अनन्त श्रीविभूषित श्रीगोवर्द्धनमठ पुरीपीठाधीश्वर - श्रीमज्जगद्गुरू शङ्कराचार्य स्वामी निश्चलानन्द स���स्वती जी महाराज का
84वाँ प्राकट्य महोत्सव 12 जुलाई 2026 (रविवार) सुबह 11:00 बजे से
स्थल -दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टेडियम, नार्थ कैंपस, नज़दीक दिल्ली विश्वविद्यालय मेट्रो (दिल्ली)
हमारी व्यवस्था की अनुकृति करके यूरोप के देश समृद्ध बन गए हैं। भारत में fees culture का चलन बंद होना चाहिए। पूर्वकाल मे�� भारत में शिक्षा, चिकित्सा आदि की fees नहीं होती थी। जिन-जिन कारणों से विदेशों में समृद्धि है, वह उतने अंशों में शास्त्रों के अनुपालन के कारण।
@ayusharma_bh@Satyajittiwari
कल मन मे विचार आया कि इस साल जगन्नाथपुरी रथ यात्रा के दर्शन करें । हरि इच्छा हुई तो परन्तु थोड़ी सी हिचकिच��हट हो रही है कि कभी उस तरफ की यात्रा नही किया और कुछ भी जानकारी नही है। अगर कोई मार्गदर्शन करें तो अतिकृपा होगी।
इसीलिये देश को सशक्त और संप्रभु नेतृत्त्व की महती आवश्यकता है :
भारतीय नागरिकों की मौत पर पहले तो मौन साधा गया फिर हंगामा हुआ तो विरोध का संदेश दिया गया लेकिन उसपर भी अमेरिका ने कोई खेद नहीं जताया वरन् उलटा जवाब दिया है ।
ईरान ने बढ़ियाँ सुई-दवाई की इनकी ।
आज पूरा विश्व जीवित मृत्यु से ग्रस्त है। आप और हम ही नहीं विश्व के बड़े से बड़े नेता, अभिनेता सब मृत्यु के भय से ग्रसित हैं। कुछ लोग समझते हैं हम अपना धर्म बदल लेते हैं शायद मृत्यु से बच जांय। लेकिन कोई भी बच नहीं पाता। निरंतर कर्म करते रहिये, कर्मफल की आशा का त्याग कर दीजिये।
अम्बेकडर अमेरिका से भारत आया और मनु स्मृति जलायी,महाड़ आंदोलन किया , कोरेगांव आंदोलन किया ।
मोगली अमेरिका से भारत आया और फिर कश्मीर 370 वाला आंदोलन किया और cm बना ��
अभिजीत दीपके अमेरिका से भारत आया और कुछ भी आंदोलन करना।शुरू ।
स्वयं समझो कि कुछ लोग अमेरिका से आते ही आंदोलन क्यों करते है?और उनके पास ये आंदोलन की फंडिंग कहा से आती है?
साथ ही इनके आंदोलन व इनकी मार्केटिंग इतनी जल्दी कैसे हो जाती है?
इन प्रश्नों के उत्तर नेताजी सुभाष ने अम्बेकदर का उल्लेख करते हुए दिए थे कि क्रिसाई लोग आजादी की लड़ाई व हिंदुओं को कमजोर करने के लिए किसी को भी नेता बनाकर खड़ा कर देते है व सरकारी मशीनरी द्वारा उसे नेता घोषित कर प्रायोजित करते है।
उस वक्त भारत में ऐसे ये कथित समाज सुधारक व आंदोलनकारी #ABCFM प्रायोजित करता था और अब ये #acypl प्रायोजित कर रहा है।
ह जिसे प्रमोट करना आरंभ करते है
उसके इर्द गिर्द पूरा सिस्टम लगा देते है
उसके पक्ष में पूरा वातावरण बनाया जाता है
सरकारी मशीनरी, फंडिंग, मीडिया attention, सोशल मीडिया प्रमोशन , सुपारी बुध्दिजीवियों की फौज, पक्ष वाले भी paid, विपक्ष वाले भी paid
अमेरिका व इजरायल यात्रा करने वालो से देश को बचाने की जरूरत है।
Courtsey lavi Bharadwaj fb post
ज़फ़र सरेशवाला ने डेड़ महीने पहले प्रधानमंत्री जी से 14 मुस्लिम व्यक्तियों के प्रतिनिधि-मंडल के साथ मिलने की इच्छा रखी.... निर्देश हुआ कि ज़फ़र सरेशवाला और उनका मुस्लिम शिष्ठमण्डल राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार श्री अजित डोभाल से मिल ले... (डोभा��� साहब किसके प्रतिनिधि थे, यह बताने की ज़रूरत नहीं है, उनका कैबिनेट मिनिस्टर का दर्जा है और शक्तियों में वह नम्बर 2 या 3 माने जाते हैं)
देश के माने हुए 14 बेहद प्रभावी लोगों से युक्त प्रतिनिधि मण्डल ने 100 मिनट तक मुसलमानों के तमाम गिले शिकवे,अपेक्षाएं और मांगे खुल कर रखीं, अजित डोभाल का स्टाफ मुस्लिम शिष्ठमण्डल की सभी मांगों और शिकायतों को नोट कर रहा था... (लिंक नीचे)
1.प्रतिनिधि मण्डल ने बंगाल, यूपी और असम के मुख्यमंत्रियों के मुसलमानों के साथ व्यवहार की शिकायत की ...बुलडोजरों का ज़िक्र आया,अवैध मज़ारों,मस्जिदों इत्यादि को हटाने और लगातार नोटिस दिए जाने की शिकायतें कीं, मॉब लिंचिंग की शिकायत भी की गई.
