.० अभियान का उद्देश्य महिला पुरुष बच्चों सभी को साइबर अपराधों के खिलाफ सशक्त बनाना है।