जंतर-मंतर पर छात्रों की आवाज़ बुलंद करने पहुँची एक बच्ची के पिता पर गुंडों ने जानलेवा हमला कर दिया।
बच्ची ने वीडियो बनाकर स्थिति बताई है।
कि उसके पिता का तीन जगह से सिर फट गया।
अभिजीत @abhijeet_dipke कहाँ है ? करवाओ FIR और कार्यवाही।
और क्या इस देश मे छात्रों की आवाज़ उठाने पर ये ईनाम मिलेगा ?
💔- कभी मंदिर से चोरी की खबर आती है।
कहीं ईवीएम के जलने की चर्चा हैं।
कभी शिक्षा मंत्रालय में आग लग जाती है।
कभी होटल तो कभी library में आग लगने से लोग जान गंवा देते हैं और फायर ब्रिगेड वक़्त पर नहीं पहुँच पाती।
कहीं अस्पतालों के बाहर इलाज के लिए तरसते लोग...
तो कहीं स्कूलों की छत गिर जाती है।
कभी पेपर लीक से लाखों सपने टूट जाते हैं ...
तो कहीं न्याय की उम्मीद में उम्र निकल रही है।
आए दिन भ्रष्टाचार की खबरें, योजनाओं में घोटालों के आरोप है।
प्रदूषित हवा...गंदा पानी...टूटी सड़कें, गिरते पुल हैं।
महँगाई से जनता की जेब पर बढ़ता बोझ हैं।
आखिर कब तक?
कब तक इस देश का आम आदमी हर मोर्चे पर समझौता करता रहेगा?
खाने में मिलावट स्वीकार कर लो...
शिक्षा में खामियाँ स्वीकार कर लो...
स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली स्वीकार कर लो...
भ्रष्टाचार स्वीकार कर लो...
बेरोज़गारी स्वीकार कर लो...
और फिर कह दो - "ऐसे ही चलता है।"
नहीं...
ऐसे नहीं चलता।
समस्याओं को नियति मानकर हम देश को कमज़ोर कर रहे हैं
दुनिया के किसी भी विकसित देश ने चुप रहकर विकास नहीं किया।
वहाँ नागरिकों ने सवाल पूछे, जवाब माँगे और व्यवस्था को जवाबदेह बनाया।
आज भारत में करोड़ों ईमानदार लोग हैं- ईमानदार शिक्षक हैं।ईमानदार डॉक्टर हैं।ईमानदार अधिकारी हैं।ईमानदार पत्रकार हैं।ईमानदार कर्मचारी हैं।
लेकिन यदि ये सब अपने-अपने डर, स्वार्थ और मजबूरियों में चुप बैठे रहेंगे तो कुछ भी नहीं बदलेगा।
देश पीछे जा रहा है, क्योंकि गलत को देखकर भी बहुत लोग चुप हैं।
जिस दिन इस देश का आम नागरिक यह तय कर लेगा कि उसके बच्चों को शुद्ध भोजन चाहिए, अच्छी शिक्षा चाहिए, बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था चाहिए, निष्पक्ष परीक्षाएँ चाहिए, सुरक्षित शहर चाहिए और भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था चाहिए...
उस दिन से बदलाव शुरू होगा।
गलत को गलत कहने की कीमत चाहे जो हो, चुप मत रहिए।
यह लड़ाई किसी दल, नेता या सरकार के खिलाफ नहीं है।
यह लड़ाई भारत के भविष्य के लिए है।
Big Announcement‼️
Renowned Educator & Author Abhinay Sharma Aka Abhinay Maths will be joining CJP’s protest today at Jantar Mantar.
24th June | 4 PM | Jantar Mantar
भाई ये लड़की तो पोल खोल रही है. ऐसे कौन बेइज्जत करता है ?
कह रही- BJP में सब अनपढ़ नेता भरे हैं.
