आज पोटका विधानसभा क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं जनहितकारी बनाने के उद्देश्य से बिजली विभाग के जनरल मैनेजर (G.M) के साथ महत्वपूर्ण बैठक की।
बैठक में क्षेत्र की वर्षों पुरानी बिजली समस्याओं के स्थायी समाधान तथा भविष्य की बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विद्युत बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने की महत्वाकांक्षी योजना पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक के दौरान यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया कि चाईबासा से PGCIL 400/220 KV एवं चांडिल से JUSNL 400/220 KV लाइन को जोड़ते हुए पांडरासोल में एक अत्याधुनिक "लाइन हब" (Line Hub) का निर्माण किया जाएगा।
इससे हाता, पोटका, राजनगर, घाटशिला एवं मुसाबनी सहित पूरे क्षेत्र की लाखों जनता को गुणवत्तापूर्ण, निर्बाध एवं भरोसेमंद बिजली आपूर्ति का लाभ मिलेगा।
@HemantSorenJMM@JMMKalpanaSoren@JmmJharkhand
हां तो ठीक है शाहनवाज जी, राष्ट्र पशु नहीं तो राष्ट्र माँ ही घोषित कर दीजिए, किसने रोका है? बस एक अच्छा दर्जा मिले जिसे हमारे हिन्दू भाई बहन एक चैन का साँस ले और एक नया दिवस घोषित हो जिससे हमें अवकास मिले। दिक्कत क्या है?
@BJP4Jharkhand जिस किसानों की चिंता में कागज़ी आंसू बहा रहे हैं। इन्हें लगता है कि झारखंड की जनता की याददाश्त कमजोर है!
अरे भाजपा वालों, किसानों पर बात करने से पहले अपने मुंह पर थोड़ा पानी मार लो! देश के इतिहास में किसान विरोधी अगर कोई पार्टी है, तो वो भारतीय जनता पार्टी है।
भूल गए? दिल्ली की सड़कों पर कीलें किसने ठोकी थीं? किसानों पर लाठियां और वॉटर कैनन किसने चलवाए थे?
भूल गए? लखीमपुर खीरी में किसानों को गाड़ियों से किसने कुचलवाया था?
जिस झारखंड को भाजपा ने सालों तक सिर्फ लूटा, वहाँ मुख्यमंत्री श्री @HemantSorenJMM जी ने आते ही किसानों के दर्द को समझा।
✅ झारखंड कृषि ऋण माफी योजना के जरिए हमारी सरकार ने लाखों किसानों का ₹𝟓𝟎,𝟎𝟎𝟎 से लेकर ₹𝟐 लाख तक का कृषि कर्ज माफ करके दिखाया है।
यह कागज़ी दावा नहीं, उन किसानों के बैंक खातों का सच है जिनके घरों में भाजपा के राज में कुर्की-जब्ती की नौबत आ जाती थी।
झारखंड की अबुआ सरकार अपने दम पर किसानों को सूखा राहत दे रही है, कर्ज माफ कर रही है।
लेकिन केंद्र की भाजपा सरकार झारखंड के हक का ₹𝟏 लाख 𝟑𝟔 हजार करोड़ का बकाया फंड दबाकर बैठी है। क्यों? क्योंकि भाजपा नहीं चाहती कि झारखंड का आदिवासी, मूलवासी और किसान आत्मनिर्भर बने।
आप फंड रोककर झारखंड को पंगु बनाना चाहते हैं, और फिर यहाँ आकर कुप्रबंधन का रोना रोते हैं? यह डबल स्टैंडर्ड झारखंड में नहीं चलेगा।
@JmmJharkhand
जब देश को झूठे सपनों की लोरी सुनाई जा रही थी और असल मुद्दों से ध्यान भटकाया जा रहा था, तब झारखंड के माटी पुत्र, हमारे लोकप्रिय मुख्यमंत्री श्री @HemantSorenJMM जी ने डंके की चोट पर पूरे देश को आगाह कर दिया था।
उन्होंने बहुत पहले ही भांप लिया था कि देश आने वाले समय में महंगाई की भयंकर आग और आर्थिक संकट में झुलसने वाला है। आज उनकी कही एक-एक बात पत्थर की लकीर साबित हुई है।
आज पेट्रोल-डीजल के आसमान छूते दाम, बेलगाम महंगाई और आम आदमी की बदहाली गवाही दे रही है कि हेमंत सोरेन जी की भविष्यवाणी शत-प्रतिशत सच थी।
जब बाकी लोग जुमलों में व्यस्त थे, तब हमारे मुख्यमंत्री जी देश के सामने आने वाली सबसे बड़ी आर्थिक चुनौती की बात कर रहे थे।
इस संकट काल में भी, झारखंड की जनता के अधिकारों की रक्षा और उनके हक की लड़ाई सिर्फ और सिर्फ हेमंत सोरेन जी ही लड़ सकते हैं।
हमें गर्व है अपने दूरदर्शी और जनता के प्रति समर्पित मुख्यमंत्री पर!
