कहाँ से यह सच दिखेगा? कोई दिखाएगा तब ही दिखेगा। अमित शाह का बयान आएगा नहीं।प्रधानमंत्री इस ख़बर को ट्विट नहीं करेंगे जैसा कि कुछ दिन पहले आयकर छापे को लेकर किया था। किसी को पता ही नहीं कि तीन लोगों के साथ क्या हुआ है।
मीडिया राम मंदिर के कवरेज की तैयारी में लगा है। उसी से माहौल बनना है। राम की मर्यादा की चिंता किसे है। माहौल बनाना ही मीडिया का काम है ताकि बाक़ी सारे पाप और झूठ पर पर्दा पड़ा रहे।
न्याय नहीं मिलेगा । यही आज का न्याय है।