मेहनत की कमाई से जिंदगी भर की पूंजी लगाकर लोग कार-बाइक खरीदते हैं, सपने देखते हैं।
लेकिन आज E20 पेट्रोल पंपों से गन्ने juice जैसा पीला पानी निकल रहा है।
इंजन खराब, माइलेज घटने की बात लोग ख़ुद बोल रहे है नई गाड़ियां तक बेकार हो रही हैं।
वही सुप्रीम कोर्ट में सरकार खुद कह रही कि ये ongoing experiment है, नतीजे अगले साल आएंगे।
तो क्या आम आदमी की गाड़ियां सरकार के लिए प्रयोग की लैब Experiment हैं? करोड़ों लोगों की मेहनत की कमाई और सपनों के साथ खिलवाड़ आख़िर किसके लिए ?
इतने सारे आरोप लोग लगा रहे है ! किसी के पास कोई जवाब नहीं है! और है तो हमेशा की तरह चुप्पी !
Car 24 करके एक यूट्यूब चैनल द्वारा एक वीडियो बनाया गया था 0 एथेनाल और E20 तेल डलाकर।
जिसमें साफ दिखा कि E-0 पेट्रोल से गाड़ी का एवरेज 22km/l के आसपास था और E20 पेट्रोल में 14km/l था।
लेकिन अब उन्होंने यह वीडियो गड़बड़ी मंत्री जी के दबाव में वीडियो डीलिट कर दिया है।
गडकरी जी E20 और एथेनॉल को भारत की Green Energy Revolution बता रहे हैं।
लेकिन बर्नीहाट पूछ रहा है क्या सिर्फ ईंधन बदल देने से विकास सचमुच "ग्रीन" हो जाता है?
#E20#Ethanol#GreenEnergy#Burnihat#AirPollution
जिस गर्मी में AC से बाहर लोग नहीं निकलते है उस गर्मी में विनोद जाखड़ छात्रो की लड़ाई लड़ रहा है , AC कमरों में बैठ कर अगर रीट्वीट भी नहीं कर सकते तो लाहनत है पब्लिक पर 🙏
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा चाहते हो तो रीट्वीट करते जाओ 🙏
ये Devendra Yadav है जो कि छत्तीसगढ़ के भिलाई विधानसभा से कांग्रेस के विधायक है।
जो NEET पेपरलीक के विरोध में विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।
इस दौरान पुलिस उनको रोकने का प्रयास कर रही थी जिसमें देवेंद्र यादव के कपड़े भी फट गए।
आपको बता दे Devendra Yadav कांग्रेस के पूरे देश में सबसे जुझारू विधायक में एक है जो हमेशा रोड पर लड़ते हुए दिखाई देते है।
@Devendra_1925
देश के इन हालातों के लिए इस देश की मीडिया पूरी तरह जिम्मेदार है जिसने सत्ता की एक तरफा तरफदारी की और विपक्ष और देश के मुद्दों पर सवाल करने वालों को दुश्मन की तरह पेश किया।
आज YouTube मीडिया जर्नलिस्ट तक TV मीडिया को गलत कहते और रोस्ट करते दिख जाएंगे...
आज back to back paper leak हो रहे हैं, परीक्षाएँ cancel हो रही हैं, सरकार back foot पर है, असहाय महसूस कर रही है, मगर TV मीडिया और उनके so called बड़े anchors इस दर्द को अपना दर्द मानकर सरकार को बचाने के लिए बौखलाहट में कुछ भी बयान दे रहे हैं।नैतिकता भी कोई चीज़ होती है....
जैसा अंजना ने इस व्यवस्था में सबसे बड़ा दोषी YouTube Teachers को बता दिया और 2 कौड़ी तक का कह दिया.....यदि किसी व्यक्ति विशेष से असहमति थी तो उसका नाम लेकर आलोचना करती।
इसके लिए India Today @aroonpurie को और अंजना को सार्वजनिक स्पष्टीकरण और माफ़ी जारी करनी चाहिए, India Today के हर platform का boycott होना चाहिए और किसी भी शिक्षक को कभी वहाँ नहीं जाना चाहिए।
हमें 2 कौड़ी का कह देना उन छात्र समुदाय के दिल पर भी आघात है जो हमें गुरु मानते हैं...
अगर आज आप अपने घर में पढ़ रहे बच्चों से... सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे बच्चों से पूछेंगे, तो हमारे योगदान को आपको बता पाएंगे...
पिछले 10 वर्षों से गणित पढ़ाने के साथ मैं बेरोज़गारी, भर्ती प्रक्रिया की खामियों, पेपर लीक और छात्रों के अधिकारों की लड़ाई भी लड़ रहा हूँ।
BJP सरकार ने भर्ती परीक्षाओं को धन उगाही का जरिया बना दिया है. एक भी परीक्षा बिना धांधली के नहीं हो रही है.
आज यूपी के प्रयागराज में लेखपाल भर्ती में हुई धांधली के विरोध में युवा सड़कों पर उतरे हैं.
इन युवाओं का साफ संदेश है- BJP सरकार की धांधली को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
NEET। CBSE। SSC। और आज CUET।
चार परीक्षाएँ। एक करोड़ बच्चे। एक भी ईमानदारी से नहीं हो पाई।
दावे "विश्वगुरु" के, मगर देश में एक परीक्षा नहीं करवा सकते - मोदी जी ने पूरी शिक्षा व्यवस्था तबाह कर दी है।
जिस पीढ़ी का भविष्य आप बर्बाद कर रहे हैं - वही पीढ़ी आपका हिसाब करेगी।
अगर शिक्षा मंत्री को पेपर लीक रोकने के लिए रक्षा मंत्री और वायुसेना का सहारा लेना पड़ रहा हो,
इससे ज्यादा गंभीर बात क्या हो सकती है?
