@TheNewspinch@Abhinavpinch इतनी छोटी बच्ची है कि कभी स्कूल जाते, पढते नहीं देखा गया बस हमेशा दुर्गा, सरस्वती, राम, कृष्ण को गाली ही देती रहती है?
मैने सुना था मिश्रा कि तू अच्छा रिपोर्टर था, लेकिन समझ आ रहा है कि इस देश का बंटाधार करने वालो में तेरे जैसे लोग ही थे जो हमेशा एक ही पक्ष सुनते हैं।
मोदी जी का Reconsideration ऐसे ही नहीं आया है। जब राष्ट्रीय अध्यक्ष अपना पूरा बल लगाकर अपनी विधानसभा नहीं बचा पाता और ट्विटर पर जीने वाले कट्टर समर्थक सिर्फ खाली हवा भरते हैं, तो नीचे आना होता है।
तिलचट्टो द्वारा शांत किए जाने पर Reconsider तो करना पड़ता है।
SC-ST के लिए गंभीर बीमारी पर आर्थिक सहायता, क्या यह सिर्फ मदद है या वोट बैंक की राजनीति का एक और मॉडल?
जाति देखकर मुआवज़े और योजनाओं का पैमाना क्यों बदलता है?
वहम आप लोग भी मत पालिए। हमारा घर किसी पार्टी या नेता के रहमो-करम पर नहीं चलता। हर पाँच साल में नेता खुद कटोरा लेकर हमारे दरवाज़े पर खड़े होते हैं वोट की भीख माँगने।
बातचीत के अंदाज़ से तो आप भी कोई साध्वी लगती नहीं हैं इसलिए संत बनने का अभिनय छोड़िए, प्रवचन कम दीजिए और राजनीति में आई हैं तो सवालों के जवाब दीजिए।
ग़ज़ब! अब याद आ रहा है माइनर है? उसके बाप से पूछो कि जिस तरह के कंटेंट वो डालती है, उस समय नहीं सोचा था कि क्या हो सकता है?
और भावनाओं की बात तो तेरे जैसे घटिया नेता ना ही करें, हर दिन तुम्हारे समर्थक गुंडे मोदी एक्ट में केस करते रहते हैं कि इसको अपमानित कर दिया, उसको अपमानित कर दिया!
तुम्हारा इतिहास, स्त्रियों को ले कर तेरे ट्वीट, पुलिस को धमकी देना सब सार्वजनिक है। इस देश में बलात्कारी, आतंकवादी, हत्यारे और चोर भी दुर्भाग्य से संसद में पहुँच जाते हैं। भीड़ किसी को भी नेता बना देती है, 'सेकस करती हो', 'जिसम बेचती हो' और बिस्तर गर्म करती हो' लिखने वालों को भी।
@Nishuazad11 He is lying, the tweets aren't morphed or AI generated.
Archived tweets :
1. https://t.co/tvjQjJURay
2.https://t.co/FtR3u4NiLW
3. https://t.co/DnxpUc7ZEH
4. https://t.co/JYLaEULEJe
निशु आज़ाद और उनके पिता के खिलाफ शिकायत, हिंदू देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक पोस्ट, अनुरोध के बाद भी नहीं हटाए गए
नाबालिग सोशल मीडिया यूज़र निशु आज़ाद और उनके पिता/अभिभावक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि निशु के सोशल मीडिया अकाउंट से भगवान शिव, भगवान श्रीकृष्ण, मां सरस्वती और मां दुर्गा को लेकर आपत्तिजनक और अपमानजनक पोस्ट किए गए।
शिकायतकर्ता, अमिता सचदेवा जी के मुताबिक, कानूनी कार्रवाई से पहले निशु और उनके पिता से कथित आपत्तिजनक पोस्ट हटाने का अनुरोध किया गया था, लेकिन पोस्ट नहीं हटाए गए और वे सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रहे। इसके बाद उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराने का फैसला किया गया।
अमिता सचदेवा जी ने कहा, “किसी की आस्था से असहमति व्यक्तिगत पसंद हो सकती है, लेकिन इससे किसी दूसरे के देवी-देवताओं और पूजा-पद्धति का मजाक उड़ाने या अपमान करने का अधिकार नहीं मिल जाता। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता धार्मिक भावनाओं को आहत करने की स्वतंत्रता नहीं है।”
मामले में लगाए गए आरोपों पर संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया सामने आने पर उसका पक्ष भी महत्वपूर्ण होगा।
ॐ नरेन्द्र मोद्याय नमः! मोदी एक्ट का जलवा! देश में बस एक ही एक्ट रहेगा: मोदी एक्ट यानी SC/ST एक्ट!
लेकिन यह क्या कि केवल आठ ही जगह से हुआ है? क्या बेंगलुरू में थाने कम हैं या कर्नाटक में जिले आठ ही हैं? अरे दो हजार FIR करो कम से कम। फिर भाजपा के 22 राज्यों से 20,000 थानों में FIR करो। हर व्यक्ति वकील करेगा, हर जगह लिक्विडिटी आएगी। देश बढ़ेगा। राष्ट्रवाद होने लगेगा।