बीतने को बीत जाते
ज़िंदगी के हर पल,दिन,महीने,साल है।
कभी अच्छे गुज़रे, तो कभी बुरे,
कभी हुए अजीबों-गरीब हाल है।
कभी खिलखिला दिए यूंही
तो कभी रह गए चेहरे पे सिर्फ मलाल है।
मिली-जुली इन यादों के इस साल को भी हमा���ा सलाम है,
नए तजुर्बों से भरे फिर आ रहा लिए नया साल इक नया पैग़ाम है।
बीतने को बीत जाते
ज़िंदगी के हर पल,दिन,महीने,साल है।
कभी अच्छे गुज़रे, तो कभी बुरे,
कभी हुए अजीबों-गरीब हाल है।
कभी खिलखिला दिए यूंही
तो कभी रह गए चेहरे पे सिर्फ मलाल है।
मिली-जुली इन यादों के इस साल को भी हमारा सलाम है,
नए तजुर्बों से भरे फिर आ रहा लिए नया साल इक नया पैग़ाम है।
नारी...
जो सम्मान है..
ना उसका आत्मसम्मान है,
उसके सब्र से चलता ये ब्रह्मांड है,
उसके संघर्ष से होता श्रृष्टि का कल्याण है,
उसकी कमी से बन जाता घर फिर मकान है,
क्यूं भूल गए है सब उसकी अपनी भी एक पहचान है...??
#HappyWomensDay2022#piku_blog#writers
इन्सान की सुरत नहीं सीरत देखिए ,
बात समझ ना आए अगर...तो अपनी नीयत देखिए ,
सुंदरता ही निहारनी हो...तो माटी की मूरत देखिए ,
छल-कपट की इस दुनिया में भी...
कभी लोगों को मन से ख़ूबसूरत देखिए ।।
#piku_blog#writers
देश के खातिर थे जिनके इरादे नेक,
भर आयी आँखें सबकी..
उन्हें ही तिरंगे में लिपटा देख,
लगे पड़े है सब अपने ही फ़ायदे में..,
तभी तो जवाब देने के बजाए..
लिखे जा रहे है सिर्फ़ सियासी लेख...!
#NaxalAttack#BijapurEncounter#piku_blog#writers
मन गौरवान्वित और आँखें थी नम
सबसे छुपाया था उसने अपना ग़म
सात फेरों के बाद, आए थे जो संग
वादे रह गए अधूरे उनके, ज़िंदगी मिली ही इतनी कम
#veervadhu#ArmyDay#piku_blog#writers
कुछ रह गया अधूरा
कुछ होगा आगे पूरा
कुछ हो गया हमसे ज़ुदा
कुछ रह गया हमसे जुड़ा
कुछ आज तक उलझा है
कुछ आज अभी सुलझा है
कुछ ज़वाब है कुछ सवाल है
कुछ ख्वाहिश है कुछ मलाल है
कुछ बीते दिन के भी ख्याल है
और भी बहुत कुछ लिए फिर आ रहा नया साल है
#NewYear2021#piku_blog#writers
जो तुम कहो तो इन राहों को मोड़ दूँ
जो तुम कहो तो चाँद-तारों को ज़मीन से जोड़ दूँ
जो तुम कहो तो ये ज़माना छोड़ दूँ
जो तुम इतना कहोगे
तो लाज़िमी है कि तुम्हारा मुहँ भी तोड़ दूँ 😜
#piku_blog#writers
जाने किस कमबख्त ने नींद चुराई है
अब तक ये बात समझ ना आई है
घर में... अलग ही मची तबाही है
बताओ भला दिन में सोने में क्या बुराई है
आख़िर ऐसी भी क्यूँ मनाही है
कौन-सी रात अपनी और दिन पराई है
#piku_blog#writers
जब सुलझाने की होड़ में
सब और उलझता चला जाए
जब दिन के उजाले में भी
रात-सा अंधकार नज़र आए
जब दूसरों को समझाते-समझाते
जवाब ख़ुद सवाल बन जाए
तब समझ लेना कि ये इम्तेहान की घड़ी है
हार मानने वालों की नहीं
जीत तो सब्र करने वालों की बड़ी है
#piku_blog#writers
कभी लगता तू मेरा है
कभी अनजाना चेहरा है
कभी रात घनेरा है
कभी उजला सवेरा है
कभी बस तेरा पहरा है
कभी तू ही लुटेरा है
कभी भद्र अँधेरा है
कभी धूर्त सुनहरा है
कभी आँखों में ठहरा है
कभी तू राज़ इक गहरा है
#piku_blog#writers