यह अपने आप में स्वीकारोक्ति है कि परीक्षा सुरक्षा व्यवस्था बुरी तरह विफल हो चुकी है।
इसीलिए अब इनसे शिक्षा मंत्रालय लेकर किसी ऐसे व्यक्ति को देना चाहिए,
जो शिक्षा, भर्ती और परीक्षा प्रणाली को प्राथमिकता समझता हो|
@narendramodi
LIVE Movie on Abhinay Maths Youtube Channel [09:00pm]
Name : पेपर लीक उद्योग - आखिर कब तक?
दोस्तों,
यह live किसी सरकार, किसी पार्टी या किसी एक आयोग के खिलाफ नहीं है| यह उन करोड़ों युवाओं की आवाज़ है जो वर्षों से तैयारी कर रहे हैं और वहीं खड़े हैं |
हर कुछ महीनों में कोई नया paper leak,
कोई नया exam scam,
कोई नया recruitment controversy सामने आ जाती है।
SSC, Railway, Police, Teacher Recruitment, State PCS, NEET, CUET...
नाम बदलते रहते हैं,
लेकिन पीड़ा वही रहती है।
मैं आप सबसे अनुरोध करता हूँ -
अगर आपके पास किसी भी परीक्षा से जुड़े दस्तावेज़, सबूत, RTI, court order, technical loopholes, suspicious result patterns, centre level cheating, normalization issues या किसी भी प्रकार की तथ्यात्मक जानकारी है, तो उसे हमें 6395993599 नंबर पर भेजिए ।
क्योंकि सच यह है कि केवल वीडियो बनाने, ट्वीट करने या TV debates करने से समस्या खत्म होती नहीं दिख रही।
अब देश को solutions चाहिए।
क्या हो सकता है?
क्या Government-owned CBT Infrastructure बन सकता है?
क्या Exam Agencies की Third Party Audit होनी चाहिए?
क्या Result Process पूरी तरह Transparent होनी चाहिए?
क्या Paper Leak को आर्थिक अपराध और राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़कर देखा जाना चाहिए?
क्या भर्ती में देरी के लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए?
आज चर्चा सिर्फ समस्या पर नहीं होगी।
आज चर्चा होगी -
"भारत की परीक्षा व्यवस्था को कैसे बचाया जाए?"
क्योंकि दांव पर सिर्फ लाखों छात्रों का भविष्य नहीं है.....दांव पर आने वाले भारत है।
अगर भर्ती व्यवस्था कमजोर होगी,
तो कल पुलिस, प्रशासन, शिक्षा, सुरक्षा और व्यवस्था में कौन लोग पहुंचेंगे?
इसलिए यह लड़ाई किसी एक परीक्षा की नहीं...
पूरे राष्ट्र की क्षमता और ईमानदारी की लड़ाई है।
मंत्री जी ! सिपाही था तो कर दिया,बड़ा आदमी होता तो आपकी हैसियत नहीं होती इस बदतमीजी की। गर्मी में सिपाही ने AC चला लिया तो गुनाह हो गया? कैमरे पर उसकी नुमाइश चल रही है।
CM @BhajanlalBjp जी! अपने मंत्री का तरीक़ा तो देख लिया होगा, सिपाही के साथ ऐसा व्यवहार कर रहे हैं तो जनता ?
ये नॉर्मलाइजेशन का फॉर्मूला है या कोई जादू की छड़ी?
रातों-रात 92% की मेरिट लिस्ट तैयार कर दी गई और किसी बच्चे को पता तक नहीं चला कि किस आधार पर नंबर बढ़े या घटे!
आयोग से हमारी सीधी मांग है: बच्चों का असली स्कोरकार्ड और डेटा तुरंत सार्वजनिक करें। 🙏
@myogiadityanath@UPGovt
#UPSI_GIVE_SCORECARD #UPSI_GIVE_NORMALISATION_DATA
UPSI 2025 की परीक्षा संपन्न होने के बाद अभ्यर्थी एक अत्यंत अनिश्चित दौर से गुजर रहे हैं। Final Answer Key जारी हो चुकी है, लेकिन व्यक्तिगत Score Card के अभाव में छात्रों के बीच भारी असंतोष और मानसिक तनाव व्याप्त है। किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता इस बात पर निर्भर करती है कि अभ्यर्थी को उसके वास्तविक अंकों (Raw Score) और Normalization के बाद हुए बदलावों की सटीक जानकारी हो। बिना स्कोर कार्ड के यह समझना असंभव है कि चयन प्रक्रिया का आधार क्या है, जिससे छात्रों में भर्ती बोर्ड की कार्यप्रणाली को लेकर संशय बढ़ता हैं ।
अतः प्रदेश सरकार से सादर अनुरोध है कि छात्र हित को सर्वोपरि रखते हुए अविलंब आधिकारिक पोर्टल पर व्यक्तिगत स्कोर कार्ड अपलोड किया जाए। पारदर्शिता ही लोकतंत्र और निष्पक्ष भर्ती की पहचान है। युवाओं के धैर्य की परीक्षा न लें और उन्हें उनके परिश्रम का स्पष्ट परिणाम देखने का अवसर दें।
#UPSI_GIVE_SCORECARD #UPSI_GIVE_NORMALISATION_DATA
@upprpb@myogiadityanath@dgpup