जय झारखंड! 🏹💚
सिद्धू-कान्हू जैसे आदिवासी वीरों की मूर्तियाँ तोड़ देना सिर्फ एक घटना नहीं, आदिवासी समाज के सम्मान पर सीधा हमला है।
यह घटना पश्चिम बंगाल के दक्षिण दिनाजपुर जिले के बंशीहारी क्षेत्र के देउरिया गांव में हुई थी।
|| #पोटका_विधानसभा ||
पोटका प्रखंड अंतर्गत पोडाहातु ग्राम स्थित रामगढ़ नाला पर एकल चेकडैम निर्माण कार्य का विधिवत शिलान्यास कर इसे ग्रामीणों को समर्पित किया।
यह चेकडैम क्षेत्र में जल संरक्षण को मजबूती प्रदान करने के साथ-साथ किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे खेती को बढ़ावा मिलेगा, किसानों की आय में वृद्धि होगी एवं गांव आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर होगा।
हमारी प्रतिबद्धता है कि जल, जंगल, जमीन और किसानों के हितों को केंद्र में रखकर ग्रामीण विकास के कार्य निरंतर आगे बढ़ते रहें, ताकि गांव मजबूत हो और ग्रामीणों का जीवन समृद्ध बने।
@HemantSorenJMM@JMMKalpanaSoren@JmmJharkhand
आज पोटका प्रखंड अंतर्गत हाता स्थित इंपिरियल रिजॉर्ट में पोटका प्रखंड के 34 पंचायतों की एक महत्वपूर्ण बैठक में शामिल हुआ।
बैठक में जनगणना, सरना कोड एवं SIR जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। सभी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया गया कि इन विषयों की सही जानकारी आम जनता तक पहुँचाई जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग जागरूक होकर अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित कर सकें।
संगठन की मजबूती, जनजागरूकता एवं क्षेत्र के समग्र विकास को लेकर सभी कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया। हमारा लक्ष्य जनता के अधिकारों, पहचान एवं विकास के लिए निरंतर संघर्ष करना है।
@HemantSorenJMM@JmmJharkhand
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ᱩᱱᱠᱩ ᱞᱤᱯᱤ ᱵᱟᱹᱱᱟᱣ ᱛᱮᱭᱟᱨ ᱞᱟᱹᱜᱤᱫ ᱢᱮᱱᱟᱜ ᱠᱚ ᱥᱤᱢᱤᱛ ᱠᱟᱱᱟ, ᱮᱴᱟᱜ ᱟᱫᱤᱵᱟᱥᱤ ᱥᱟᱢᱟᱡ ᱨᱮᱱ ᱵᱷᱟᱥᱟ, ᱥᱟᱱᱥᱠᱨᱤᱛᱤ ᱟᱨ ᱚᱠᱟᱛ ᱟᱹᱨᱥᱟᱛ ᱠᱚ ᱥᱟᱹᱥᱟᱠᱛ ᱠᱚ ᱟᱨ ᱤᱛᱤᱦᱟᱥᱤᱠ ᱮᱢ ᱠᱟᱱᱟ।
ᱩᱱᱠᱩ ᱵᱟᱹᱨᱛᱤ ᱟᱢ ᱠᱚ ᱟᱢᱟᱜ ᱡᱚᱲ ᱥᱟᱶ ᱡᱚᱲᱟᱣ ᱠᱚ ᱟᱨ ᱟᱜᱮ ᱞᱟᱹᱜᱤᱫ ᱥᱮᱫ ᱮᱢ ᱠᱟᱱᱟ।
ᱡᱷᱟᱨᱠᱷᱟᱱᱰ ᱩᱱᱠᱩ ᱵᱤᱪᱟᱨᱫᱷᱟᱨᱟ ᱟᱨ ᱥᱟᱱᱥᱠᱨᱤᱛᱤ ᱫᱷᱟᱨᱚᱦᱟᱨ ᱠᱚ ᱥᱟᱡᱚᱣ ᱨᱮᱠᱚ ᱱᱤᱨᱚᱱᱛᱚᱨ ᱟᱜᱮ ᱟᱜᱮ ᱫᱚ ᱥᱮᱫ ᱟᱠᱟᱫ ᱮᱱᱟ ᱞᱟᱹᱜᱤᱫ ᱥᱚᱸᱠᱚᱞᱯᱤᱛ ᱢᱮᱱᱟᱜ
