EX Youth District President Of RLD Baghpat || Engineer || Following the ideology of Chaudhary Charan Singh Ji & Ch. Ajit Singh Ji || Soldier of @jayantrld ||
यह व्यक्ति लगातार जातिवादी सोच और बयानबाज़ी के लिए जाना जाता है। इसी सोच और रवैये का खामियाजा आखिरकार एनएसयूआई के पूरे पैनल को भुगतना पड़ा। राजनीति में जाति से ऊपर उठकर सभी को साथ लेकर चलना चाहिए, क्योंकि छात्र राजनीति का आधार विचार, मुद्दे और नेतृत्व होना चाहिए—जातिवाद नहीं।
समान अवसर, समान अधिकार और सबका सम्मान-यही समरस समाज और विकसित राष्ट्र की मजबूत नींव है।
मुस्तफ़ाबाद पचैण्डा, मुज़फ्फरनगर में विशाल समरसता सम्मेलन को संबोधित करते हुए भारत रत्न बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी को नमन किया और उनके विचारों को स्मरण किया।
डॉ. भीमराव अंबेडकर जी और चौधरी चरण सिंह जी का मानना था कि राष्ट्र की प्रगति तभी संभव है, जब समाज के प्रत्येक व्यक्ति को समान अवसर, सम्मान और अधिकार मिलें। इसी भावना के साथ संविधान के मूल्यों, सामाजिक न्याय और समान अवसर के संकल्प को साकार करने के लिए राष्ट्रीय लोकदल प्रतिबद्ध है।
दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों का दिल से शुक्रिया।
निर्दलीय होकर लड़ना आसान नहीं था, लेकिन आपने साबित कर दिया कि छात्र संगठनों से ऊपर छात्रों का भरोसा होता है।❤️
ये जीत मेरी नहीं, हर उस विद्यार्थी की है जो कैम्पस में असली मुद्दों की बात करना चाहता था।
अब जिम्मेदारी और बड़ी हो गई है। हर छात्र की आवाज़ बनूंगा।🙏
इंक़लाब साथियों, जय हिंद। जय दिल्ली विश्वविद्यालय।
#DUSU2026 #VicePresident 🙏
गाँव पाबला में भादो छठ मेले के पावन अवसर पर आयोजित भव्य दंगल में शामिल होकर पहलवानों का उत्साहवर्धन किया। 🤼♂️
दंगल हमारी ग्रामीण संस्कृति, खेल भावना और आपसी भाईचारे की शानदार परंपरा का प्रतीक है। इस अवसर पर क्षेत्र के सभी सम्मानित बुजुर्गों, युवाओं और ग्रामीण साथियों से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद एवं स्नेह प्राप्त हुआ।
पाबला की धरती पर खेल, संस्कृति और भाईचारे की यह परंपरा यूँ ही मजबूत होती रहे।
जय हिंद 🇮🇳
जय किसान 🌾
जय पहलवान 🤼♂️
#pabla
@jayantrld
गाँव पावला में गुर्जर सम्राट मिहिर भोज जी की जयंती के अवसर पर अपने सभी युवा साथियों से मुलाकात की और क्षेत्र के सामाजिक एवं राजनीतिक विषयों पर सार्थक चर्चा की।
इस अवसर पर सभी साथियों से राष्ट्रीय लोकदल को बूथ स्तर तक मजबूत करने और संगठन को नई ऊर्जा देने का संकल्प लिया। हमारा प्रयास रहेगा कि हर वर्ग, हर समाज और हर युवा साथी को साथ लेकर आगे बढ़ें और किसान, मजदूर, युवा तथा आमजन की आवाज को मजबूती से उठाएं।
संगठन की ताकत हमारी एकता में है और हमारा संकल्प है—सबको साथ लेकर चलना, संगठन को मजबूत करना और क्षेत्र के सम्मान के लिए निरंतर संघर्ष करना।
#मिहिरभोज #जयंती #राष्ट्रीयलोकदल #RLD #युवा_शक्ति #एकता #पावला @jayantrld
मायावती ने फैसला कर लिया 👇
उनके भाई के दोनों बेटों को पार्टी में कुछ नहीं मिलेगा. आकाश और ईशान का चैप्टर अभी के लिए क्लोज.
