@noidapolice ने अपने आंख नाक कान सब बंद कर लिए हैं। अपराधियों को सरेंडर करने का मौका दिया जा रहा है इसलिए गिरफ्तार नहीं किया जा रहा है। मुझ पर प्राण घातक हमला के बावजूद भी हल्की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। यह सब सेटिंग और गेटिंग के आधार पर हुआ। अपराधी नोएडा में ही छुपे रहे और उनको गिरफ्तार नहीं किया गया। सुना है सोमवार को पुलिस की कृपा से वह बाहर से ही जमानत ले लेंगे। सीसीटीवी में सुबूत के बाद भी लापरवाही बरती जा रही है
इससे अपराधियों के हौसले बुलंद होंगे। सरेआम तलवार लहराता गुंडा और हाथ काटने की बात करने वाला अपराधी खुलेआम घूम रहा है। ऐसे ही अपराध मुक्त होगा उत्तरप्रदेश @myogiadityanath जी। मुझे इंसाफ चाहिए। @myogioffice@ANI@PTI_News@DCPCentralNoida@Uppolice
‘चढ़ावा-चंदा-दान’ चोरी खुलने के बाद भाजपा बदहवास हो गई है। वो जनता का ध्यान भटकाने के लिए बचकानी हरकतें कर रही है। इससे जनता में भाजपाइयों और उनके संगी-साथियों के ख़िलाफ़ गुस्सा और बढ़ता जा रहा है। भाजपाइयों की नकारात्मक सोच का छोटापन दिन-पर-दिन बढ़ता जा रहा है। एक दल के रूप में भाजपा में अब कोई आत्मा नहीं बची है। शरीर पर ‘धर्म-धन चोरी’ के अनगिनत असाध्य ज़ख़्म उभर आए हैं। भाजपा राजनीतिक रूप से विक्षिप्तावस्था में चली गई है। सब अपने को बचाने में लगे हैं।
भाजपा ख़त्म!
#CC_to_CC
नोएडा प्राधिकरण अब प्रॉपर्टी डीलर की तरह कार्य कर रहा है। जन सुनवाई होती नहीं है । गरीब खिलाड़ियों को आगे बढ़ाना था उनको सहयोग करना था लेकिन ये तो वसूली केंद्र चला रहे है। खिलाडियों को प्रोत्साहित करने का काम करना चाहिए
₹101 करोड़ का नोएडा इंडोर स्टेडियम.. खिलाड़ियों के लिए बना था या फीस वसूली केंद्र?
गरीब खिलाड़ी अंदर झांक नहीं सकते, और ₹2,000 प्रतिदिन पीटी चार्ज और तय फीस से कई गुना वसूली की शिकायतें सामने हैं।
खेल का मंदिर या कमाई का अड्डा? उच्च स्तरीय जांच जरूरी है।
#noida@myogiadityanath
अखिलेश राम मंदिर को बदनाम करना चाहते हैं?
अखिलेश के 5 झूठ का पर्दाफाश
1-काकभुशुण्डि के चोरी का झूठा आरोप
2-धनुष-बाण के चोरी का झूठा आरोप
3-चांदी की शिला चोरी का झूठा आरोप
4-मुकुट की चोरी का झूठा आरोप
5-रामचरित मानस चोरी झूठा आरोप
काकभुशुण्डि, धनुष-बाण, रामचरित मानस, सब मौजूद
#शर्म_करिए_अखिलेश
श्री चंपतराय जी “रामलला के पटवारी” कहलाते हैं। प्राण-प्रतिष्ठा से लेकर मंदिर के संचालन तक उनका योगदान अमिट है। झूठे आरोपों से उनकी छवि धूमिल नहीं होगी। राम मंदिर के हर ईंट में उनका त्याग समाया है। समर्थन में खड़े हो जाइए रामभक्तों!