2.मुसलमानों को घटती (?) सुविधाओं,शैक्षिक स्तर प�� चर्चा की गई, मुसलमानों के लिए नौकरी,रंगनाथ मिश्रा और सच्चर कमेटी की रिपोर्टों को लागू करने की बात की गई (हालांकि सच्चर कमेटी की सभी संस्तुतियां, भाजपा की सभी सरकारों ने केंद्र और राज्य में कांग्रेस सरकारों से कहीं ज़्यादा प्रभावी तरीके से लागू की है...
3.मुस्लिमों के इस प्रतिनिधि मण्डल ने मुसलमानों के लिए 500 अलग शैक्षिक संस्थान खुलवाने और आर्थिक मदद देने की मांग की ,ज़फ़र सरेशवाला ��े अनुसार अजित डोभाल ने कहा कि शैक्षिक संस्थान आप लोग खोलें, उसके लिए धन की व्यवस्था देश के दस बड़े व्यापारिक घरानों की व्यवस्था 'हम' करवा देंगे...(लिंक देखें)
4.वक्फ बोर्डों और सुप्रीमकोर्ट में चल रहे मामलों पर भी ज़फ़र सरेशवाला के शिष्ठमण्डल ने सरकार से सहानभूतिपूर्वक विचार करने की मांग रखी अवश्य होगी...
5.राज्यो के मंत्रिमंडलों में मुस्लिमों को शामिल करने की डिमांड भी निसंदेह अवश्य उठी होगी...
6.यही स्थिति सैन्यबलों में भर्ती के सम्बंध में भी है..
जैसा कि अरफ़ा शबनम शेरवानी के साथ इंटरव्यू (लिंक कमेंट बॉक्स में )ज़फ़र सरेशवाला ने बताया,इस मीटिंग के बाद ज़फ़र सरेशवाला ने साहब से मुलाकात की , गौरतलब है कि इस मीटिंग के ठीक एक सप्ताह बाद ज़फ़र सरेशवाला ने असम के मुख्यमंत्री श्री हिमंता विस्वास सरमा से लंबी मुलाकात की ! शुभेन्दु अधिकारी से भी ज़फ़र सरेशवाला जल्दी ही मिलने की उम्मीद ��र रहा है... प्रधानमंत्री के हाथ जिसके स��र पर है,उससे मिलने को कौन मना कर सकता है ?
लखनऊ के सबसे बड़े लूलू माल ,जिसका मालिक केरल का मुस्लिम है और दुबई में रहता है,...उसको भी लखनऊ में स्थापित करने में ज़फ़र सरेशवाला की भूमिका हो सकती है, योगीजी से भी ज़फ़र सरेशवाला की मुलाकात होती रही है... और लूलू माल के मालिक से भी, मीडिया में चित्र उपलब्ध हैं....
इन मुलाकातों का क्या फर्क पड़ता है,उसका उदाहरण है कि यूपी में सभी मुस्लिम तीन तलाक पीड़��त महिलाओं को मासिक भत्ता और आयुष कार्ड देने की परसों की घोषणा है...यहां तक कि असम और बंगाल में मुस्लिमों के लिए कुछ नई सुविधाओं की घोषणा होने की उम्मीद बंध गई है...
