@DChaurasia2312 तुम्हारे पड़दादा के दादा कौन थे, तुम्हें पता है?
कौवे की तरह लग पड़े काँव - काँव मचाने....
पूर्वज तो सबके एक ही थे जो अभी तक ज्ञात तथ्यों के हिसाब से अफ्रीका में जन्मे थे। हालांकि ये अन्तिम सत्य नहीं भी हो सकता है, लेकिन जहाँ भी जन्मे होंगे सारी दुनिया में तो नहीं जन्मे थे।
MY DEAR PRIME MINISTER MODI JI!
Have you ever heard of BJP opposing Hindu Bhajans...! That's what happened in Ladakh.
Please watch & share🙏
DAY 4 OF LADAKH ANSHAN
#SaveLadakh#SaveHimlayas#SaveBharat
I request every patriot INDIAN to watch this. Our Democracy is in danger.. our VOICE is Stolen. This crime is serious . LOP @RahulGandhi ji has addressed it with proof. .. Will you Prime Minister @narendramodi ji address the press ( even though it may be your first) and clarify it . We the NATION WANTS TO KNOW #justasking
यह मेरी माफ़ी है — मेरी पोस्ट के लिए नहीं, बल्कि उस एक पंक्ति के लिए जिसे संदर्भ से काटकर अलग कर दिया गया और जिससे नफ़रत फैलने लगी। कोई भी बात या काम इतना क़ीमती नहीं होता कि आपकी बेटी, परिवार, दोस्त या सहकर्मी बलात्कार और मौत की धमकियां झेलें — वो भी इन ‘संस्कार’ के सरगनाओं से।
जो बात कही जा चुकी है, वो न तो वापस ली जा सकती है और न ही मैं वापस लूंगा। लेकिन मुझे जो गाली देनी है, दे दो। मेरे परिवार ने न तो कुछ कहा है और न ही कुछ कहता है।
इसलिए अगर आप मुझसे माफ़ी चाहते हैं, तो यह मेरी माफ़ी है।
ब्राह्मण लोग, औरतों को छोड़ दो। इतना तो शास्त्रों में भी संस्कार है — सिर्फ मनुवाद में नहीं। आप तय कर लो कि आप किस तरह के ब्राह्मण हो।
बाकी मेरी तरफ़ से माफ़ी।
▪️अनुराग कश्यप @anuragkashyap72
@ravishndtv मुख्यमन्त्री वाली कुर्सी न रही मामा की तो हवाईजहाज वालों ने भी टूटी कुर्सी थमा दी। टाटा को पता है ���ामा अब मार्गदर्शक की भूमिका में आ चुके हैं।
जिस उर्दू की मुहब्बत में राम प्रसाद “बिस्मिल” हो गये, जिस उर्दू की मुहब्बत में रघुपति सहाय “फ़िराक़ गोरखपुरी” हो गये।
बृजनारायण “चकबस्त” हो गये, पं हरिचंद “अख़्तर” हो गये, सम्पूर्ण सिंह कालरा “गुलज़ार” हो गये।
जिस उर्दू में भगत सिंह ख़त लिखा करते थे, जिस उर्दू को ख़ुद गॉंधी जी हिंदुस्तानी भाषा कहते ���ैं, जिस भाषा से नेहरू और पटेल ने प्यार किया।
जिस भाषा ने इंकलाब ज़िंदाबाद का नारा दिया, जिस भाषा ने जय हिंद का नारा दिया, जिस भाषा में मुहब्बत और बग़ावत के गीत गाये गये, आज एक सूबे के मुखिया उसी भाषा को कठमुल्ला की भाषा कह रहे हैं।
उन्हें कोई बताये कि उर्दू ‘कठमुल्ला’ की नहीं बल्कि आनंद नारायण ‘मुल्ला’ की ज़बान है।
'मुल्ला' बना दिया है इसे भी महाज़-ए-जंग
इक सुल्ह का पयाम थी उर्दू ज़बाँ कभी।
-आन��द नारायण मुल्ला
@Ashok_Kashmir ये लोग संघी हैं। संघ के दर्जनों मुखौटे हैं और जनता पूरी तरह इनके कब्जे में है।
दिल्ली में दोनों यरफ संघ है फिलहाल। काँग्रेस जो अलग है वो तो हाशिये के भी बाहर पहुँच चुकी है।
@ArvindKejriwal देश की छोड़िये ज़नाब, उसे तो आपके बॉस मोदीजी और अडाणी जी बचा ही लेंगे। कभी पाँच तो कभी आठ ट्रिलियन करके।
कभी देशवासियों के बारे में सोचिये राहुल जी की तरह तो फिर बात कीजियेगा। नहीं तो शराब बेचिये एक के एक के साथ एक फ्री और बैठे रहिये कभी शीशमहल तो कभी तिहाड़ में।
@chitraaum आप तरक्की करो, अच्छा है। लेकिन पत्रकार भी बन सकतीं तो और भी अच्छा रहता।
याद तो लोग मुसोलिनी, हिटलर वगैरह को भी करते हैं। इनकी पॉपुलेरिटी भी आप से कहीं ज्यादा रही थी अपने समय में और ये भी साधारण परिवार के ही थे। इनकी पोस्ट भी आपकी वीपी से बड़ी थी।
@Ashok_Kashmir लेकिन लोकसभा चुनाव के वक्त ये समर्थन नहीं दिखाई दिया था।
समझ नहीं आया क्यों हुआ ऐसा।
फिलहाल बधाई तो खैर बनती है।
वैसे होना कुछ नहीं है। अब वो केन्द्र शासित प्रदेश है, राज्य नहीं।