भाई की बेटी दीपिका आनंद के फिलहाल चांस बने हुए हैं. वकालत की पढ़ाई करने वाली दीपिका को लेकर मायावती पॉजिटिव हैं.
आज एम्बियंस ग्लोबल पब्लिक स्कूल, सुनहेरा (बागपत) में आयोजित प्रतिष्ठित CBSE कबड्डी क्लस्टर (बालक) 2026 के उद्घाटन समारोह में शामिल होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
CBSE द्वारा 100+ टीमों की इस राष्ट्रीय स्तर की कबड्डी प्रतियोगिता की मेजबानी बागपत को मिलना, हमारे जनपद के लिए गौरव का विषय है। इसके लिए विद्यालय के चेयरमैन श्री रामकिशन शर्मा जी एवं समस्त प्रबंधन को हार्दिक बधाई।
@jayantrld
#rld
#jayantchaudhary
भारत के पूर्व प्रधानमंत्री एवं किसानों के मसीहा चौधरी चरण सिंह जी केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि उस भारत की आवाज़ थे जो खेतों में पसीना बहाता था, गाँवों में रहता था और देश की अर्थव्यवस्था को अपनी मेहनत से मजबूत करता था।
उन्होंने सत्ता को कभी अपने स्वार्थ का माध्यम नहीं बनाया। उनका जीवन किसान, मजदूर, गरीब और ग्रामीण समाज के सम्मान और अधिकारों के लिए समर्पित रहा।
चौधरी साहब का स्पष्ट विश्वास था कि जिस देश का किसान मजबूत होगा, वही देश वास्तव में मजबूत होगा। उन्होंने किसानों को केवल वोट बैंक नहीं, बल्कि राष्ट्र की रीढ़ माना।
आज जब हम आधुनिक भारत की बात करते हैं, तब भी चौधरी चरण सिंह जी के विचार उतने ही प्रासंगिक हैं—
किसान का सम्मान, गाँव का विकास और मेहनतकश इंसान का अधिकार।
उनकी विचारधारा हमारे लिए केवल इतिहास नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक जिम्मेदारी है।
चौधरी चरण सिंह अमर रहें।
किसान एकता जिंदाबाद।
गाँव, गरीब और किसान का सम्मान—देश का सम्मान। 🇮🇳🌾 @jayantrld
चौधरी चरण सिंह जी — किसान से प्रधानमंत्री तक
चौधरी चरण सिंह जी की कहानी केवल एक राजनेता के प्रधानमंत्री बनने की कहानी नहीं है। यह उस भारत की कहानी है, जिसकी असली तस्वीर बड़े शहरों की सड़कों पर नहीं, बल्कि गांव की पगडंडियों, खेत की मेड़ों और किसान के पसीने में दिखाई देती थी।
23 दिसंबर 1902 को उत्तर प्रदेश की धरती पर जन्मे चौधरी चरण सिंह जी का जीवन ग्रामीण भारत की वास्तविकताओं के बीच शुरू हुआ। साधारण किसान परिवार से निकलकर उन्होंने शिक्षा प्राप्त की, कानून पढ़ा और स्वतंत्रता आंदोलन के दौर में सार्वजनिक जीवन में प्रवेश किया। लेकिन उनकी राजनीति की दिशा बहुत स्पष्ट थी—जिस भारत की अर्थव्यवस्था का बड़ा आधार खेती है, उस भारत के किसान को राजनीतिक और आर्थिक व्यवस्था में सम्मानजनक स्थान मिलना चाहिए।
उत्तर प्रदेश की राजनीति में रहते हुए उन्होंने भूमि व्यवस्था और किसानों के अधिकारों से जुड़े सवालों को गंभीरता से उठाया। जमींदारी उन्मूलन और भूमि सुधारों से जुड़े कानूनों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। 1950 के उत्तर प्रदेश जमींदारी उन्मूलन एवं भूमि सुधार कानून और 1953 के चकबंदी कानून को उनकी किसान-केंद्रित नीतिगत विरासत के महत्वपूर्ण उदाहरणों में गिना जाता है।
उनकी सोच केवल जमीन के मालिकाना हक तक सीमित नहीं थी। वे ग्रामीण ऋण, छोटे किसान, खेतिहर मजदूर, कृषि लागत, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसान की आर्थिक स्वतंत्रता जैसे विषयों को भी देखते थे। उनका मानना था कि अगर किसान आर्थिक रूप से कमजोर रहेगा तो गांव मजबूत नहीं हो सकता और अगर गांव मजबूत नहीं होगा तो भारत की अर्थव्यवस्था की नींव कमजोर रहेगी।