इधर हिंदुओं की स्थिति देखिये, हम इसमें ही खुश है कि इक्का दुक्का अवैध मस्जिद,दरगाह के ऊपर बुलडोजर चल जाता है,सोशल मीडिया वाले हिन्दू उन्हीं क्लिपिंग को डाल डाल कर मोदी,योगी के तराने गाते रहते हैं, मोदी ने मैलोनी को चॉकलेट पेश कर दी...इसी प्रपंच पर हम लट्टू हुए जा रहे हैं...
कुछ ''राधे राधे'' नाच-गाकर आत्ममुग्ध हैं...कुछ लड्डू गोपाल को नहला धुला, खिला कर ,शयन कराने में व्यस्त हैं... कोई निरर्थक काम हिंदुओं से छूटना नहीं चाहिए,कुछ नहीं तो 50 किलो खिचड़ी बनवा कर चौराहे पर पात्रों-कुपात्रों को फ्री खिला रहे हैं...
क्या आज तक हिंदुओं के किसी प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री इत्यादि से मिलकर अपनी चिंताओं को उन तक पहुचान��� की चेष्ठा की ? PM/CM छोड़ो...हिन्दू तो अपनी समस्याओं के लिए जिले के DM तक से मिलने की हिम्मत और इच्छा नहीं जुटा पाते हैं !
यूपी के अनेक मंन्दिरों के पुजारियों की हत्या होने की लगातार खबरें आती हैं...वृंदावन/वाराणसी इत्यादि में धर्माचार्यों,महंतों और पॉलिटिकल संतों का डेरा है...कभी योगीजी से मिलकर मंन्दिरों और पुजारियों की लगातार होती हत्याओं पर सुरक्षा या आर्थिक हर्जान��� मांगा ?
पिछले 12 वर्ष में प्रधानमंत्री की मुस्लिम प्रतिनिधिमंडलों से कम से कम 50 मुलाकातें अवश्य हुई होंगीं, वह बगैर वोट दिए... मनचाहा काम करा लेते हैं...
⚖️ A Delhi case with a powerful lesson.
——————————————
📌
Married in 2020, Shikha Singh filed a fake dowry case against her husband, Saurabh, and the legal battle dragged on for years.
The financial and emotional burden reportedly pushed her father into severe distress, eventually leading to a heart attack.
When husband Saurabh learned of his father-in-law's condition, he stepped forward, shifted him from a government hospital to Medanta, and ensured he received proper treatment.
At the next court hearing, Shikha reportedly tore up the divorce papers and reconciled with her husband.
👉The lesson?
Genuine dowry victims deserve justice, but false cases and endless litigation can destroy entire families.
Sometimes, compassion and dialogue achieve what years of court battles cannot.
❤️ Truth. Fairness. Understanding. These save relationships—not ego. ❤️
राष्ट्रोत्कर्ष दिवस
84वाँ प्राकट्य महोत्सव 12 जुलाई 2026 (रविवार) सुबह 11:00 बजे से
आयोजन स्थल -दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टेडियम, नार्थ कैंपस, नज़दीक दिल्ली विश्वविद्यालय मेट्रो (दिल्ली)
पठानकोट भास्कर के दैनिक भास्कर के 11-06-2026 एडिशन की यह खबर जरूर पढ़ें।
दैनिक भास्कर ई-पेपर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करके ऐप इंस्टॉल करें -
https://t.co/Jmm9OhLGDe
पहले मिलावटखोरी का काम माफिया करते थे लेकिन अब सरकारी स्तर पर हो रहा है | सभी जान��े है कि 1 लीटर एथेनॉल बनाने के लिए हजारों लीटर पानी खर्च होता है | गडकरी के बेटों के इथेनॉल बिजनेस के लिए करोड़ों लोगों के गाड़ियां खराब हो रही है | भविष्य म���ं भयानक जल संकट भी होने की संभावना है |
सबके हित का मार्ग प्रशस्त करेंगे तो अपने हित का मार्ग प्रशस्त होगा। इसलिए, केवल पेट और परिवार तक सीमित न रहें। कम से कम दस परिवार को जोड़ें, दस व्यक्ति को जोड़ें, एक घंटा, एक रुपया हर हिंदू परिवार से निकले और अपने क्षेत्र को बुलंद करनेमें लगें।श्रीनिश्चिलानंद सरस्वती जी महाराज।