समाजवादी पार्टी में बड़ी टूट होगी। राम गोपाल यादव ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह जी को चिट्ठी सौंपी है।
खनन घोटाला और गोमती रिवर फ्रंट घोटाला का मास्टरमाइंड कौन है, पूरा उत्तर प्रदेश जानता है। शिकंजा कस रहा है तो सपा परेशान है।
महाराष्ट्र बंगाल छोड़िए, समूची सपा, भाजपा में शामिल होने को तैयार बैठी है।
ए भाई @yadavakhilesh जी,
घूमने ही जाना था तो काशी चले जाते, अयोध्या, मथुरा, नैमिष या मां विंध्यवासिनी के धाम में मत्था टेक आते...
आप जाते तो लोकल व्यापारियों को कुछ न कुछ रोजगार तो मिल ही जाता। गरीब फूल-मिठाई-पूजा सामग्री बेचने वालों के घर का चूल्हा जलता, छोटे होटल, ट्रांसपोर्ट वाले और तरक्की करते। मीडिया दिखा देती है तो अपने उत्तर प्रदेश के पर्यटन को भी बल मिलता।
मगर का बताईं, तोहें त लंदने-पेरिस पसंद ह! नवाबी शौक पाल लेले हउवा...
लंदन जा के पता नहीं कौन-कौन सी कव्वाली सुनते हैं आप? सुना है लंदन के रेडब्रिज में पाकिस्तानी बहुत हैं और आप ठहरे 'उभरते हुए कव्वाल'। तो रेडब्रिज में ही लाल टोपी पहन के पाकिस्तानी कव्वाली की ट्रेनिंग तो नहीं ले रहे...। अलग ही आनंद आता होगा ना?
किसी दिन लखनऊ में भी अपने फन का प्रदर्शन कीजिए...
आपको अपने पासपोर्ट पर विदेशी मोहर लगवाने में बड़ा फख्र महसूस होता होगा और भारत के पर्यटन स्थल शायद आपके स्टैंडर्ड से मैच नहीं खाते... यही बात है न?
हमारी सलाह मानिए एक बार देश और उत्तर प्रदेश के पर्यटन स्थलों पर जरूर जाइए...कांग्रेस और सपा वाला जमाना गया... अब नया भारत और नया उत्तर प्रदेश है। हिमालय से लेकर हिन्द महासागर तक, काशी-अयोध्या-मथुरा से राजस्थान के किलों, मेघालय के बादलों, अरुणाचल की पहली किरण तक सब फैले पर्यटन स्थल और वहां पर उपलब्ध सुविधाएं आपके स्टैंडर्ड से भी ऊपर की हो गई हैं अखिलेश बाबू। अपने देश की संस्कृति, तीर्थ, इतिहास और विविधता को देखना शुरू करेंगें तो एक जिंदगी भी कम पड़ जाएगी।
मगर, आपको तो बस एसी में बैठ के ट्विटर और पीसी करना है। पीडीए-पीडीए का झूठा राग अलापना है। गरीबों के लिए घड़ियाली आंसू बहाना है... लेकिन जब घूमना-फिरना होता है तो सीधे लंदन-पेरिस ही भाता है।
विदेश नहीं, अपनी जड़ों से जुड़िये। पहले अपने प्रदेश को देखिए, फिर दुनिया देखिएगा।
और हां घूमने जाइएगा तो पहले अपने बदतमीज लोडरों को थोड़ा संस्कार का ज्ञान भी देते रहिएगा...क्योंकि आपके लोडरवा सब एक नंबर के लंठ हैं...फूल वाले, मिठाई वाले, पुरोहित, छोटे दुकानदारों के साथ आपके उद्दंड लोडर लूटपाट शुरू कर देते हैं..।
अपने लोडरों को थोड़ा संस्कार कहे नहीं देते आप...?
@chitraaum तुम्हारी बौद्धिक यात्रा जरूर शिखर से शून्य की ओर तेजी से अग्रसर है। जवाहरलाल नेहरू से मोदी जी की क्या समानता है ? एक विद्वान जिसने कई किताबें लिखीं एक ऐसा व्यक्ति जिसकी डिग्री आजतक नहीं मिली। एक 11 वर्ष जेल में रहा एक मौज में रहा और खेल में रहा। जवाहर लाल नेहरू जी की छोटी फोटो...