चौधरी चरण सिंह जी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में भी काम किया और केंद्र में कृषि सहित कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। अंततः 1979 में वे भारत के पांचवें प्रधानमंत्री बने। प्रधानमंत्री के रूप में उनका कार्यकाल छोटा रहा, लेकिन उनकी राजनीतिक पहचान किसी एक पद की अवधि से कहीं बड़ी थी।
उनकी सबसे बड़ी पहचान यह रही कि उन्होंने किसान को केवल चुनाव के समय याद किए जाने वाले वर्ग के रूप में नहीं देखा। उनके लिए किसान भारत की आर्थिक संरचना का महत्वपूर्ण आधार था।
उनकी राजनीति में गांव केवल एक भौगोलिक जगह नहीं था—गांव भारत की आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था, सामाजिक जीवन और राष्ट्रीय विकास की बुनियादी इकाई था।
इसीलिए चौधरी चरण सिंह जी की विरासत को समझना केवल उनके पदों को गिनना नहीं है। उनकी विरासत को समझने के लिए उस किसान को समझना होगा जो सुबह सूरज निकलने से पहले खेत में जाता है, उस मजदूर को समझना होगा जो अपनी मेहनत से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को चलाता है और उस गांव को समझना होगा जिसके विकास के बिना भारत का संतुलित विकास अधूरा है।
चौधरी चरण सिंह जी का सार्वजनिक जीवन इसी विचार की एक लंबी यात्रा था—खेत से विधानसभा तक, विधानसभा से संसद तक और संसद से प्रधानमंत्री पद तक।
और शायद यही उनकी सबसे बड़ी राजनीतिक पहचान थी कि पद बदलते रहे, परिस्थितियां बदलती रहीं, लेकिन गांव और किसान उनके राजनीतिक चिंतन के केंद्र में बने रहे। @jayantrld
📍सहारनपुर
#स्वाभिमान_रैली_रामपुर_मनिहारन
सहारनपुर के रामपुर मनिहारन में 3 सितंबर को जयंत चौधरी जी की स्वाभिमान रैली के लिए दर्जन भर गांवों में जनसंपर्क कर रैली को ऐतिहासिक बनाने के लिए जनसंपर्क किया |
@jayantrld
किसी भी राजनीतिक दल की सबसे बड़ी ताकत उसके कार्यकर्ता होते हैं। अपने परिश्रम, धैर्य और समर्पण से वे निरंतर पार्टी की विचारधारा को जन-जन तक पहुँचाते हैं और समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने का कार्य करते हैं।
आज लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में हमारे समर्पित कार्यकर्ताओं एवं उपस्थित जनसमूह के साथ आत्मीय संवाद का अवसर मिला।
इस अवसर पर श्री बी.के. शुक्ला जी एवं उनके साथियों का राष्ट्रीय लोकदल परिवार में स्वागत करने का भी अवसर मिला।
हमारा संकल्प है कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक अपनी पहुँच और संवाद को मजबूत करेंगे और हर परिस्थिति में चौधरी चरण सिंह जी की सम्मान और मर्यादा की राजनीति के मार्ग पर चलते रहेंगे।
आज उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री @myogiadityanath जी से आत्मीय भेंट का अवसर मिला। इस दौरान प्रदेश के विकास और जनहित से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक एवं सकारात्मक चर्चा हुई।
Hey @grok UP में टोटी चोर नेता कौन है,
यानि कि टोटी चोर से किस नेता को सम्बोधित किया जाता है,
यानि कि टोटी चोर कहते ही कौन सा नेता और उसके समर्थक समझ जाते हैँ कि उसी की बात हो रही है,
Hey @grok UP में चवन्नी छाप नेता कौन है,
यानि कि चवन्नी से किस नेता को सम्बोधित किया जाता है,
यानि कि चवन्नी कहते ही कौन सा नेता और उसके समर्थक समझ जाते हैँ कि उसी की बात हो रही है,