कूटनीति की मर्यादा तार-तार!
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प द्वारा इटली की PM जॉर्जिया मेलोनी को लेकर ऐसी टिप्पणी करना, न केवल अमर्यादित है बल्कि अंतरराष्ट्रीय संबंधों की गरिमा के खिलाफ है।
��ेलोनी को सामने आकर सफाई देनी पड़ी ,यह खुद बताता है कि अब कथित ग्लोबल लीडरशिप किस स्तर पर गिर चुके है।
'ट्रम्प-शैली' अब कूटनीति के लिए खतरा बनती जा रही है।
US का अगला जो भी राष्ट्रपति होगा उस��ा आधा कार्यकाल अपने सहयोगी देशों से माफ़ी मांगने और रिश्ते सुधारने में ही निकल जाएगा।
बदतमीजी की सारी हदें पार कर दी गई है।
इटली PM मेलोनी को सामने आकर कहना पड़ा है की मैंने ट्रम्प के साथ फोटो खिंचवाने के लिए कोई भीख नहीं मांगी है।
मतलब ये ट्रम्प ने कहा था-
कि मेलोनी ने G7 के दौरान फोटो खिंचवाने की भीख माँगी थी,
टपोरी जैसा बयान देना
ऐसे मे क्या राष्ट्राध्यक्ष का कोई लेवल है।
ट्रम्प ने वर्ल्ड डिप्लोमेसी को ज़मीन पर लाकर पटक दिया है।🫵
हिंदू जाहरपीर गोगा जी महाराज के मंदिर में जो गोगामेड़ी राजस्थान में स्तिथ है।
उसमे मुसलमान क्या कर रहा है?
मैं पूछती हूँ राजस्थान सरकार @BhajanlalBjp@BJP4Rajasthan से किसने इनको यह हक दिया की यह हिंदू मंदिर में मांस मच्छी कर के पूजा कर सकते है।
माननीय राजस्थान सरकार से मेरा निवेदन है गोगा जी महाराज के मंदिर को मुसलमान मुक्त करे।🙏🏻
नहीं तो हिंदू ख़ुद अपना फ़ैसला करेंगे।🙏🏻
मैं इनको किसि भी कीमत पर गोगा जी महाराज के मंदिर में या किसी भी हिंदू मंदिर में बर्दाश्त नहीं करुगी। 😡
आज इन्होंने मेरे साथ बातमीजी कड़ी है पीछे गाड़िया लगादी मैं गोगा जी महाराज मंदिर को इनसे मुक्त कर के ही मानूँगी अब।🙏🏻🚩
यदि हिंदू हो तो वीडियो को ��़्यादा से ज़्यादा repost करो।🙏🏻
आबादी 1400 और जन्म प्रमाणपत्र 28,000
90% भ्रष्टाचार 01 वर्ष में खत्म हो जाएगा
जो भगवान से नहीं डरते, वे भी फांसी से डरते हैं
भ्रष्टाचारियों का नार्को पॉलीग्राफ ब्रेनमैपिंग टेस्ट करने, 100% संपत्ति जब्त करने, नागरिकता खत्म करने और 01 वर्ष में फांसी देने के लिए कानून कब बनेगा?
25 दिसंबर की रात सभी पंजाबी जमीन पर सोया करते थे क्योंकि 25 दिसंबर, 1704 की रात, माता गुजरी और उनके दो छोटे पोते (साहिबजादे) नवाब वज़ीर खान की कैद में थे और उन्होंने सरहिंद के ठंडे बुर्ज में वह रात बिताई थी, जिसके बाद 26 दिसंबर को उन्हें जिंदा दीवार में चुनवा दिया गया था और 27 दिसंबर को माता गुजरी ने भी अपने प्राण त्यागे थे.
आज पंजाब के लोग सेंटा क्लाउज के साथ खुशियां मना रहे हैं, और हाले लुइया की आवाजें गूंज रही हैं 😑
अगर कल इनमें से किसी एक को भी ज़मानत मिल जाती है, तो उसके लिए 80% तक ज़िम्मेदारी हिंदुओं की भी होगी।
क्योंकि?
