@BiharEnergy Improper Closure of Line Breakdown Issue – Consumer Account 11110024654, Complaint ID: NSU29032600747. It has been almost 10 days, senior citizens residing at the premises, and the prolonged electricity disruption is causing severe inconvenience and hardship.
@SawarnOrgRsp मोदी और अमित शाह की सच्चाई ओशो ने बहुत पहले बता दी थी कि “वैश्य” और “वेश्या” में ज़्यादा अंतर नहीं होता। वैश्या तो फिर भी बेहतर है-शरीर बेचती है, वैश्य तो फायदे के लिए आत्मा भी बेच देता है। हमने सर पे बिठाया और लोमड़ी धूर्त साले हमे ही खाने पे लग गए।
@BJP4India@narendramodi@AmitShah@myogiadityanath@RSSorg नाश नजदीक है BJP का। एक के लिए जाती सूचक शब्द के झूठे आरोप पर भी ज़िन्दगी बर्बाद। दूसरे की बेटियां उठाओं, समबन्ध बनाओ जैसे अपमान पर भी खामोशी। मोदी और अमित शाह अपना हश्र देखते जाओ। धूर्त और नीच कहीं के।
मैं गत चुनाव में जब यहां आया था, तब मैंने घोषणापत्र जारी किया था और कहा था कि हम एक लाख युवाओं को नौकरी देंगे।
मैं एक महीने पहले यहां आया और हिमंता भाई से हिसाब मांगा, कि उस वादे का क्या हुआ।
उन्होंने कहा, 'एक लाख नहीं, एक लाख 65 हजार युवाओं को नौकरी देने का काम हो गया'।
- श्री @AmitShah
#BJP4AssamYuva
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हाँ, राजनीति के इस ‘कोहिनूर’ के साथ जो एक कलंक उनके तथाकथित समर्थक जोड़ने पर आमादा हैं, वह है उनके पुत्र का राजनीति में जबरन उत्थान। निशांत कुमार की अभी तक की राजनीतिक हैसियत और पहचान इतनी ही है कि वे नीतीश कुमार के पुत्र हैं।
@Jduonline@NitishKumar@BJP4India उचित समय पर कठोर निर्णय न लेने की अक्षमता ही व्यक्ति को साधारण बना देती है।नीतीश जी के बिगड़ते स्वास्थ्य और मानसिक स्थिति के बावजूद उनका मुख्यमंत्री पद पर बने रहना या उन्हें बनाए रखना, इतने बड़े पद, राजनीति और राज्य का परिहास ही तो हो रहा था।
जहाँ कमजोर वर्गों में नैतिक मूल्य, विवेक, और चरित्र का विकास होना चाहिए था, वहाँ बीजेपी ने सत्ता की लालसा में उन्हें भावनात्मक रूप से भड़का कर एक राजनीतिक उपकरण बना दिया है। उन्हें केवल सत्ता संघर्ष का ईंधन बना दिया गया है, जिससे समाज में असंतुलन और कटुता बढ़ती जा रही है।
@BJP4India@BJP4UP@narendramodi@AmitShah@RSSorg@myogiadityanath पता नहीं ऐसा मैं ही या बहुत से लोग यही अनुभव कर रहे हैं। UGC से जुड़े घटनाक्रम के बाद जिस तरह से मोदी और अमित शाह की सोच, चाल और मानसिकता सामने आई है, उसके बाद अब उनकी कोई भी बात मुझे विश्वसनीय नहीं लगती।
उनके हर बयान में मुझे झूठ और सत्ता की चाल ही दिखाई देती है।सबसे ज्यादा पीड़ा इस बात की है कि इन्हें जनरल वर्ग ने भगवान की तरह पूजा, अगर वही उनके अस्तित्व को कमजोर करने या जड़ से समाप्त करने जैसी नीतियों की साज़िश कर सकते हैं, तो सत्ता पाने के लिए वे किसी भी हद तक जा सकते हैं।
जिस समाज ने अपने खून का कतरा-कतरा इस देश को बनाने में लगा दिया, जो हमेशा Nation First की बात करने वालों के साथ खड़ा रहा-उसी समाज के बच्चों के जीवन को बर्बाद करने की साजिश रच दी गई। इतनी गहरी जातीयता और विद्वेष का ज़हर
भारत के इतिहास में शायद ही कभी किसी ने घोला हो।