मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंद��र पीठ ने उज्जैन की शाही मस्जिद के उस हिस्से को हटाने की नगर निगम की कार्रवाई पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है, जो सड़क चौड़ीकरण में बाधक बताया जा रहा है। यह फैसला 9 सितंबर 2026 को जस्टिस संदीप एन. भट्ट ने सुन��या।
मस्जिद प्रबंधन ने याचिका में दावा किया था कि तोड़े जाने वाले हिस्से में जमातखाना, करीब 120 फीट ऊंची मीनार और मजहर चौक शाही शामिल हैं। मस्जिद पक्ष ने यह भी कहा कि सामने की खाली जमीन या पास के बगीचे का इस्तेमाल कर वैकल्पिक रास्ता बनाया जा सकता है और वक्फ बोर्ड को उचित नोटिस नहीं दिया गया।
नगर निगम ने कहा कि यह कार्रवाई धर्म के आधार पर नहीं, बल्कि 15 मीटर चौड़ी सड़क बनाने के लिए की जा रही है। नि��म के मुताबिक, सिंहस्थ कुंभ 2028, शाही सवारी और पेशवाई के दौरान यहां भारी भीड़ होती है, इसलिए यातायात और सुरक्षा के लिए सड़क चौड़ी करना जरूरी है।
कोर्ट ने कहा कि नगर निगम की कार्रवाई को मनमाना, भेदभावपूर्ण या असंवैधानिक नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने वैकल्पिक रास्ते की ��लील भी व्यवहारिक नहीं मानी। हाईकोर्ट ने दोनों याचिकाएं खारिज कर दीं।