NCRB के आंकड़ों के अनुसार, 2013 से 2024 के बीच देश में महिलाओं के विरुद्ध दर्ज अपराध लगभग 42.6% और अनुसूचित जातियों के विरुद्ध अपराध लगभग 41% बढ़े। देश में हर 2 घंटे 3 मिनट में अनुसूचित जाति (SC) की एक महिला के साथ बलात्कार होता है,
यानी हर दिन 12 दलित महिलाओं के साथ दुष्कर्म के मामले दर्ज होते हैं। ये केवल आंकड़े नहीं, भाजपा शासन में महिलाओं, दलितों और वंचितों की बढ़ती असुरक्षा का प्रमाण हैं।
याद रहे…दलितों-वंचितों-मजलूमों की आवाज़ का उफान भाजपाई सत्ता के सिंहासन को जल्द उखाड़ फेंकेगा !!
हाथरस और उन्नाव में भी देश ने देखा था कि भाजपा सरकार ने किस तरह पीड़ितों की आवाज़ दबाई और सत्ता से जुड़े लोगों को बचाने की कोशिश की। अब मेरठ में वही दमनकारी रवैया दोहराया जा रहा है। पीड़िता के परिवार को न्याय चाहिए, लाठियां और नजरबंदी नहीं।
मेरठ की दलित छात्रा ललिता गौतम की निर्मम हत्या ने भाजपा का महिला एवं दलित विरोधी चेहरा फिर बेनक़ाब कर दिया है। पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है,लेकिन सरकार उसकी आवाज़ सुनने के बजाय न्याय की माँग करने वालों को ही कुचलने में लगी है। हम इसकी निंदा कड़े शब्दों में करते हैं।
आखिर योगी सरकार किस सच को छिपाना चाहती है? विपक्ष को परिवार से मिलने से क्यों रोका जा रहा है? परिवार की बात सुनकर उसे न्याय देने के बजाय पुलिसिया दमन क्यों किया जा रहा है?
कांग्रेस ने आज़ादी की लड़ाई लड़ी थी, आज वही कांग्रेस संविधान, लोकतंत्र और देश की आत्मा को बचाने की लड़ाई लड़ रही है। संसद से सड़क तक हमारी आवाज़ जनता के अधिकार, सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए लगातार बुलंद है।
भगवान बुद्ध की पावन कर्मभूमि बिहार में अनुसूचित जाति विभाग @INCIndia के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह उत्तर प्रदेश कांग्रेस के एआईसीसी प्रभारी श्री राजेंद्र गौतम जी का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन। @AdvRajendraPal
मजदूरों का पसीना लूटा जा रहा है।
सम्राट चौधरी जी अब भी मौन हैं।
क्या मजदूरों के हक़ पर डाले जा रहे डाके का हिस्सा सत्ता के गलियारों तक भी पहुँच रहा है?
बिहार जवाब चाहता है।
सम्राट बाबू, जवाब दीजिए।
एक पढ़े-लिखे नेता और एक कम पढ़े-लिखे नेता के बोलने के तरीके में क्या फ़र्क होता है।
यह इस देश के इतिहास में सबसे बड़ी गिरावट है।
जगह वही है, मंच भी वही है, लेकिन ज़रा फ़र्क तो देखिए। 👇
भाखड़ा-नांगल नहर प्रणाली के उद्घाटन की वर्षगांठ पर हम भारत के राष्ट्र निर्माण की एक ऐतिहासिक उपलब्धि को नमन करते हैं। सिंचाई, कृषि और ग्रामीण विकास को नई दिशा देने वाली इस दूरदर्शी परियोजना ने देश की प्रगति और आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव रखी।