ओल चिकी लिपि के जनक एवं संथाली भाषा के महान साहित्यकार पंडित रघुनाथ मुर्मू जी की जयंती पर शत-शत नमन।
उनका योगदान केवल लिपि निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि आदिवासी समाज की भाषा, संस्कृति और पहचान को सशक्त करने का एक ऐतिहासिक प्रयास है। उनकी विरासत हमें अपनी जड़ों से जुड़े रहने और आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।
झारखंड उनकी विचारधारा और सांस्कृतिक धरोहर को संजोते हुए निरंतर आगे बढ़ने के लिए संकल्पित है।
झारखंड की जनता को अब किसी बाहरी 'Next' प्रयोग की जरूरत नहीं है, यहाँ की जनता को अपने हक, अपने अधिकार और अपनी अबुआ सरकार के जन-कल्याणकारी शासन पर गर्व है।🏹
बीजेपी के लिए झारखंड सिर्फ एक 'प्रोजेक्ट' या सत्ता का केंद्र हो सकता है, लेकिन हेमंत सोरेन जी के लिए यह 3 करोड़ झारखंडियों का परिवार है।
जब राज्य की जनता कोरोना से लड़ रही थी, जब हमारे श्रमिक भाई बाहर फंसे थे, तब ये 'Next' वाले लोग कहाँ थे?
आज झारखंड की माताएं-बहनें 'मइयां सम्मान' से सशक्त हो रही हैं, बुजुर्गों को 'पेंशन' मिल रही है और युवाओं को 'रोजगार' के नए अवसर।
जो लोग दिल्ली से बैठकर झारखंड का भविष्य तय करना चाहते हैं, उन्हें जान लेना चाहिए कि यहाँ की जनता अपनी अस्मिता का सौदा कभी नहीं करेगी।
@HemantSorenJMM@JMMKalpanaSoren@JmmJharkhand@BJP4India
झारखंडवासियों के हित में माननीय मुख्यमंत्री @HemantSorenJMM जी के नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण एवं जनहितकारी निर्णय लिया गया है।
अब राज्य में सड़क हादसों में जान गंवाने वाले व्यक्तियों के परिजनों को ₹4 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। आपदा प्रबंधन विभाग की बैठक में लिया गया यह फैसला निश्चित रूप से दुःख की घड़ी में पीड़ित परिवारों को संबल देने का कार्य करेगा।
जनता की संवेदनाओं को समझते हुए सरकार लगातार राहत एवं सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठा रही है। यह निर्णय केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि राज्य सरकार की मानवीय सोच और संवेदनशील प्रशासन का परिचायक है।
हम सबका प्रयास है कि हर जरूरतमंद तक समय पर सहायता पहुंचे और किसी भी परिवार को संकट की घड़ी में अकेला महसूस न हो।
@JMMKalpanaSoren@JmmJharkhand