#गीतासार
ब्रह्मलोक से लेकर ब्रह्मा विष्णु शिव आदि के लोग और यह स्वयं भी जन्म मरण में प्रलय में है इसलिए यह अविनाशी नहीं है जिसके फलस्वरुप इन के उपासक भी जन्म मरण में ही है
प्रमाण के लिए देखें ईश्वर टीवी हर शाम 8:30 बजे से
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#गीतासार
"अध्याय 2:17 -भावार्थ है कि गीता ज्ञान दाता काल भगवान कह रहा है कि अर्जुन हम सब जन्म मरण में हैं। वास्तव में अविनाशी तो उसी परमेश्वर को जान जिससे यह सर्व ब्रह्मंड व्याप्त हैं। उस अविनाशी का कोई नाश नहीं कर सकता"
वो परमात्मा कबीर साहेब हैं - तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज
#गीतासार
ब्रह्म का ईष्टदेव पूर्णब्रह्म है
अध्याय 18:64 में कहा है कि एक सर्व गुप्त से गुप्त ज्ञान एक बार फिर सुन कि यही पूर्ण परमात्मा (जिसके विषय में अध्याय 18:62 में कहा है) मेरा पक्का पूज्य देव है अर्थात् मैं (काल, क्षरपुरुष)भी उसी की पूजा करता हूँ" - तत्वदर्शी संत रामपाल जी
#गीतासार
गीता अध्याय17:25
बुद्धिहीन लोग मेरे अश्रेष्ठ अटल परम भाव को न जानते हुए छिपे हुए(परोक्ष)मुझ काल को मनुष्य की तरह आकार में कृष्ण अवतार प्राप्त हुआ मानते हैं(मैं कृष्ण नहीं हूँ)।
इससे सिद्ध हुआ कि कृष्ण जी ने गीता का ज्ञान नहीं दिया अपितु काल ब्रह्म ने दिया"- संत रामपाल जी
अध्याय 6 श्लोक 16 में बताया है कि बिल्कुल नए खाने वाला अर्थार्थ व्रत रखने वालों की भक्ति असफल होती है। गीता अनुसार व्रत रखना निषेध बताया है।
#गीतासार अवश्य देखिए साधना चैनल पर 7:30 PM से