Non-Veg बिरयानी बिक रही थी, ह���ंदू संगठनों को बुरा लगा, पुलिस आई, दुकान तोड़ दी।
कितनी सस्ती है इस मुल्क में एक मुसलमान की ज़िंदगी। उसकी जान-माल का कोई मोल नहीं? क्या इस देश में कोई जज, कोई अदालत बची है ? क्या अब गुंडागर्दी ही इंसाफ़ है ?
मुर्शिदाबाद में राम नवमी के उत्सव के दौरान, हिंदुत्ववादी भीड़ ने मुसलमानों की दुकानों में तोड़फोड़ की, उन्हें लूटा और उनमें आग लगा दी। यह बंगाल की शांति और सांप्रदायिक संतुलन को बिगाड़ने के लिए रची गई एक सुनियोजित हिंसा है। कितनी समाचार एजेंसियां और न्यूज़ चैनल इसे दिखा रहे हैं? कितने न्यूज़ एंकर इस पर चर्चा कर रहे हैं और इसकी निंदा कर रहे हैं?
अरे गोदी मीडिया ये खबर नही दिखाओगे
हापुड़ पुलिस ने 2.5 किलोग्राम विस्फोटक के साथ
शोभित कुमार व विजेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया है।
पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि वह विस्फोटक सामग्री हरियाणा के हिसार स्थित एक कंपनी से लाई गई थी। जो खेतों में पशुओं को भगाने के लिए धमाके बनाने में ���स्तेमाल होती है।
नाम अब्दुल नही है तो सन्नाटा पसरा है