जंतर मंतर से सोनम वांगचुक को उठाने के बाद, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा की मांग, सड़कों पर।
कितना अच्छा होता अगर देश के PM या शिक्षा मंत्री जंतर मंतर जाकर सोनम वांगचुक से मिलकर उनका hunger strike रुकवाते।
ये कानपुर की आर्या सिंह हैं, जिनका कहना है कि Re-NEET के रिजल्ट में गड़बड़ी और धांधली हुई है।
आर्या ने बताया 👇
• OMR शीट के अनुसार उसे 609 नंबर मिलने चाहिए थे
• लेकिन Re-NEET के रिजल्ट में उसे 540 नंबर मिले
ऐसे में आर्या का पूरा परिवार परेशान हो गया। सभी लोग बार-बार वेबसाइट चेक करने लगे। इसी बीच रात 2 बजे आर्या के नंबर 540 से घटकर अचानक 167 हो गए।
👉 मतलब 540 नंबर, अपने आप ही 167 हो गए
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान जी.. क्या यही है वो 'व्यवस्था', जिसके लिए आपने एयरफोर्स लगवाकर Re-NEET करवाया था।
छात्रों की मेहनत बर्बाद हो रही है, परिवार परेशान हो रहे हैं, सपने टूट रहे हैं- जिसके लिए आप और आपका घटिया सिस्टम जिम्मेदार है।
आपको एक मिनट भी पद पर रहने का हक नहीं है- थोड़ी शर्म कीजिए और इस्तीफा दीजिए।
लोग बिना डरे मोदी सरकार का विरोध करना शुरू का दिए !
ऋषिकेश में सड़क चौडीकरण के लिए 3 हजार पेड़ काटे जाने के खिलाफ आम लोग भाजपा सरकार का विरोध कर रहे हैं !
देश की मरी हुई जनता को जगाने का काम आखिरकार सफल हुआ। जो इतने सालों से सो रहे थे वह एक पेड़ बचाने के लिए तो जागे कम से कम ।
वरना यह सिर्फ रील बनाने के लिए ही नचनिया बने पड़े थे अब तक। अभी तो यह सिर्फ पेड़ों के लिए जागे हैं आगे भ्रष्टाचार के लिए जागेंगे।
एक महिला। एक पेड़। और पूरी व्यवस्था के सामने खड़ा साहस।
जब जंगल में आरी की आवाज़ गूँज रही थी, तब उसने पेड़ को गले लगाकर बता दिया—प्रकृति की रक्षा सिर्फ़ बातों से नहीं, हिम्मत से होती है। 🌳✊
कल दिल्ली के पुलिस कमिश्नर अचानक बदले गए. आज सुबह नए साहब का पहला असाइनमेंट भी पूरा हो गया. जंतर मंतर से सोनम वांगचुक को उठा लिया गया.
पुलिस ने सफेद कपड़ों की ओट बनाई..शायद उन्हें भी मालूम था कि जो हो रहा है वो लोकतंत्र का चीरहरण है..
आदिवासियों के पास आंदोलन की सबसे बड़ी प्रयोगशाला है। इस वीडियो में आंदोलन के अनूठे प्रयोग को देखिए।छतरपुर और पन्ना जिलों में केन-बेतवा लिंक परियोजना के विरोध में इन दिनों आदिवासी 'चिता सत्याग्रह' और 'फांसी सत्याग्रह' जैसे प्रभावीशाली आंदोलन कर रहे हैं।
सोनम वांगचुक यांना कोल्हापूरच्या गोकुळ कामगार संघटनेचा पाठिंबा...
'गेट मीटिंग' घेत केंद्र सरकारविरोधात कामगारांची जोरदार घोषणाबाजी..
@abhijeet_dipke@Wangchuk66
नीट पेपरफुटी, परीक्षा केंद्रांवरील गोंधळ, विद्यार्थ्यांच्या आत्महत्या अशा अनेक अडथळ्यातून आणि मानसिक तणावातून पार पडलेल्या परीक्षेनंतर आता #NEET च्या निकालात गुणांचा महाघोटाळा !
धर्मेंद्र प्रधान या नालायकाच्या आधी मोदीच्या राजीनाम्याची मागणी केली पाहिजे.