चुनाव आयोग पर इंडियन एक्सप्रेस की इंवेस्टिगेशन के बाद CJP ने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है.
अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, "अगर ज्ञानेश कुमार कल तक इस्तीफा नहीं देते हैं, तो CJP 2 अक्टूबर से मुंबई में देशव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू करेगा और इसे भारत के अलग-अलग शहरों तक ले जाएगा. इस गांधी जयंती पर आइए लोकतंत्र को बचाने का संकल्प लें"
नरेंद्र मोदी कितनी भी कोशिश कर लें, वो ज्ञानेश कुमार को बचा नहीं पाएंगे।
ज्ञानेश कुमार ने 'वोट चोरी' कर लोकतंत्र का क़त्ल किया है- इसलिए उनकी तत्काल गिरफ्तारी होनी चाहिए।
हम जनता के अधिकारों पर हमला बर्दाश्त नहीं करेंगे।
📍चंडीगढ़, हरियाणा
अकबर, बाबर और औरंगज़ेब के बाद अब महमूद गज़नवी!
भाषण पर भाषण जारी है।
साल 2018 से एक भी प्राइमरी टीचर भर्ती नहीं आई है।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी के सारे मगरमच्छ छोड़ दिए गए हैं।
दूध का दूध और पानी का पानी करने वालों ने सारा दूध ही पानी कर दिया है।
नोएडा के गरीब गुरबा मज़दूर अपने हक की मांग के अपराध में गंभीर धाराओं में जेलों में कैद हैं।
भ्रष्टाचार इस कदर बास मार रहा है कि बीजेपी के केंद्रीय नेताओं की फीडबैक बैठक तक उसकी दुर्गंध से भर जा रही है।
सत्ता के सजातीय मोह ने अतीत के सारे रिकार्ड तोड़ दिए हैं।
और यहां मुगलों और मुसलमान शासकों से भाषणों में रोज़ ही जंग जारी है!
न रोटी, न रोजगार, न कोई उम्मीद,
चुनाव के वास्ते सिर्फ हिंदू-मुसलमान की तैयारी है!!
Gyanesh तेरे इस "वोट चोरी" के खतरनाक षड्यंत्र पर जनता की गहरी खामोशी टूटे,
उससे पहले अपना पद छोड दे लाला...!!
वर्ना
जनता भागने का मौका ना देगी.....
#Vote_Chori
आपको समझ में आया संसद में 141 सांसदों को सस्पेंड करने का 'असली मास्टरप्लान' क्या था?
मोदी सरकार को बहुत पहले से मालूम था कि एक न एक दिन चुनाव आयोग के अंदर का यह काला खेल बाहर आएगा, जनता सड़कों पर उतरेगी और मुख्य चुनाव आयुक्त को गिरफ्तार करने की मांग करेगी!
इसीलिए बिना विपक्ष के (141 सांसदों को सस्पेंड करके) एक कानून पास कराया गया—
"चुनाव आयुक्त चाहे जो कर लें, उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जा सकता" (Section 16 CEC Act)
Election Commission | SIR | Gyanesh Kumar | Voter Roll | CEC
सवाल - संबित पात्रा आखिर ज्ञानेश चोर की तरफ़ से सफ़ाई क्यों दे रहे हैं?
जवाब - क्योंकि भारत में मालिक आम तौर पर मुश्किल में फंसे नौकरों की मदद करते हैं
: महुआ मोइत्रा का X पर ट्वीट
सारे चुनावी षडयंत्रों के पीछे नरेंद्र मोदी और अमित शाह हैं। इन दोनों की जांच होगी। यह सामान्य नहीं है। यह देशद्रोह है। भारत के संविधान पर हमला हुआ है। भारत देश पर हमला हुआ है। इस देश के प्रधानमंत्री और गृहमंत्री ने मिलकर देश के लोकतंत्र को नष्ट कर दिया है।
- राहुल गांधी
सत्ता में आते ही
- आरटीआई एक्ट कमजोर किया।
- प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट कमजोर किया।
- चुनाव आयोग को सीधा कब्जे में लिया।
- देश लूटने के लिए इलेक्टोरल बॉन्ड लाए।
- काला धन सफेद करने के लिए नोटबंदी की।
- हथियार दलाली को वैध बनाया।
- विदेशों में शेल कंपनियों पर कार्रवाई के लिए मौजूद कानून कमजोर किया।
यह पहली सरकार है जिसने आर्थिक घोटाले तो किए ही हैं, कानूनी घोटाले भी किए और लगातार संविधान को रौंदा है। इसने भ्रष्टाचार के अनेक चोर दरवाजे खोलने वाले कानून धड़ाधड़ बनाए। जनता से कहा गया कि 70 साल से पूरा भारत सो रहा था। हम सब सुधार रहे हैं।
यह ऐसी निकृष्ट, भ्रष्ट और बर्बर सरकार है जो देश को ऐसे लूट रही है जैसे ये लोग कोई आक्रांता हों और ये देश इनका है ही नहीं। लूटो और झोला उठाकर निकलो।
Live Law के अनुसार- नोएडा डीएम मेधा रूपम केस में सुप्रीम कोर्ट की बेंच बदली गई !
रोस्टर के हिसाब से जस्टिस नागरत्ना को केस की सुनवाई करनी थी लेकिन उन्हें केस नहीं दिया गया