“Education नाम की एक चीज होती है, वो BJP के किसी नेता में नहीं है”
PTI के मुँह पर मास्क किसने लगा दिया। पत्रकारिता लोगों की आवाज़ बंद करती थी आज भाजपा राज में उनकी ही आवाज़ बंद की जा रही है।
ये ‘लोकतांत्रिक कलयुग’ है।
ये ‘मीडिया का चारणकाल’ है।
#Media_Muzzling
मोदी सरकार में सब भ्रष्ट हैं ? एक 'इथेनॉल' से लूट रहा है, दूसरा 'जमीन हड़प' रहा है तीसरा 'पेपर लीक' से पैसे बना रहा है, चौथा 'निकोबार द्वीप' लूट रहा है
: ध्रुव राठी, ब्लॉगर
उत्तर प्रदेश अग्निशमन विभाग में 11 लाख रुपए की बुलेट आई है..जबकि उसकी कीमत कुल 3
लाख रुपए है..!
सोचिए 1 बुलेट में 8 लाख रुपए का घोटाला किया
गया है DG द्वारा..!
लखनऊ में अग्निकांड स्थल पर पहुंचे फायरमैन जितेंद्र राठौर के आरोप सुनिए..!
यदि ये आरोप सही हैं, तो यह बेहद गंभीर मामला है और इसकी निष्पक्ष व पारदर्शी जांच होनी चाहिए। वहीं, यदि आरोप गलत हैं, तो सरकार और विभाग को आधिकारिक दस्तावेज़ों के साथ स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
जनता के टैक्स के पैसे से जुड़े हर मामले में पारदर्शिता और जवाबदेही सबसे ज़रूरी है।
इतना अहंकार?
पेपर लीक का विरोध करने वाले मासूम बच्चे देश के 'टुकड़े-टुकड़े' करना चाहते हैं... और आप उनका भविष्य बर्बाद करके देश बचा रहे हैं, धर्मेंद्र प्रधान जी? वाह
One guy is looting money by forcing Ethanol
Another is land grabbing for his real estate empire
One is making money from leaking exam papers
Another is looting by selling the Nicobar Island
Top to bottom, everything is corrupt and compromised in this Modi govt.
यदि लीक का स्रोत नहीं पकड़ा जाएगा, तो Telegram बंद कर दीजिए, कल WhatsApp होगा, परसों कोई और माध्यम होगा।
बीमारी का इलाज चाहिए, थर्मामीटर तोड़ने से बुखार नहीं रुकता।
ग़ज़ब की बेशर्मी है भाई अमेरिकी सेना ने हमारे तीन जहाजों पर मिसाइल से हमला किया, तीन भारतीयों की हत्या कर दी।
लेकिन लाल आँखें दिखाना तो दूर, मोदी ट्रम्प के साथ “हीं हीं खी खी” कर रहे हैं।
ट्रम्प मोदी को बच्चों की तरह थपकी दे रहा है।
#G7
इस वीडियो ने मुझे झकझोर दिया।
ये उस भारत के लाचार युवा हैं - जिसकी सरकार अपने अरबपति दोस्तों पर लाखों करोड़ लुटा देती है, पर अपने ही छात्रों को एक सुरक्षित सफ़र तक नहीं दे सकती।
चुनाव के वक़्त यही सरकार पूरी-पूरी ट्रेनों का इंतज़ाम कर लेती है। और परीक्षा देने जा रहे छात्रों के हिस्से में आती है - भीड़, घुटन, और बेबसी।
इससे बड़ा सबूत क्या होगा कि मोदी सरकार छात्रों की गूंज सुनना ही नहीं चाहती।
पर मैं वादा करता हूँ - हम यह आवाज़ उन बहरे कानों तक पहुँचाएँगे। हर छात्र को उसका हक़ मिलेगा, उसका न्याय मिलेगा।
17 जून, कोटा। यही गूंज, अब हुंकार बनेगी।
#ChhatronKiGoonj