“Yes, my name is Khan. I have Khan in my name. I am Mohammed, I am a Muslim… and because of this, a Delhi Police officer beat me with sticks and slapped me…”
I wonder how the world will perceive this statement about the police in India's capital, Delhi!
BJP सरकार और दिल्ली पुलिस की गुंडई 👇
4PM की पत्रकार शाहीन ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से सवाल पूछा तो दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया और मारपीट की।
शाहीन का कहना है- जब पुलिसवालों को पता चला कि वो मुसलमान हैं तो उन्हें और बेरहमी से मारा गया। उनके शरीर पर जख्म हैं.. कैमरापर्सन भी बेसुध पड़ी है।
एक पत्रकार के साथ ऐसा बर्ताव कतई सही नहीं है, दोषी पुलिसवालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
हालांकि, इसकी उम्मीद कम है, क्योंकि- BJP सरकार में सवाल पूछना गुनाह हो चला है।
देश के नौनिहाल जाग गए हैं। स्कूल तक पक्की सड़क की मांग करते हुए तिरंगा उठा कर दौड़ते हुए DM के ऑफ़िस पहुंच गए! सुखद बात है कि हर उम्र के छात्र अपने हक़ की आवाज़ उठाना सीख गए हैं!
मामला उत्तर प्रदेश के हमीरपुर का है।
अगर आप Jantar Mantar पर छात्रों के साथ थे लेकिन Jharkhand के नहीं हैं, तो आप Modi सरकार के खिलाफ थे, छात्रों के साथ नहीं थे.
झारखंड के छात्रों का साथ दीजिए. ताकि Hemant Soren सरकार की भी जवाबदेही तय हो सके
विरोध की आवाज पूरे देश में उठ रही है !
ये गुजरात की फेमस अभिनेत्री और थिएटर आर्टिस्ट जिग्ना व्यास है जो छात्रों के समर्थन में हो रहे प्रदर्शन में शामिल हुई थी !
जिग्ना व्यास को जब गिरफ्तार किया गया था तब गा रही थी :-
तू ज़िन्दा है तो ज़िन्दगी की जीत में यकीन कर,
अगर कहीं है स्वर्ग तो उतार ला ज़मीन पर!
ये ग़म के और चार दिन, सितम के और चार दिन,
ये दिन भी जाएंगे गुज़र, गुज़र गए हज़ार दिन,
कभी तो होगी इस चमन पर भी बहार की नज़र!
अगर कहीं है स्वर्ग तो उतार ला ज़मीन पर!.... तू ज़िन्दा है
हमारे कारवां का मंज़िलों को इन्तज़ार है,
यह आंधियों, ये बिजलियों की, पीठ पर सवार है,
जिधर पड़ेंगे ये क़दम बनेगी एक नई डगर
अगर कहीं है स्वर्ग तो उतार ला ज़मीन पर!.... तू ज़िन्दा है
जब बच्चे तक न उठा सकते आवाज़
तो कैसे कहें कि ये वतन है आज़ाद?
आज भाजपा के कट्टर समर्थक भी शर्मिंदा हैं और पश्चाताप और प्रायश्चित की आग में जल रहे हैं, उनका भी तो परिवार है और परिवार में बच्चे भी हैं, और उन बच्चों का भी वर्तमान और भविष्य है।
अब कोई भाजपा से भविष्य की क्या उम्मीद करे, जब वर्तमान में ही जनता भाजपा से पूरी तरह नाउम्मीद हो गई है।
आज हर उम्र के लाखों लोगों ने बेख़ौफ़ होकर जिस तरह भाजपा के विरोध में एकजुटता दिखाई है, सच तो ये है कि उस जन-आक्रोश को देखकर भाजपाई और उनके संगी-साथी बेहद डर गये हैं। ये वो आम जनता है जिसे सरकार की किसी भी एजेंसी का भय नहीं है।
भाजपा ख़त्म!
अगर दिल्ली पुलिस के सोनम वांगचुक को जबरदस्ती उठाकर ले जाने पर 50 ट्वीट करने और खूब गुस्सा दिखाने के बाद थोड़ा सा आक्रोश बचा हो, तो इसपर भी दिखाइए। ऋषिकेश के सात मोड़ इलाके में जंगल की कटाई के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे लोगों को उत्तराखंड पुलिस जिस तरह उठाकर ले जा रही है, उसपर भी आपका खून खौलना चाहिए।
कभी जंगल उजाड़ने वाली तो कभी छात्रों को आत्महत्या करने के लिए मजबूर करनी वाली यह एक निक्कमी, बेशर्म और तानाशाह सरकार है।
@uttarakhandcops
#RishikeshDeforestation
PTI के मुँह पर मास्क किसने लगा दिया। पत्रकारिता लोगों की आवाज़ बंद करती थी आज भाजपा राज में उनकी ही आवाज़ बंद की जा रही है।
ये ‘लोकतांत्रिक कलयुग’ है।
ये ‘मीडिया का चारणकाल’ है।
#Media_Muzzling
Anjana Om Kashyap & TV Today Network have filed a massive defamation case against Khan Sir.
The suit claims that multiple digital platforms described Kashyap and Aaj Tak using terms such as “bikau patrakar,” “chatukar,” “dalli,” and accused them of engaging in “dalaali” and operating a “fake news ki dukaan.”
Why are imandar patrakars facing so much hate?
What action should be taken against Khan Sir & other online teachers??
नाम नहीं लूंगा, आप लोग गूगल कर लेना।
ज्यादा पुरानी बात नहीं है-एक युवा राज्यसभा सांसद आम लोगों के मुद्दे उठाने के लिए जाने जाते थे। एयरपोर्ट पर समोसे की कीमत तक को लेकर फिक्रमंद रहते थे।
Gen Z जनता उनसे इंस्टाग्राम पर खूब जुड़ी हुई है।
लेकिन अभी NEET पेपर लीक, जो Gen Z का इतना बड़ा मुद्दा है, उस पर न जाने क्यों चुप हैं। पता नहीं क्या वजह है। उन्हें पता तो होगा ही कि पेपर लीक हो गया है।
KHAN SIR TORE INTO NTA OVER NEET PAPER LEAK 🔥
NTA says registration fee won’t be taken again. Are you doing students a favour?
What about students who travelled hundreds of kilometres, slept at stations, and spent money they barely had?
What about girls whose families may not allow a second chance after one failed attempt?
NTA thinks re-exam fixes everything.
Khan Sir explained the real cost.
फलस्तीन का ये नौजवान इजरायल की कैद में था, वहां इसको बताया गया था कि तुम्हारा पूरा खानदान इजरायली गोलाबारी में शहीद हो गया।
लेकिन जब ये हमास डील के तहत बाहर आया तो उसने अपने परिवार को बिल्कुल खैरियत से पाया तो इस भाई की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।