मा.मंत्री जी @bhadoriabjp@Bisahulal4BJP@ChouhanShivraj जी आपने हम 3629 कनिष्ठ विक्रेताओं को नियुक्त तो दे दी है लेकिन नियुक्ति मिले 4 से 5 माह हो गया लेकिन अभी तक हमे 1 भी माह का वेतन नही मिला और हमे लेबर,पेट्रोल, दुकान किराया ये सब देने पड़ता है हम ये कहाँ से दें?
जांच के आदेश
ऐसी नियुक्ति का क्या मतलब हुआ माननीय जी @bhadoriabjp@Bisahulal4BJP@ChouhanShivraj जी जब सैलरी ही नही मिप रही तो इससे अच्छा तो हम सब 3629 त्यागपत्र दे दें या तो आपको नियुक्ति ही नही देंनी थी जब सेलरी नही देना चाहते है तो आप अपने अधिकारी से एक बार जानकरी तो मागे ऐसा क्यों???
मान.@bhadoriabjp जी कनिष्ठ संविदा विक्रेताओं की नियुक्ति हुए अभी 1 माह नही बीता ओर उनको इस्तीफा देने पर मजबूर कर दिया गया क्यों??
2 सालों के संघर्ष के बाद नियुक्ति मिली थी।
नवनियुक्त विक्रेताओं को मात्र 6000 सैलरी दी जा रही ह ओर इसी में से दुकान किराया,पेट्रोल,लेबर सब खर्च देने ह
मान.@bhadoriabjp जी कनिष्ठ संविदा विक्रेताओं की नियुक्ति हुए अभी 1 माह नही बीता ओर उनको इस्तीफा देने पर मजबूर कर दिया गया क्यों??
2 सालों के संघर्ष के बाद नियुक्ति मिली थी।
नवनियुक्त विक्रेताओं को मात्र 6000 सैलरी दी जा रही ह ओर इसी में से दुकान किराया,पेट्रोल,लेबर सब खर्च देने ह
समय की मांग है नवीन कनिष्ठ संविदा विक्रेताओं को अब एक बड़े आंदोलन की जरूरत है एक तरफ सरकार को 100% राशन वितरण करना है दूसरी तरफ विक्रेताओं को सैलरी ना के बराबर देना है उसमें से भी लेबर खर्च पेट्रोल खर्च दुकान कराया खर्च खुद अपनी जेब से देना है विक्रेता की बचत=0 रुपए @bhadoriabjp
मध्य प्रदेश सरकार द्वारा सहकारी समिति के नवीन कर्मचारी कनिष्ठ संविदा विक्रेताओं के साथ किया जा रहा शोषण
शासकीय उचित मूल्य दुकान के विक्रेता ने कम मानदेय देने के कारण आर्थिक तंगी से जूझते हुए दिया इस्तीफा
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