👉 जाने-अनजाने हम ही उनके महंगे वकीलों का खर्च उठा रहे हैं।
और सबसे बड़ा दुर्भाग्य यह है कि
👉 हिंदुओं को इसकी जानकारी तक नहीं है
कि उनके ही पैसों से कट्टरवादियों के लिए
महंगे वकीलों की पूरी फौज खड़ी की जाती है।
तो सीट की बेल्ट बाँध लो चमचों,
क्योंकि तुम्हारे आकाओं का
👉 एक और चिट्ठा अब खुलने वाला है।
उससे पहले ज़रा यह जान लो—
👉 कांग्रेस की एक और घटिया कर्तूत।
❓ हलाल प्रोडक्ट आखिर होता क्या है?
हलाल का मतलब—
ऐसे प्रोडक्ट जो एक खास मज़हबी नियमों के अनुसार बनाए जाते हैं,
ताकि उन्हें वही खास समुदाय इस्तेमाल करे।
लेकिन इसके नाम पर देश में
👉 हज़ारों करोड़ की हलाल इंडस्ट्री खड़ी कर दी गई। और मज़े की बात यह है कि—
👉 इसकी कीमत उन हिंदुओं से वसूली जा रही है
जिनका हलाल सर्टिफिकेशन से
दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं।
एक ऐतिहासिक सच
1974 से पहले भारत में
👉 हलाल सर्टिफिकेशन जैसी कोई चीज़ थी ही नहीं।
मतलब साफ है—
👉 कांग्रेस के शासनकाल में ही इस नए हलाल बाज़ार की नींव रखी गई।
1993 तक यह सिर्फ मांस तक सीमित था,
ले��िन बाद में तुष्टिकरण की राजनीति के चलते
👉 इसे हर चीज़ में घुसा दिया गया।
पैसा जाता कहाँ है?
भारत में जमात उलेमा-ए-हिंद जैसे संगठन
हलाल सर्टिफिकेशन देते हैं
और बदले में कंपनियों से
👉 मोटी रकम वसूलते हैं।
और यही पैसा इस्तेमाल हुआ—
👉 कमलेश तिवारी हत्याकांड
👉 मुंबई ब्लास्ट
👉 जर्मन बेकरी ब्लास्ट
👉 अहमदाबाद ब्लास्ट
👉 26/11 जैसे आतंकी हमलों
के आरोपियों को महंगे वकील दिलवाने में।
और 2013 में क्या हुआ?
इतना सब जानते हुए भी
👉 कांग्रेस के एक नेता ने ऐसा कानून बनवाया
कि अगर किसी कंपनी को
अपना माल एक्सपोर्ट करना है,
तो उसे हलाल सर्टिफाइड होना ही पड़ेगा।
यही वजह है कि आज—
👉 कंपनियों में हलाल सर्टिफिकेशन की होड़ मची है।
👉 हलाल कॉस्मेटिक
👉 हलाल अपार्टमेंट
👉 हलाल डेटिंग साइट
👉 यहाँ तक कि हलाल स्टॉक्��� भी आ गए हैं।
अब असली सवाल
क्या फिर हमारे देश के
👉 ISI
👉 FSSAI
जैसे सरकारी सर्टिफिकेट्स की
👉 कोई वैल्यू ही नहीं बची?
कांग्रेसी कहते हैं—
“सबको बराबर अधिकार चाहिए।”
लेकिन—
👉 एक खास वर्ग के लिए वक्फ बोर्ड
👉 एक खास वर्ग के लिए हलाल सर्टिफिकेशन का पूरा बाज़ार
और फिर दावा बराबरी का?
आप शायद सोच भी नहीं सकते—
👉 एक हलाल सर्टिफाइड लाल शरबत खरीदने से
कितने पत्थरबाज़ों और
कितने बम धमाकों के आरोपियों की
कोर्ट फीस भरी जा रही होगी।
इसीलिए ऐसे लोगों की दुकानें चलती रहती हैं,
और यही लोग संगठित होकर
👉 चुनाव के समय कांग्रेस को समर्थन देने का ऐलान करते हैं।
अब सवाल सिर्फ राजनीति का नहीं है—
👉 यह देश की सुरक्षा का सवाल है।
तो सोचिए—
❓ क्या हम ऐसी पार्टी का समर्थन करेंगे
जिसने हिंदुओं से
👉 इतने बड़े पाप करवाने की शुरुआत की?